भोपाल मास्टर प्लान 2047 के नए ड्राफ्ट में आवासीय क्षेत्रों में चल रही अवैध व्यावसायिक गतिविधियों को शर्तों के साथ नियमित करने का प्रस्ताव है। धारा 15.38.1 के तहत, मास्टर प्लान प्रारूप के प्रकाशन से पहले से संचालित, व्यावसायिक दर पर संपत्ति कर जमा करने वाले और कमर्शियल बिजली कनेक्शन वाले प्रतिष्ठानों को वैध किया जा सकेगा। यह 1995 के मास्टर प्लान के विपरीत है, जिसमें ऐसी गतिविधियों को स्थानांतरित करने का प्रावधान था। विशेषज्ञों ने सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बावजूद इस प्रस्ताव पर सवाल उठाए हैं, खासकर अनधिकृत कॉलोनियों और प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को छूट नहीं मिलेगी।
इंदौर के 56 दुकान क्षेत्र में एक आठ फीट चौड़े पैदल पुल पर अतिक्रमण कर दुकानें लगा दी गई हैं, जहां कपड़े, इमिटेशन ज्वेलरी और जूते जैसे सामान बेचे जा रहे हैं। ग्राहकों की भीड़ के कारण राहगीरों को चलने में दिक्कत हो रही है। पहले सड़क पर सामान बेचने वाले दुकानदारों को नगर निगम ने हटाया था, जिसके बाद उन्होंने पैदल पुल को अस्थायी दुकान के लिए चुना। नगर निगम को इस नए प्रकार के अतिक्रमण की जानकारी नहीं थी।