राजधानी भोपाल में आधुनिक ट्रैफिक सिस्टम के दावों के बावजूद, कई प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक व्यवस्था स्वयं अव्यवस्था का शिकार है। ‘नवदुनिया’ द्वारा किए गए एक जायजे से पता चला है कि प्रभात चौराहे पर चार में से केवल दो सिग्नल काम कर रहे हैं, प्रगति चौराहे पर एक सिग्नल पोल एक महीने से टूटा पड़ा है, और ज्योति टॉकीज चौराहे पर सिग्नल महाराणा प्रताप की प्रतिमा के पीछे छिपा हुआ है। इन खामियों के कारण हजारों वाहन चालक नियमों के बजाय अनुमान और हॉर्न पर निर्भर होकर चौराहे पार कर रहे हैं, जिससे टकराव और जाम की स्थिति बनी रहती है। एडिशनल डीसीपी ट्रैफिक ने मरम्मत का आश्वासन दिया है।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने जबलपुर की खराब यातायात व्यवस्था पर दायर जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने शहर के सभी ट्रैफिक सिग्नलों के रखरखाव की जिम्मेदारी जबलपुर नगर निगम को सौंपी है। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस और जबलपुर स्मार्ट सिटी निगम को प्रत्येक सिग्नल हेतु सालाना 1.50 लाख रुपए प्रदान करेंगे। कोर्ट ने यातायात में बाधा बनने वाले अतिक्रमण और अन्य अवरोधों को हटाने के भी निर्देश दिए। अगली सुनवाई सितंबर के पहले सप्ताह में होगी। यह याचिका नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के अध्यक्ष डॉ.