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उज्जैन सिंहस्थ में भारतीय सेना देगी सुरक्षा सहयोग, 40 करोड़ श्रद्धालुओं के लिए हाईटेक तकनीक का होगा इस्तेमाल

उज्जैन में होने वाले आगामी सिंहस्थ में लगभग 40 करोड़ श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए भारतीय सेना सहयोग प्रदान करेगी। महू का मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (एमसीटीई) भीड़ और अपराध प्रबंधन के लिए अपनी तीन प्रमुख तकनीकें उपलब्ध कराएगा। नवंबर 2025 में प्रदेश सरकार और एमसीटीई के बीच अनुबंध हुआ था। इन तकनीकों में एआई-आधारित वाहन पहचान, चेहरा पहचान प्रणाली और साइबर सुरक्षा सिस्टम शामिल हैं, जिनका उपयोग वर्तमान में भारतीय सेना द्वारा भी किया जा रहा है।

सीएम मोहन यादव ने अपने पैतृक मकान से सिंहस्थ 2028 सड़क चौड़ीकरण कार्य की शुरुआत की

उज्जैन में सिंहस्थ महापर्व 2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण का कार्य तेज हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को अपने पैतृक मकान पर गेती चलाकर भवन हटाने की शुरुआत की। खजूर वाली मस्जिद से गणेश चौक तक 730 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर चौड़ा किया जाएगा, जिसके लिए राज्य शासन ने 9.80 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। यह मार्ग सिंहस्थ के दौरान सुगम यातायात के लिए महत्वपूर्ण है, और मुख्यमंत्री की इस पहल से त्याग का संदेश भी दिया गया।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सिंहस्थ तैयारी के लिए तोड़ा पैतृक घर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन स्थित अपने पैतृक घर का एक हिस्सा गैंती चलाकर हटाया। उन्होंने इस दौरान भावुकता व्यक्त करते हुए इसे विकास के लिए आवश्यक बलिदान बताया। डॉ. यादव ने कहा कि यह सामूहिक प्रयास है, जिसमें उज्जैन के लोग और सभी समुदाय अपने देवस्थान तक पीछे हटा रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर सुशासन को प्राथमिकता देने का उदाहरण बताया। यह कदम सिंहस्थ से पूर्व उज्जैन की सड़क और शहरी अधोसंरचना को विकसित करने की व्यापक योजना का हिस्सा है।

उज्जैन-गरोठ हाइवे के क्षतिग्रस्त हिस्से का प्लान एनएचएआई एक्सपर्ट टीम बनाएगी

एनएचएआई की एक विशेषज्ञ टीम उज्जैन-गरोठ हाइवे के क्षतिग्रस्त हिस्से के लिए नई निर्माण योजना तैयार करेगी। बाहर से आए सेवानिवृत्त एनएच अधिकारियों की तीन सदस्यीय पैनल ने स्थल का निरीक्षण किया है। इस योजना का उद्देश्य 10 से 17 मीटर ऊंचाई पर स्थित इस हाइवे को भविष्य में होने वाले नुकसान से बचाना और सिंहस्थ-2028 के दौरान यातायात में किसी भी बाधा को रोकना है। यह हाइवे राजस्थान के यात्रियों और शहरी क्षेत्र के लिए बाईपास के रूप में महत्वपूर्ण होगा।

उज्जैन: शाही मस्जिद का हिस्सा हटाने पर प्रशासन और कमेटी में बनी सहमति, काम मंगलवार से होगा शुरू

उज्जैन में शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने का काम मंगलवार सुबह से फिर शुरू होगा। यह फैसला प्रशासन, शहर काजी और मस्जिद प्रबंधन समिति के बीच सहमति के बाद लिया गया है। सिंहस्थ 2028 के लिए सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत मस्जिद का लगभग तीन फीट हिस्सा हटाया जाएगा। इस संबंध में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने भी दो रिट अपीलों का निपटारा किया है। मस्जिद प्रबंधन से जुड़ी नुमाइंदा कमेटी ने सड़क चौड़ीकरण में सहयोग का आश्वासन दिया है।

सिंहस्थ 2028: ओंकारेश्वर में एक करोड़ श्रद्धालुओं के लिए नेटवर्क क्षमता बढ़ाने की चुनौती

सिंहस्थ 2028 में ओंकारेश्वर में लगभग एक करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, जिसके लिए प्रशासन करोड़ों रुपये की परियोजनाओं पर काम कर रहा है। हालांकि, संचार व्यवस्था एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, क्योंकि वर्तमान में ही भीड़ बढ़ने पर मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं प्रभावित होती हैं। इससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा, संपर्क और डिजिटल भुगतान पर सीधा असर पड़ सकता है, साथ ही ऑनलाइन दर्शन जैसी सुविधाएं भी बाधित होती हैं। कुल 938.43 करोड़ रुपये की 46 परियोजनाओं में से 21 पर काम शुरू हो चुका है, जबकि 20 प्रस्ताव लंबित हैं।

ओंकारेश्वर में प्राचीन घाटों व प्राकृतिक चट्टानों को तोड़ने पर विवाद

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में सिंहस्थ मेले के लिए नए घाटों के निर्माण को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। प्राकृतिक चट्टानों और सदियों पुराने प्राचीन घाटों को तोड़े जाने से कई लोग नाराज हैं। इंदौर के कुछ वकील इस मामले को लेकर जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी कर रहे हैं। इस संबंध में संभागायुक्त भास्कर लक्षकार को ज्ञापन भी दिया गया है, जिसमें निर्माण कार्यों की जांच और उन पर रोक लगाने की मांग की गई है। वकीलों का कहना है कि यह ओंकारेश्वर की ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान को प्रभावित कर सकता है।

अरविंद लिमिटेड मध्यप्रदेश में 1200 करोड़ रुपये का निवेश करेगा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 12 अगस्त को अहमदाबाद में अरविंद लिमिटेड के वाइस चेयरमैन कुलीन लालभाई से मुलाकात की, जिसके बाद अरविंद समूह ने मध्यप्रदेश में अपनी इकाई स्थापित करने की घोषणा की। कंपनी पीएम मित्र पार्क में लगभग 1200 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित कर रही है, जिसके लिए 105 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। इस निवेश से अगले वर्ष तक उत्पादन शुरू होने का लक्ष्य है, जिससे प्रदेश के युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने निवेश प्रक्रिया को गति देने और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS)-2027 में सहभागिता के लिए भी आमंत्रित किया।

वरिष्ठ भाजपा नेता जगदीश अग्रवाल सिंहस्थ मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष नियुक्त

वरिष्ठ भाजपा नेता और उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल को राज्य शासन ने सिंहस्थ मेला प्राधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह निर्णय सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच लिया गया है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने 12 अगस्त 2026 को इस संबंध में आदेश जारी किया। 72 वर्षीय अग्रवाल के पास संगठन और प्रशासनिक जिम्मेदारियों का लंबा अनुभव है। उनकी भूमिका विभिन्न विभागों के समन्वय और सिंहस्थ की तैयारियों को दिशा देने में महत्वपूर्ण होगी। इससे मेला प्राधिकरण की भूमिका को नई गति मिलेगी। अग्रवाल 2015 से 2018 तक यूडीए अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

उज्जैन देश की ‘स्पिरिचुअल इकोनॉमी’ का नया मॉडल बनने की ओर

उज्जैन देश की ‘स्पिरिचुअल इकोनॉमी’ का नया मॉडल बनने की ओर अग्रसर है। केंद्र और मध्यप्रदेश सरकार की 18 हजार करोड़ की विकास योजनाएं सिंहस्थ-2028 को अगले कई दशकों की अर्थव्यवस्था की बुनियाद बना रही हैं। इन योजनाओं में नए घाट, पुल, जल प्रदाय, सीवरेज नेटवर्क, यूनिटी मॉल और मेडिकल कॉलेज जैसे स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण शामिल है। महाकाल महालोक के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि से स्थानीय व्यापार में तेजी आई है, और अब सिंहस्थ की तैयारी इसे स्थायी आर्थिक ढांचे में बदल रही है।