देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी में पीएचडी प्रवेश के लिए नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (नेट) की अनिवार्यता के कारण सीटों पर भारी असर पड़ा है। जून में हुई नॉन डीईटी पीएचडी एडमिशन प्रक्रिया में 601 में से 451 सीटें खाली रह गईं, जो लगभग 75% है। केवल 150 सीटों पर ही प्रवेश हो पाया। यूनिवर्सिटी ने ढाई साल पहले 30 विषयों में नेट पात्रता नियम लागू किया था, जिससे स्कॉलर्स की संख्या में कमी आई है। नवंबर-दिसंबर में अगली प्रवेश प्रक्रिया होगी। कुछ विषयों में गाइडों के पास कोई स्कॉलर नहीं है, जबकि पॉलिटिकल साइंस जैसे विषयों में जबरदस्त मांग है।