मध्य प्रदेश में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा इंटरनेट मीडिया पर वर्दी में डाली जा रही पोस्ट सिविल सेवा आचरण संहिता का उल्लंघन कर रही हैं। डीजीपी कैलाश मकवाणा की नसीहत के बावजूद निगरानी तंत्र के अभाव में इस पर रोक नहीं लग पा रही है। नेहा पच्चीसिया, अंकिता मिश्रा और विवेकानंद तिवारी जैसे कई मामले सामने आए हैं जिन पर कार्रवाई भी हुई है। उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों ने सोशल मीडिया पॉलिसी बनाई है, जबकि अन्य राज्यों ने सख्ती से इस पर रोक लगाई है। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, पुलिस की छवि धूमिल होने पर ही कार्रवाई की जाती है।
इंदौर में शुक्रवार को पश्चिम क्षेत्रीय समन्वय बैठक आयोजित होगी, जिसमें मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, गोवा और कुछ केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक शामिल होंगे। इस बैठक में आंतरिक सुरक्षा, सिंहस्थ-2028, नासिक कुंभ-2027, साइबर अपराध और महिलाओं के विरुद्ध अपराध जैसे विभिन्न विषयों पर चर्चा की जाएगी। मुख्य रूप से ड्रग्स माफिया और नशे के अवैध कारोबार पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, क्योंकि ‘नशामुक्त भारत’ इस बैठक का प्रमुख विषय है।