जबलपुर स्थित गन कैरिज फैक्ट्री द्वारा निर्मित स्वदेशी धनुष तोप को और अधिक घातक बनाया जा रहा है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में सफलता के बाद, इसके आधुनिक संस्करण की पहली खेप में 12 तोपें तैयार की जा रही हैं, जबकि सेना को कुल 62 आधुनिक तोपें देने का लक्ष्य है। इसकी मारक क्षमता 38 से बढ़ाकर 44-46 किलोमीटर की जाएगी और यह 52 कैलिबर में होगी। तकनीकी आत्मनिर्भरता बढ़ाते हुए इजराइली चिप्स की जगह भेल निर्मित चिप्स का उपयोग किया जाएगा, जिसमें उन्नत तकनीकें शामिल होंगी। यह दूरी, सटीकता, तकनीक और स्वदेशीकरण के मोर्चों पर भारतीय सेना की क्षमता बढ़ाएगी।
स्क्वाड्रन लीडर भावना कंठ भारतीय वायु सेना की पहली महिला फाइटर पायलट बन गई हैं, जिन्होंने फाइटर कॉम्बैट लीडर (FCL) कोर्स सफलतापूर्वक पूरा किया है। ग्वालियर में टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (टीएसीडीई) में 20 सप्ताह के इस कठिन कोर्स को उन्होंने पूरा किया। कंठ ने एसयू-30 उड़ाने से पहले मिग-21 बाइसन का संचालन किया है। उनकी अन्य उपलब्धियों में 2021 में गणतंत्र दिवस परेड में पहली महिला फाइटर पायलट के रूप में हिस्सा लेना और 2024 के गणतंत्र दिवस फ्लाईपास्ट में उड़ान भरना शामिल है। यह उनकी सैन्य करियर में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।