भोपाल की जनसुनवाई में कई शिकायतें दर्ज की गईं। खोकरिया गांव के नर्मदा प्रसाद ने बताया कि वे 26 साल से रह रहे हैं, फिर भी उनका नाम स्वामित्व योजना में शामिल नहीं किया गया। एडीएम सुमित पांडे ने जांच के आदेश दिए। वहीं, ग्राम पंचायत अगरिया के सरपंच सुनील कुमार ने पंचायत सचिव हेम सिंह राजपूत पर विकास कार्यों में लापरवाही का आरोप लगाकर इस्तीफा दे दिया, जिसकी जांच जिला पंचायत सीईओ इला तिवारी को सौंपी गई है। बैरसिया निवासी मोहम्मद जुनैद ने पत्नी को वापस लाने की गुहार लगाई। कुल 153 शिकायतें दर्ज हुईं। आयुष इंटर्न डॉक्टरों ने एमपी में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग की।
इंदौर में सरकारी जमीन पर कब्जा कर अवैध कॉलोनियां बसाने वालों के खिलाफ प्रशासन अब अभियान तेज करेगा। कलेक्टर शिवम वर्मा ने टीएल बैठक में अधिकारियों को अतिक्रमण हटाने और अवैध कॉलोनियों पर प्रभावी रोक लगाने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कार्रवाई के बाद दोबारा कब्जा न होने और अवैध कॉलोनियों के विकासकर्ताओं पर भी कार्रवाई के आदेश दिए। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के संतोषजनक समाधान और फायर सेफ्टी निरीक्षण के भी निर्देश दिए गए। लापरवाही मिलने पर आईडीए के संपदा अधिकारी व वर्ग-2 का पांच दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए।
निर्वाचन आयोग ने अपना ईसीआईनेट डिजिटल प्लेटफॉर्म 22 जनवरी 2026 से प्रारंभ किया है, जिसके माध्यम से मतदाता सूची में नाम खोजना, जोड़ना और आवेदन की स्थिति जानना आसान हो गया है। इस प्लेटफॉर्म पर मतदाता पहचान पत्र से संबंधित कार्य और आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत भी की जा सकती है। ईसीआईनेट मतदाता पंजीकरण, डिजिटल मतदाता परिचय पत्र डाउनलोड और शिकायत निवारण सहित मतदाताओं, चुनाव अधिकारियों तथा राजनीतिक दलों के लिए सभी प्रमुख सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराता है, जिससे अलग-अलग ऐप डाउनलोड करने की आवश्यकता समाप्त हो गई है।
दैनिक भास्कर ऐप का ‘भास्कर समाधान’ मंच इंदौर की जनसमस्याओं के निवारण में प्रभावी सिद्ध हो रहा है। हाल ही में, वार्ड 5 के दामोदर नगर में टूटी ड्रेनेज लाइन से सड़क पर गंदे पानी के बहाव की शिकायत का समाधान किया गया। प्रभारी दरोगा विनीत बोयत ने संज्ञान लेकर कार्रवाई सुनिश्चित की, जिससे क्षेत्रवासियों को राहत मिली। इसी तरह, वार्ड 48 में जलभराव की समस्या का भी पार्षद विजयलक्ष्मी ए. गौहर द्वारा निराकरण किया गया। हालांकि, अनुराग नगर, भंवरासला, ओमेक्स सिटी और गोरी नगर में अभी भी कई शिकायतें लंबित हैं, जिन पर कार्रवाई अपेक्षित है।
मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 की शुरुआत 7 अगस्त से होगी, जिसके तहत हर शुक्रवार को अधिकारियों की टीम गांवों में पहुंचेगी। यह अभियान 3 जनवरी 2027 तक चलेगा और इसका उद्देश्य शिकायतों का मौके पर समाधान करना तथा सरकारी योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करना है। उज्जैन की ग्राम पंचायत खेमासा से शुरू होने वाले इस अभियान का नेतृत्व कलेक्टर रौशन कुमार सिंह करेंगे। यह पिछले जवाबदेही अभियान का अगला चरण है, जिसमें सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी के लंबित मामलों की समीक्षा की जाएगी। प्रशासन को उम्मीद है कि इससे उज्जैन में बढ़ रही शिकायतों का बोझ कम होगा।
मध्य प्रदेश में सात अगस्त से जनविश्वास अभियान शुरू होगा, जिसके तहत विकास कार्यों का निरीक्षण, जनशिकायतों का निराकरण और विभागीय राजनीतिक नियुक्तियों की समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर जिलों में लंबित नियुक्तियों का आकलन होगा। कई विभागों में अभी भी नियुक्तियां अधूरी हैं, जबकि मुख्यमंत्री ने पूर्व में एक माह और फिर 15 दिनों में प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए थे। अभियान के दौरान इन लंबित नियुक्तियों की समीक्षा की जाएगी और मुख्यमंत्री कार्यालय पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगा ताकि विभागीय समितियां सक्रिय होकर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में भूमिका निभा सकें।
मध्य प्रदेश में 7 अगस्त से ‘मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान’ शुरू होगा, जिसका पहला जिला स्तरीय ‘समाधान कार्यक्रम’ छिंदवाड़ा में आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं CM हेल्पलाइन में दर्ज चुनिंदा शिकायतों की समीक्षा करेंगे। CM कार्यालय ने अधिकारियों को शिकायतों का वास्तविक निपटारा सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं। 3 अगस्त तक 20-25 शिकायतें चुनी जाएंगी, जिनकी समाधान रिपोर्ट 5 अगस्त तक ‘CM हेल्पलाइन पोर्टल’ पर अपलोड होगी। मुख्यमंत्री 5 सबसे अहम शिकायतों की सीधी पड़ताल करेंगे, जिसमें शिकायतकर्ता भी मौजूद रहेंगे और अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
मध्य प्रदेश में आम जनता की समस्याओं के समाधान हेतु शुरू की गई सीएम हेल्पलाइन (181) सेवा ने 31 जुलाई को 12 साल पूरे कर लिए हैं। इसका उद्देश्य नागरिकों को अधिकारियों के चक्कर काटने से बचाना था। हालांकि, 10% से अधिक शिकायतें अभी भी 50 दिनों के बाद भी लंबित हैं, और पुरानी शिकायतों को मिलाकर कुल 13.51% मामले 50 दिन से अधिक समय से अटके हुए हैं। इस साल जुलाई में कुल 4.42 लाख शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 1.37 लाख का ही संतुष्टिपूर्वक समाधान हो सका। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 2012 में इसकी शुरुआत की थी, और वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी इसकी समीक्षा कर रहे हैं।