मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन स्थित अपने पैतृक घर का एक हिस्सा गैंती चलाकर हटाया। उन्होंने इस दौरान भावुकता व्यक्त करते हुए इसे विकास के लिए आवश्यक बलिदान बताया। डॉ. यादव ने कहा कि यह सामूहिक प्रयास है, जिसमें उज्जैन के लोग और सभी समुदाय अपने देवस्थान तक पीछे हटा रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर सुशासन को प्राथमिकता देने का उदाहरण बताया। यह कदम सिंहस्थ से पूर्व उज्जैन की सड़क और शहरी अधोसंरचना को विकसित करने की व्यापक योजना का हिस्सा है।