भोपाल के ऐशबाग 90 डिग्री आरओबी के खतरनाक मोड़ को सुधारने का कार्य शुरू हो गया है। मौके पर बैरिकेड्स और बुलडोजर तैनात किए गए हैं, लेकिन वास्तविक निर्माण कार्य अभी भी अंतिम डिजाइन और सामग्री के इंतजार में है। मुख्य अभियंता ने डिजाइन पर चुप्पी साधी, जबकि ग्राउंड स्टाफ को भी अभी तक डिजाइन नहीं मिला है। केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान द्वारा तैयार नए डिजाइन के तहत मोड़ का रेडियस बढ़ाया जाएगा और कैरिजवे को चौड़ा किया जाएगा। यह कार्य मूल निर्माण एजेंसी द्वारा लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से रेलवे की सीधी निगरानी में होगा।
इंदौर में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित सड़क सुरक्षा समिति के निर्देशों के बावजूद सड़क हादसों में मौतों की संख्या में कमी नहीं आई है। यातायात पुलिस ने 1 जनवरी से 20 अगस्त तक हेलमेट के 1.73 लाख से अधिक चालान किए, लेकिन सीट बेल्ट और ड्रिंक एंड ड्राइव पर सख्ती कम रही। सड़कों पर इंजीनियरिंग खामियां, मार्किंग और संकेतक भी ठीक नहीं हुए हैं। न्यायमूर्ति सप्रे ने हादसों में कमी को मूल्यांकन का आधार बताया था, और आज इंदौर जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दुर्घटना रोकथाम पर चर्चा होगी।
उज्जैन में रात्रि गश्त पर निकले इंगोरिया थाने के सब इंस्पेक्टर नानकराम पटेल और आरक्षक चालक दीपक सोलंकी सड़क हादसे में घायल हो गए। बड़नगर-उज्जैन रोड पर सोमनाथ ढाबे के पास गुरुवार देर रात पुलिस का शासकीय वाहन आगे चल रहे ट्रक के अचानक ब्रेक लगाने से अनियंत्रित होकर टकरा गया और पलट गया। टक्कर भीषण थी और वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोपित ट्रक चालक को गिरफ्तार कर ट्रक जब्त कर लिया गया है।
केरलम के त्रिशूर जिले में शनिवार देर रात हुए एक सड़क हादसे में पति-पत्नी और उनके तीन साल के बेटे सहित एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। एक तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी थी, और पुलिस के अनुसार कार चालक कथित तौर पर नशे में था। यह घटना त्रिशूर में छात्रों की मौत के एक अन्य हादसे के बाद हुई। मलप्पुरम जिले में भी रविवार तड़के एक अलग हादसे में दो लोगों की मौत और तीन घायल होने की खबर है।
इंदौर में दिल्ली की तर्ज पर खतरनाक वाहन चलाने वालों के खिलाफ सीधी एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई शुरू की गई है। यातायात बाधित करने और जान जोखिम में डालने वाले चालकों को अब अदालत से जमानत लेनी होगी। न्यूनतम छह महीने के लिए लाइसेंस निलंबित किया जाएगा और ₹3,000 का आर्थिक दंड भी भरना होगा। गंभीर मामलों में जेल भी हो सकती है। यातायात पुलिस के अनुसार, अब तक 12 प्रकरणों में 21 वाहन चालकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। शहर के प्रमुख चौराहों पर विशेष चेकिंग अभियान और ड्रोन सर्विलांस के माध्यम से निगरानी की जा रही है।
बड़वानी में कसरावद पुल पर मेघनगर से बड़वानी आ रही एक यात्री बस से एक यात्री द्वारा नर्मदा नदी में अर्पित किया गया नारियल पुल से गुजर रही एक कार के अगले शीशे से जा टकराया, जिससे शीशा टूट गया। इस घटना के बाद कार चालक ने बस को रुकवाया और विवाद बढ़ने पर लगभग 30-35 यात्रियों को थाने लाया गया। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाइश देकर मामला शांत कराया और यात्रियों को रवाना कर दिया। यात्री और बस परिचालक ने आस्था के साथ सुरक्षा बरतने की अपील की, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएं टाली जा सकें।
इंदौर में शनिवार सुबह राजेंद्र नगर ब्रिज पर एक तेज रफ्तार थार एसयूवी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। गाड़ी की गति इतनी अधिक थी कि ब्रिज की रेलिंग टूट गई और थार लगभग 40 फीट की ऊंचाई से नीचे सर्विस रोड पर जा गिरी। इस हादसे में वाहन में सवार चारों लोग घायल हो गए, जिन्हें पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर अस्पताल पहुंचाया। थार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। शहर में तेज रफ्तार वाहन चलाना जानलेवा साबित हो रहा है।
बालाघाट जिले के लांजी थाना क्षेत्र में पिपरई नाले में बहने से 39 वर्षीय रामदास मेश्राम की मौत हो गई। शुक्रवार को पोला पर्व के दिन वह घर से निकले थे और देर रात तक वापस नहीं लौटे। शनिवार सुबह ग्रामीणों ने उनका शव नाले की पुलिया के पास पाया। लांजी क्षेत्र में हुई भारी बारिश के कारण नाला उफान पर था। कोसमारा के सरपंच दिलीप धनौले ने बताया कि नाले पर बनी पुलिया की ऊंचाई कम है और इसे ऊंचा करने की मांग कई बार विधायक से की जा चुकी है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर जांच शुरू कर दी है।
इंदौर जिला कोर्ट ने सड़क हादसे में मृत दूध व्यवसायी उमेश जाट के स्वजन को बीमा कंपनी से 36 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि दिलाने का आदेश दिया है। हादसा 3 सितंबर 2020 को हुआ था, जब उमेश जाट का वाहन उमरिया पेट्रोल पंप के पास सड़क के बीच खड़े एक आयशर वाहन से अंधेरे में टकरा गया था, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। कोर्ट ने ब्याज सहित यह राशि 30 दिन के भीतर जमा करने का निर्देश दिया है।
जबलपुर के लम्हेटा बायपास पर एक चलती कार में अचानक आग लग गई, जिससे मौके पर हड़कंप मच गया। ड्राइवर की सूझबूझ और परिवार के त्वरित प्रतिक्रिया से सभी सदस्य सुरक्षित बाहर निकल आए और एक बड़ा हादसा टल गया। पुलिस ने घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है, हालांकि आग लगने की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। जबलपुर में कारों में आग लगने की यह कोई पहली घटना नहीं है, पूर्व में भी कई ऐसी घटनाएं दर्ज की गई हैं।