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सतना में अतिवृष्टि से 260 किमी सड़कें क्षतिग्रस्त, मरम्मत पर करोड़ों का खर्च

सतना जिले में इस वर्ष हुई अतिवृष्टि से सड़क अधोसंरचना को व्यापक क्षति पहुंची है। लोक निर्माण विभाग की 30 अगस्त 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 260.04 किलोमीटर विभिन्न मार्ग क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनकी स्थायी मरम्मत के लिए 421.50 लाख रुपये और अस्थायी मरम्मत के लिए 105.20 लाख रुपये की आवश्यकता है। मझगवां क्षेत्र सर्वाधिक प्रभावित रहा, जबकि उचेहरा, नागौद और रामनगर में भी सड़कों को नुकसान पहुंचा है। क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों की स्थायी मरम्मत पर 1209.50 लाख रुपये और अस्थायी मरम्मत पर 70.50 लाख रुपये का खर्च अनुमानित है।

मध्य प्रदेश में भारी बारिश, सतना में स्कूल-कॉलेज बंद, चित्रकूट में मंदाकिनी खतरे के निशान से ऊपर

मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है, जिससे पूर्वी हिस्से में भारी बारिश हो रही है। सतना और चित्रकूट में स्थिति गंभीर है, जहां चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और मंगलवार को रामघाट की 400 दुकानें जलमग्न हो गईं। सतना जिले में 2 और 3 सितंबर को स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखने का आदेश दिया गया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में 7 जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

सतना में भारी बारिश: मंदाकिनी ने रौद्र रूप दिखाया, 40 गांवों में बाढ़ का अलर्ट

सतना जिले में भारी बारिश के कारण बाढ़ का खतरा बढ़ गया है, जिससे मंदाकिनी, सतना और सेमरावल जैसी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी ने रौद्र रूप दिखाया, जहां सुबह 6 बजे जलस्तर 137.15 मीटर दर्ज किया गया। प्रशासन ने आरोग्यधाम क्षेत्र में मुनादी कराकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। सेमरावल नदी के उफान से 40 गांवों में अलर्ट जारी किया गया है, जबकि टमस नदी के रामनगर जलाशय के 12 गेट खोल दिए गए हैं। कलेक्टर ने पूरे जिले में प्रशासनिक अमले को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।

सतना में बाढ़ प्रभावित 434 परिवारों को ₹18.01 लाख की आर्थिक सहायता स्वीकृत

सतना जिले में भारी बारिश और बाढ़ के बाद जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। अब तक 434 प्रभावित आवासों के लिए ₹18.01 लाख की आर्थिक सहायता स्वीकृत कर वितरित की जा चुकी है। जिले भर में 14,700 फूड पैकेट और 2,368 तिरपाल वितरित किए गए हैं। चित्रकूट सहित पूरे जिले में 6,125 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है। प्रशासन के साथ-साथ समाजसेवी संस्थाएँ और आमजन भी भोजन, राशन और अन्य आवश्यक सामग्री पहुँचाकर राहत कार्यों में सक्रिय सहयोग दे रहे हैं। विभिन्न तहसीलों में भी व्यापक स्तर पर सहायता प्रदान की जा रही है।

सतना के थरपहाड़ गांव में सड़क बदहाली, मरीज को कंधे पर उठाकर ले जाना पड़ा अस्पताल

सतना जिले के थरपहाड़ गांव में सड़क की बदहाली ग्रामीणों के लिए एक गंभीर समस्या बनी हुई है। हाल ही में एक 28 वर्षीय मरीज गोरे सिंह को उल्टी-दस्त के कारण अस्पताल ले जाने के लिए परिजनों को कंधे पर उठाकर मुख्य मार्ग तक पहुंचाना पड़ा। उपचार के बाद वापस गांव लाने में भी इसी तरह की कठिनाई का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि गंभीर बीमारियों या आपात स्थितियों में वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाते, जिससे मरीजों को मुख्य मार्ग तक ले जाने में परेशानी होती है। बारिश में यह समस्या और बढ़ जाती है।

निजी अधिवक्ता से याचिका पर मप्र हाई कोर्ट का सख्त रुख, डीएफओ-रेंजर पर होगी विभागीय जांच

मप्र हाई कोर्ट ने निजी अधिवक्ता के माध्यम से पुनर्विचार याचिका दाखिल कराने पर सख्त रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल की बेंच के समक्ष सुनवाई में प्रिंसिपल चीफ कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट (पीसीसीएफ) शुभ रंजन सेन व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए। उन्होंने सतना के संबंधित डीएफओ और रेंजर की भूमिका की विभागीय जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। कोर्ट ने 30 दिन में कार्रवाई रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। यह मामला सतना की वन समितियों में कार्यरत 25 मजदूरों के न्यूनतम वेतनमान से संबंधित है, जिनके लिए हाई कोर्ट ने पहले न्यूनतम वेतनमान देने का आदेश दिया था।

सतना में कागजों में सड़कें बनने का आरोप, PWD के मझगवां SDO अश्वनी निगम हटाए गए

चित्रकूट विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार ने सतना जिले में पीडब्ल्यूडी अधिकारियों पर सड़कों के निर्माण में अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि करोड़ों रुपये की लागत से स्वीकृत कई सड़कें केवल कागजों में बनी हैं, जबकि जमीनी हकीकत अलग है। विधायक ने मझगवां एसडीओ अश्वनी निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए भ्रष्टाचार का आरोप लगाया, जिसके बाद मुख्य अभियंता पंकज खरादी ने एसडीओ को पद से हटा दिया। अब विभाग पर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच को लेकर सबकी नजरें टिकी हैं, हालांकि भ्रष्टाचार के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।

बेतवा एक्सप्रेस में 63 लाख रुपये नकद बरामद, एक गिरफ्तार

बेतवा एक्सप्रेस में चेकिंग के दौरान आरपीएफ चित्रकूट और क्राइम विंग झांसी की संयुक्त टीम ने 63 लाख रुपये की नकदी के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। सतना निवासी प्रीतम दास नामक यह व्यक्ति बरामद रकम के स्रोत और उद्देश्य के संबंध में संतोषजनक जानकारी नहीं दे सका। उसने बताया कि रकम संजय उर्फ संजू ने दी थी और उसे कानपुर पहुंचाना था। सुरक्षा एजेंसियां इसे हवाला कारोबार से जुड़ा मान रही हैं और मामले की गहनता से जांच कर रही हैं ताकि वास्तविक मालिक, स्रोत और कानपुर में प्राप्तकर्ता का पता चल सके।

चित्रकूट में मंदाकिनी इंटेकवेल के पास सड़ा कुत्ता मिला, पेयजल शुद्धता पर उठे सवाल

चित्रकूट में मंदाकिनी नदी से कर्वी नगर को पेयजल आपूर्ति होती है, लेकिन इंटेकवेल से 50 मीटर दूर एक सड़ा हुआ कुत्ता मिलने से नदी में गंदगी और सीवर के पानी के आरोपों ने पेयजल की शुद्धता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके विरोध में सत्याग्रही अभिमन्यु सिंह ने साथियों के साथ जल सत्याग्रह और आमरण अनशन शुरू किया। प्रशासन के आश्वासन पर सत्याग्रह समाप्त हो गया। एसडीएम सदर अजय कुमार ने आंदोलनकारियों से वार्ता के बाद समयबद्ध कार्रवाई का भरोसा दिया है।

फोरलेन निर्माण के कारण मध्य प्रदेश के इकलौते पीले पलाश के पेड़ पर संकट

मध्य प्रदेश के सतना जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग 135 बीजी के फोरलेन निर्माण के कारण राज्य के एकमात्र माने जा रहे पीले पलाश के पेड़ पर संकट आ गया है। वनस्पति विज्ञानियों को वृक्ष को ट्रांसलोकेट करने पर उसके खत्म होने की आशंका है। पूर्व में बीजों से नए पौधे तैयार करने के प्रयास भी असफल रहे, क्योंकि उनमें फूल नहीं आए। दीनदयाल शोध संस्थान प्रबंधन ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। वनमंडल अधिकारी के अनुसार, ट्रांसलोकेशन में वृक्ष के बचने की संभावना 40-50 प्रतिशत है। संरक्षण के लिए एयर लेयरिंग और अन्य विधियों पर विचार किया जा रहा है।