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यूपीआई एमडीआर शुल्क विरोध: इंदौर के व्यापारी मनाएंगे ‘नो यूपीआई डे’

इंदौर के व्यापारी अगले माह से यूपीआई पर लागू हो रहे एमडीआर शुल्क के विरोध में ‘नो यूपीआई डे’ मनाएंगे। यह देश का पहला शहर होगा जहां व्यापारी इस शुल्क के विरोध में सड़कों पर उतरे हैं। टाइल्स व सेनेटरी व्यापारी एसोसिएशन ने मशाल रैली निकाली। अहिल्या चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री से जुड़े सवा सौ व्यापारी संगठन विरोध में शामिल हो रहे हैं। यूपीआई लेनदेन में इंदौर प्रदेश में पहले और देश में 21वें स्थान पर है। विशेषज्ञ एमडीआर शुल्क को उपभोक्ता और निवेशक दोनों के लिए महंगा बता रहे हैं। जबलपुर में भी 23 सितंबर को ‘नो यूपीआई डे’ मनाया जाएगा।

मध्य प्रदेश में यूपीआई शुल्क के विरोध में व्यापारियों का ‘नो यूपीआई पेमेंट डे’

मध्य प्रदेश में व्यापारी संगठन गुरुवार को यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित शुल्क के विरोध में ‘नो यूपीआई पेमेंट डे’ मनाएंगे। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने प्रदेशभर के व्यापारियों से इस अभियान में शामिल होने की अपील की है। व्यापारी दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित 0.4% एमडीआर शुल्क का विरोध कर रहे हैं, जिसे 15 अक्टूबर से लागू किया जाना है। व्यापारियों का कहना है कि इससे कारोबार की लागत बढ़ेगी, विशेषकर थोक किराना, सराफा और वाहन कारोबार जैसे क्षेत्रों में जहां अधिकांश लेन-देन दो हजार रुपये से अधिक के होते हैं।

भोपाल के व्यापारियों ने यूपीआई पर एमडीआर के खिलाफ किया प्रदर्शन

भोपाल के व्यापारियों ने 15 अक्टूबर से यूपीआई भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू करने के केंद्र सरकार के फैसले का विरोध किया। उन्होंने ‘नो-यूपीआई डे’ मनाते हुए दुकानों पर लगे क्यूआर कोड को काले कपड़े से ढंका और ग्राहकों से नकद या अन्य बैंकिंग माध्यमों से भुगतान का आग्रह किया। इससे डिजिटल लेन-देन में कमी आई। भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और कैट जैसे व्यापारिक संगठनों ने एमडीआर व्यवस्था तुरंत वापस लेने की मांग की है, इसे व्यापारियों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ बताया और डिजिटल इंडिया अभियान पर नकारात्मक प्रभाव की आशंका जताई।

भोपाल में थोक दाल-चावल व्यापारियों द्वारा ‘नो-यूपीआई डे’ का पालन

भोपाल के थोक दाल-चावल व्यापारी गुरुवार को ‘नो-यूपीआई डे’ मना रहे हैं, जिसके तहत वे 2,000 रुपए से अधिक के ऑनलाइन भुगतान स्वीकार नहीं करेंगे। यह सांकेतिक प्रदर्शन 15 अक्टूबर से प्रस्तावित यूपीआई एमडीआर चार्ज के विरोध में है, जिसके तहत 2,000 रुपए से अधिक के भुगतान पर 0.4% शुल्क लगेगा, जो 75,000 रुपए से अधिक के लेनदेन पर अधिकतम 300 रुपए होगा। व्यापारियों का कहना है कि इससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। भोपाल किराना व्यापारी महासंघ और चावल-दाल व्यापारी संघ ने सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की अपील की है।

चंद्रनाथ रथ हत्याकांड: सीबीआई ने 11 आरोपियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में सीबीआई ने 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें दो भाजपा कार्यकर्ता भी शामिल हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान युद्ध के जल्द समाप्त होने का दावा किया और हथियारों की कमी के दावों को खारिज किया। सुरक्षा एजेंसियों को पीओके चुनावों के बीच भारत में बड़े आतंकी हमले की साजिश की जानकारी मिली है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर आज से केवल डाक कांवड़ को अनुमति है। कुल्लू में 2,183 छात्रों ने स्नातक प्रथम वर्ष में दाखिला लिया। जीटीआरआई ने भारत को यूपीआई नीतियों पर अमेरिकी दबाव से बचने की सलाह दी।

यूपीआई भुगतान पर कर प्रस्ताव से खुदरा बाजार चिंतित, थोक बाजार को नकदी बढ़ने की उम्मीद

सरकार के यूपीआई भुगतान पर कर लगाने के प्रस्ताव से खुदरा बाजार और व्यापारियों में चिंता है। उनका मानना है कि त्योहारों से पहले यह नियम लागू होने पर बिक्री प्रभावित होगी। हालांकि, थोक बाजार इसे नकदी व्यापार बढ़ाने के अवसर के रूप में देख रहा है। वित्त विश्लेषकों के अनुसार, यह कदम उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति घटाएगा और यूपीआई का उपयोग कम करेगा, जिससे ऑनलाइन खरीदारी भी प्रभावित होगी। व्यापारियों का कहना है कि इससे उनकी व्यावसायिक लागत बढ़ेगी और अंततः बोझ उपभोक्ताओं पर ही आएगा।