मध्य प्रदेश में आयुष इंटर्न डॉक्टर अपने कम मासिक स्टाइपेंड को बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। वर्तमान में उन्हें प्रतिमाह 9,383 रुपये मिलते हैं, जो बंगाल के 33,099 रुपये से 23,700 रुपये कम है। मंगलवार को 100 से अधिक डॉक्टरों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध दर्ज कराया और अन्य राज्यों से तुलनात्मक आंकड़े प्रस्तुत किए। यह आंदोलन गांधी मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों के सफल स्टाइपेंड वृद्धि के बाद हो रहा है, जिन्होंने 21,500 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी हासिल की थी।
मध्य प्रदेश में एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टर स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। सामने आए आंकड़ों के अनुसार, शासकीय मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की ट्यूशन फीस के मामले में मध्य प्रदेश देश का पांचवां सबसे महंगा राज्य है, जहां छात्रों से सालाना 1 लाख रुपये फीस ली जाती है। इसके विपरीत, इंटर्नशिप के दौरान उन्हें मात्र 14,337 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है। कई राज्यों में कम फीस होने के बावजूद इंटर्न्स को मध्य प्रदेश से अधिक स्टाइपेंड दिया जा रहा है। करीब 3,600 इंटर्न डॉक्टर न्यूनतम 30,000 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड की मांग कर रहे हैं।