भोपाल में मुख्यमंत्री निवास के 500 मीटर के सुरक्षा घेरे में निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहाँ पुलिस के केवल दो कैमरे ही सक्रिय हैं। पॉलिटेक्निक चौराहे से राजा भोज सेतु तक कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कैमरे बंद या हटा दिए गए हैं, जिससे वारदात के बाद इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाने में पुलिस को चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। पूर्व मुख्यमंत्री के आवास के सामने कार तोड़फोड़ और सीएम हाउस से 200 मीटर दूर फायरिंग जैसी घटनाओं में आरोपित अब तक फरार हैं।
मुंबई पुलिस ने वीवीआईपी कोटे से रेल टिकट कन्फर्म कराने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस मामले में कपड़ा व्यापारी अमरीश ठक्कर सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरोह राज्यपाल के एडीसी, मंत्रियों और वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों के फर्जी लेटरहेड का उपयोग कर 400 से अधिक टिकट कन्फर्म करा चुका था। अमरीश के अधीन 200 एजेंट देशभर में सक्रिय थे। भारतीय रेलवे द्वारा लोक भवन से संपर्क करने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ, जिसके बाद जांच शुरू की गई।