मप्र हाई कोर्ट ने निजी अधिवक्ता के माध्यम से पुनर्विचार याचिका दाखिल कराने पर सख्त रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल की बेंच के समक्ष सुनवाई में प्रिंसिपल चीफ कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट (पीसीसीएफ) शुभ रंजन सेन व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए। उन्होंने सतना के संबंधित डीएफओ और रेंजर की भूमिका की विभागीय जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। कोर्ट ने 30 दिन में कार्रवाई रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। यह मामला सतना की वन समितियों में कार्यरत 25 मजदूरों के न्यूनतम वेतनमान से संबंधित है, जिनके लिए हाई कोर्ट ने पहले न्यूनतम वेतनमान देने का आदेश दिया था।