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1.21 लाख मेधावी विद्यार्थियों के खातों में 25-25 हजार रुपए ट्रांसफर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लैपटॉप वितरण कार्यक्रम में 10 मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप प्रदान किए, जबकि 1.21 लाख विद्यार्थियों के खातों में 25-25 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए। इस वर्ष कुल 304 करोड़ 98 लाख 50 हजार रुपए से अधिक की राशि लैपटॉप के लिए दी जाएगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अपने संघर्ष के दिन साझा किए और विद्यार्थियों से उनके भविष्य के सपनों पर चर्चा की। परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने बताया कि सरकारी स्कूलों में दाखिला बढ़ा है और अब तक 6 लाख विद्यार्थियों को लैपटॉप योजना का लाभ मिल चुका है। सरकार 18 हजार शिक्षकों की भर्ती की तैयारी भी कर रही है।

शिक्षक पात्रता परीक्षा में कम आवेदन: डेढ़ लाख शिक्षकों में से केवल ढाई हजार ने किया पंजीकरण

मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में आवेदन की अंतिम तिथि शुक्रवार को है, लेकिन डेढ़ लाख सेवारत शिक्षकों में से केवल ढाई हजार ने ही आवेदन किया है। कम पंजीकरण के कारण आवेदन की समय-सीमा बढ़ने की संभावना है। शिक्षक संगठनों ने टीईटी की अनिवार्यता का विरोध करते हुए शिक्षकों से आवेदन न करने की अपील की है, जिससे सरकार पर परीक्षा निरस्त करने का दबाव बने। संगठनों ने 1998-2009 के बीच नियुक्त पात्र शिक्षकों की सूची जारी करने, दो से अधिक संतान संबंधी कॉलम हटाने और परीक्षा शुल्क पर आपत्ति जताई है।

शिक्षक भर्ती पद वृद्धि आंदोलन: अभ्यर्थी नरेंद्र राजपूत ने मंत्री, आयुक्त को क्षति का जिम्मेदार ठहराया

भोपाल में शिक्षक भर्ती वर्ग-2 और वर्ग-3 में पदों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी है। अभ्यर्थी नरेंद्र राजपूत ने एक घोषणा पत्र जारी किया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि यदि आंदोलन के दौरान उन्हें कोई क्षति होती है, तो इसकी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश के शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह और लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त अभिषेक सिंह की होगी। राजपूत लंबे समय से पद वृद्धि की मांग कर रहे हैं, क्योंकि रिक्त पदों के मुकाबले कम पदों से योग्य अभ्यर्थियों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है।

मध्य प्रदेश उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती: 8,721 में से केवल 2,901 को नियुक्ति

मध्य प्रदेश की उच्च माध्यमिक शिक्षक (वर्ग-1) भर्ती 2023 में 8,721 पदों पर प्रक्रिया शुरू हुई थी, जिसमें से केवल 2,901 अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिली है। शेष पात्र अभ्यर्थी 10 हजार अतिरिक्त पद बढ़ाने और द्वितीय काउंसलिंग की मांग को लेकर भोपाल में 21 दिन से अधिक समय से धरने पर हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि करीब 17 हजार पदों की आवश्यकता थी, लेकिन विभाग ने कम पद जारी किए। वे सरकार द्वारा दिए जा रहे कोर्ट केस के हवाले को पदवृद्धि से असंबद्ध बताते हैं और चार वर्षों से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

शिक्षक पदवृद्धि आंदोलन: भोपाल में निर्जल अनशन पर बैठे नरेंद्र राजपूत की हालत नाजुक, प्रदर्शन 30वें दिन

भोपाल में वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का प्रदर्शन शनिवार को 30वें दिन में प्रवेश कर गया। राजगढ़ निवासी नरेंद्र राजपूत का निर्जल अनशन 9वें दिन जारी है, जिसके कारण उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और वे बार-बार बेहोश हो रहे हैं। अभ्यर्थियों ने शासन-प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाया है। नरेंद्र राजपूत ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें कुछ होता है तो DPI आयुक्त, स्कूल शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री जिम्मेदार होंगे। प्रदर्शनकारी विपरीत मौसम और बारिश के बावजूद अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।

सालीचौका शासकीय महाविद्यालय में 25 स्वीकृत पदों पर केवल एक शिक्षक, मूलभूत सुविधाओं का अभाव

नरसिंहपुर के सालीचौका शासकीय महाविद्यालय में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है, जबकि इसे 2023 में मंजूरी मिली थी। 25 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल एक प्रभारी प्राचार्य हिंदी पढ़ाते हैं, जिससे अन्य विषयों की पढ़ाई ठप है। 75 विद्यार्थी एक जर्जर हॉल में 12 बेंचों पर पढ़ने को विवश हैं, और बारिश में छत से पानी टपकता है। शौचालय, पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं हैं। कलेक्टर ने नए भवन और शौचालयों के निर्माण का आश्वासन दिया है।

एमपी के सरकारी स्कूलों में संस्कृत शिक्षक खाली, व्यावसायिक पाठ्यक्रम बना वजह

मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नौवीं-दसवीं कक्षाओं में संस्कृत शिक्षकों की कमी हो गई है, क्योंकि माध्यमिक शिक्षा मंडल की अंक योजना के तहत व्यावसायिक पाठ्यक्रम चुनने वाले छात्र हिंदी और अंग्रेजी को प्राथमिकता दे रहे हैं। संस्कृत तीसरी भाषा के तौर पर उपेक्षित हो रही है, जिससे शिक्षक खाली बैठे हैं। शासन का उद्देश्य संस्कृत को बढ़ावा देना है, जिसके बाद स्कूल शिक्षा विभाग और महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान सक्रिय हुए हैं। अब संस्कृत चुनने वाले छात्रों और खाली कक्षाओं वाले स्कूलों की जानकारी मांगी गई है, ताकि बच्चों को संस्कृत पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।

सांदीपनि स्कूल शिक्षक बीएसी और जनशिक्षक पदों की काउंसलिंग से बाहर

जबलपुर में सांदीपनि स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों को विकासखंड अकादमिक समन्वयक (बीएसी) और जनशिक्षक पदों के लिए अपात्र घोषित किया गया है। यह निर्णय शिक्षा विभाग, भोपाल से मिले निर्देशों के बाद जिला स्तर पर लिया गया। पहली काउंसलिंग में शामिल होने पहुंचे सांदीपनि शिक्षकों को भोपाल स्थित शिक्षा विभाग ने स्पष्ट रूप से मना कर दिया था। जिला परियोजना समन्वयक योगेश शर्मा ने बताया कि सांदीपनि शिक्षकों की नियुक्ति विशेष परीक्षा प्रक्रिया से होती है, जिससे वे इन पदों के लिए अपात्र हैं।

विदिशा में खेल शिक्षक की रद्द नियुक्ति अगले ही दिन बहाल, प्रभारी अधिकारी ने बदला स्कूल

विदिशा जिला शिक्षा विभाग में खेल शिक्षक निशांक जैन की नियुक्ति में अनियमितता सामने आई है। जिला शिक्षा अधिकारी एनके अहिरवार ने 29 जुलाई को निर्धारित समय पर कार्यभार ग्रहण न करने के कारण उनकी नियुक्ति निरस्त कर दी थी। हालांकि, अगले ही दिन 30 जुलाई को जिला शिक्षा अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार संभाल रही विकासखंड शिक्षा अधिकारी अलका बागड़ी ने उन्हें पुनः नियुक्त करते हुए सतपाड़ा सराय के बजाय हायर सेकेंडरी स्कूल शेरपुरा में पदस्थ कर दिया। प्रभारी अधिकारी द्वारा नियुक्ति संबंधी महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। जिला शिक्षा अधिकारी अहिरवार ने पुनर्नियुक्ति की जांच कराने की बात कही है।

एमपी प्राथमिक शिक्षक भर्ती में 800 सफल अभ्यर्थी अपात्र घोषित

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित प्राथमिक शिक्षक भर्ती-2025 प्रक्रिया में पात्रता विवाद गहरा गया है। करीब 300 सफल अभ्यर्थियों ने भोपाल में डीपीआई कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि ईएसबी द्वारा परिणाम घोषित होने तक योग्यता पूरी करने की शर्त के बावजूद, डीपीआई ने 25 अगस्त 2025 को कटऑफ तिथि मानते हुए लगभग 800 सफल अभ्यर्थियों को अपात्र घोषित कर दिया क्योंकि उनकी डीएलएड डिग्री निर्धारित तिथि के बाद मिली थी। डीपीआई आयुक्त अभिषेक सिंह ने स्पष्ट किया कि भर्ती नियमों का अक्षरशः पालन किया गया है और ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि तक योग्यता अनिवार्य थी।