भोपाल में अतिथि विद्वानों का नियमितीकरण और नौकरी में स्थायित्व की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन 3 अक्टूबर तक स्थगित कर दिया गया है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार को समस्या समाधान के लिए समय दिया है। यदि 3 अक्टूबर तक ‘फॉलन आउट’ प्रक्रिया रोकने और नीति बनाने पर ठोस फैसला नहीं हुआ, तो 4 अक्टूबर से प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू होगा। अतिथि विद्वानों ने मंत्री इंदर सिंह परमार के सुझाव पर ‘विद्वान जनता पार्टी’ बनाकर चुनाव लड़ने पर भी विचार करने की बात कही है। उच्च शिक्षा आयुक्त से मांगों पर चर्चा हुई है।