BREAKING NEWS

Latest News

सालीचौका शासकीय महाविद्यालय में 25 स्वीकृत पदों पर केवल एक शिक्षक, मूलभूत सुविधाओं का अभाव

नरसिंहपुर के सालीचौका शासकीय महाविद्यालय में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है, जबकि इसे 2023 में मंजूरी मिली थी। 25 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल एक प्रभारी प्राचार्य हिंदी पढ़ाते हैं, जिससे अन्य विषयों की पढ़ाई ठप है। 75 विद्यार्थी एक जर्जर हॉल में 12 बेंचों पर पढ़ने को विवश हैं, और बारिश में छत से पानी टपकता है। शौचालय, पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं हैं। कलेक्टर ने नए भवन और शौचालयों के निर्माण का आश्वासन दिया है।

एमपी के सरकारी स्कूलों में संस्कृत शिक्षक खाली, व्यावसायिक पाठ्यक्रम बना वजह

मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नौवीं-दसवीं कक्षाओं में संस्कृत शिक्षकों की कमी हो गई है, क्योंकि माध्यमिक शिक्षा मंडल की अंक योजना के तहत व्यावसायिक पाठ्यक्रम चुनने वाले छात्र हिंदी और अंग्रेजी को प्राथमिकता दे रहे हैं। संस्कृत तीसरी भाषा के तौर पर उपेक्षित हो रही है, जिससे शिक्षक खाली बैठे हैं। शासन का उद्देश्य संस्कृत को बढ़ावा देना है, जिसके बाद स्कूल शिक्षा विभाग और महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान सक्रिय हुए हैं। अब संस्कृत चुनने वाले छात्रों और खाली कक्षाओं वाले स्कूलों की जानकारी मांगी गई है, ताकि बच्चों को संस्कृत पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।

सांदीपनि स्कूल शिक्षक बीएसी और जनशिक्षक पदों की काउंसलिंग से बाहर

जबलपुर में सांदीपनि स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों को विकासखंड अकादमिक समन्वयक (बीएसी) और जनशिक्षक पदों के लिए अपात्र घोषित किया गया है। यह निर्णय शिक्षा विभाग, भोपाल से मिले निर्देशों के बाद जिला स्तर पर लिया गया। पहली काउंसलिंग में शामिल होने पहुंचे सांदीपनि शिक्षकों को भोपाल स्थित शिक्षा विभाग ने स्पष्ट रूप से मना कर दिया था। जिला परियोजना समन्वयक योगेश शर्मा ने बताया कि सांदीपनि शिक्षकों की नियुक्ति विशेष परीक्षा प्रक्रिया से होती है, जिससे वे इन पदों के लिए अपात्र हैं।

विदिशा में खेल शिक्षक की रद्द नियुक्ति अगले ही दिन बहाल, प्रभारी अधिकारी ने बदला स्कूल

विदिशा जिला शिक्षा विभाग में खेल शिक्षक निशांक जैन की नियुक्ति में अनियमितता सामने आई है। जिला शिक्षा अधिकारी एनके अहिरवार ने 29 जुलाई को निर्धारित समय पर कार्यभार ग्रहण न करने के कारण उनकी नियुक्ति निरस्त कर दी थी। हालांकि, अगले ही दिन 30 जुलाई को जिला शिक्षा अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार संभाल रही विकासखंड शिक्षा अधिकारी अलका बागड़ी ने उन्हें पुनः नियुक्त करते हुए सतपाड़ा सराय के बजाय हायर सेकेंडरी स्कूल शेरपुरा में पदस्थ कर दिया। प्रभारी अधिकारी द्वारा नियुक्ति संबंधी महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। जिला शिक्षा अधिकारी अहिरवार ने पुनर्नियुक्ति की जांच कराने की बात कही है।

एमपी प्राथमिक शिक्षक भर्ती में 800 सफल अभ्यर्थी अपात्र घोषित

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित प्राथमिक शिक्षक भर्ती-2025 प्रक्रिया में पात्रता विवाद गहरा गया है। करीब 300 सफल अभ्यर्थियों ने भोपाल में डीपीआई कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि ईएसबी द्वारा परिणाम घोषित होने तक योग्यता पूरी करने की शर्त के बावजूद, डीपीआई ने 25 अगस्त 2025 को कटऑफ तिथि मानते हुए लगभग 800 सफल अभ्यर्थियों को अपात्र घोषित कर दिया क्योंकि उनकी डीएलएड डिग्री निर्धारित तिथि के बाद मिली थी। डीपीआई आयुक्त अभिषेक सिंह ने स्पष्ट किया कि भर्ती नियमों का अक्षरशः पालन किया गया है और ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि तक योग्यता अनिवार्य थी।

प्राथमिक शिक्षक भर्ती: दस्तावेज सत्यापन नियमों को लेकर विवाद

प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2025 में दस्तावेज सत्यापन के दौरान स्कूल शिक्षा विभाग के नियमों को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। कर्मचारी चयन मंडल की मूल अधिसूचना में डीएलएड और बीएलएड के अंतिम वर्ष के छात्रों को आवेदन की अनुमति थी, बशर्ते उनके दस्तावेज सत्यापन के समय उपलब्ध हों। हजारों छात्रों ने आवेदन किया और 800 का चयन भी हुआ। अब विभाग आवेदन की अंतिम तिथि तक डिग्री पूरी होने की मांग कर रहा है, जिससे कई अभ्यर्थी बाहर हो रहे हैं। अभ्यर्थी इसे नियमों के विपरीत मानकर न्यायालय जाने और प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं।

मध्यप्रदेश में तमिल, तेलुगु सहित कई भारतीय भाषाओं में होगी पढ़ाई: मंत्री परमार

मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने घोषणा की है कि राज्य में अब हिंदी के अलावा तमिल, तेलुगु, गुजराती और पंजाबी जैसी अन्य भारतीय भाषाओं में भी पढ़ाई कराई जाएगी। यह कदम विद्यार्थियों को दूसरे राज्यों में अध्ययन और रोजगार के दौरान होने वाली असुविधा को दूर करने के उद्देश्य से उठाया गया है। मंत्री परमार ने इंदौर के एसजीएसआईटीएस में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा का अनावरण किया और झाबुआ पॉलिटेक्निक कॉलेज के इंटर्नशिप छात्रों से भी संवाद किया।

MPBSE परिसर में D.El.Ed परिणाम जारी करने की मांग को लेकर 300 अभ्यर्थियों का प्रदर्शन

भोपाल में माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) परिसर में D.El.Ed अंतिम वर्ष के परिणाम में देरी के विरोध में लगभग 300 अभ्यर्थियों का तीन दिवसीय शांतिपूर्ण धरना जारी है। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी आज ही परिणाम घोषित करने और समय पर अंकसूची उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। उनकी मुख्य चिंता यह है कि 10 अगस्त से शुरू होने वाले प्राथमिक शिक्षक भर्ती के दस्तावेज सत्यापन में D.El.Ed अंकसूची के बिना वे शामिल नहीं हो पाएंगे, जिससे 10,000 पदों की भर्ती प्रक्रिया में उनका भविष्य प्रभावित हो सकता है।

एमपी में 2 हजार चयनित शिक्षकों की नियुक्ति पर संकट, डीएलएड परिणाम में देरी से अभ्यर्थी चिंतित

प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2025 के लगभग 2 हजार चयनित अभ्यर्थियों ने भोपाल में माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) परिसर में तीन दिवसीय धरना शुरू किया है। उनकी नियुक्ति पर संकट मंडरा रहा है क्योंकि डीएलएड अंतिम वर्ष का परिणाम अभी तक जारी नहीं हुआ है। दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया 10 अगस्त के बाद शुरू होनी है, जिसके लिए यह परिणाम अनिवार्य है। अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा संपन्न हुए 50 दिन और मूल्यांकन कार्य पूरा होने के बावजूद परिणाम घोषित नहीं किया गया है, जिससे उनकी नियुक्ति प्रभावित हो सकती है। उन्होंने जल्द परिणाम जारी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।

टीईटी परीक्षा प्रविधानों को लेकर हाई कोर्ट में नई याचिका, केंद्र-राज्य व एनसीटीई को नोटिस

एक नई याचिका में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के प्रविधानों को चुनौती दी गई है। ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन द्वारा दायर इस याचिका में शिक्षा का अधिकार अधिनियम की धारा 23(2) की संवैधानिक वैधता पर सवाल उठाया गया है। यह धारा शिक्षकों को नियुक्ति के बाद निर्धारित अवधि में योग्यता हासिल करने का प्रविधान करती है, जो उनके अधिकारों और सेवा शर्तों को प्रभावित करती है। हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया व न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने केंद्र सरकार, राज्य सरकार और नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब मांगा है।