मणिपुर में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी टैंकरों से जबरन वसूली का मामला सामने आया है, जहां सीआरपीएफ ने मणिपुर पुलिस पर वसूली के आरोप लगाए हैं। यह मुद्दा मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह तक पहुंचने के बाद राज्य सरकार ने एनएच-37 पर जबरन वसूली रोकने के लिए मौजूदा मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) की समीक्षा और संशोधन का निर्णय लिया है। एक समन्वय समिति का गठन किया गया है, जिसमें सीआरपीएफ और राज्य सरकार की एजेंसियां शामिल हैं, जो तीस दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। पेट्रोलियम संघों ने भी मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर इस समस्या पर प्रकाश डाला था।
असम के नगांव में एक सीआरपीएफ अधिकारी ने अपने दो साथियों की गोली मारकर हत्या करने के बाद खुदकुशी कर ली। इस घटना में एक अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस उपाधीक्षक परमिता सरकार ने बताया कि यह घटना मंगलवार सुबह करीब 7 बजे कटिमारी स्थित 34 बटालियन शिविर में हुई, जहां एएसआई/जीडी बलानी प्रेमबारम ने अपने सहयोगियों पर गोली चलाई। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जवानों के बीच हुए झगड़े के बाद यह हादसा हुआ। घटना में बलानी प्रेमबारम, एचवी/जीडी विष्णु प्रसाद बघेल और एसआई/जीडी रामनवाल सिंह यादव की मौत हो गई, जबकि एएसआई/माने गोविंद श्रीपुल घायल हुए। वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए हैं।
असम में सीआरपीएफ की 34वीं बटालियन में हुई गोलीबारी में बालाघाट के जवान विष्णु बघेल शहीद हो गए। मंगलवार सुबह एएसआई बलानी प्रेमावरम ने क्वार्टर गार्ड और बैरक में अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें एसआई राम नवल सिंह यादव भी शहीद हुए और एएसआई माने गोबिंद घायल हो गए। आरोपी एएसआई ने बाद में आत्महत्या कर ली। शहीद विष्णु बघेल (44) अपने परिवार के इकलौते पुत्र थे, उनका पार्थिव शरीर बुधवार को बालाघाट स्थित पैतृक गांव लाया जाएगा।
झारखंड में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है, जहां एक करोड़ रुपये के इनामी कुख्यात माओवादी कमांडर मिसिर बेसरा को धनबाद-गिरिडीह सीमावर्ती इलाके से गिरफ्तार किया गया। उसके साथ दो सक्रिय माओवादी सदस्य और दो स्थानीय ग्रामीण भी पकड़े गए हैं। बेसरा झारखंड, बिहार, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में सक्रिय था, और उस पर हत्या, पुलिस पर हमले तथा रंगदारी जैसे दर्जनों गंभीर मामले दर्ज थे। उसकी गिरफ्तारी को माओवादियों के लिए अब तक का सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है, जिससे लाल आतंक की कमर टूटने की उम्मीद है।
दिल्ली में छात्र प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के उपयोग पर संसद में चर्चा हो रही है, और राहुल गांधी सहित विपक्षी नेता सरकार पर दबाव बना रहे हैं। सीआरपीएफ ने घटना की जांच शुरू कर दी है। गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, जांच रिपोर्ट के आधार पर पैलेट गन की बनावट, एसओपी और प्रशिक्षण में बदलाव किए जा सकते हैं, क्योंकि इसके छर्रे ऊपर की ओर बड़े घेरे में फैल रहे हैं। जांच में घटना की परिस्थितियाँ, वीडियो फुटेज और टीम कर्मियों से पूछताछ शामिल है, साथ ही यह भी देखा जाएगा कि क्या अन्य विकल्प समाप्त हो गए थे।