BREAKING NEWS

Latest News

EOW छापे में एमवाय के बर्खास्त फार्मासिस्ट राकेश गोरखे के पास 10 करोड़ की संपत्ति का खुलासा

आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने एमवाय अस्पताल के बर्खास्त फार्मासिस्ट राकेश गोरखे के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में छापा मारा। EOW टीम को उसकी वैध आय 1 करोड़ 11 लाख 31 हजार 383 रुपए की तुलना में 8 से 10 करोड़ रुपए की संपत्ति मिली। इसमें लक्जरी टाउनशिप में प्लॉट भी शामिल हैं। राकेश गोरखे पर सरकारी दवाओं के स्टॉक में भ्रष्टाचार कर अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। जांच में थाईलैंड यात्रा और विभाग को सूचित न की गई संपत्तियों का भी पता चला है।

फार्मासिस्ट राकेश गोरखे के पास वैध आय से 108% अधिक संपत्ति मिली

एमवाय अस्पताल के फार्मासिस्ट राकेश गोरखे पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में कार्रवाई की है। प्रारंभिक जांच में गोरखे और उसके परिवार के पास वैध आय 1.11 करोड़ रुपए के मुकाबले 2.13 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति मिली, जो वैध आय से 108 प्रतिशत अधिक है। गोरखे ने 2008 से एमजीएम मेडिकल कॉलेज की क्रय शाखा में अपनी पकड़ मजबूत की थी। अक्टूबर 2023 में बिना विभागीय अनुमति थाईलैंड यात्रा और 2025 में डीन के निजी सहायक से मारपीट के बाद उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। उस पर पूर्व में भी वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे हैं, जिनकी जांच ईओडब्ल्यू कर रही है।

इंदौर: फार्मासिस्ट राकेश गोरखे के ठिकानों पर EOW का छापा, आय से 108% अधिक संपत्ति मिली

इंदौर के एमवाय अस्पताल में पदस्थ फार्मासिस्ट राकेश गोरखे के ठिकानों पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने छापा मारा है। जांच में उनकी वैध आय से 108% अधिक संपत्ति का खुलासा हुआ है। उनकी वैध आय 1.11 करोड़ रुपये थी, जबकि संपत्तियों का मूल्य 2.13 करोड़ रुपये पाया गया। ईओडब्ल्यू ने छह अचल संपत्तियों का पता लगाया है, जिनमें मकान और प्लॉट शामिल हैं। राकेश गोरखे ने विभाग को अपनी संपत्तियों और अक्टूबर 2023 में की गई थाईलैंड यात्रा की सूचना नहीं दी थी।

ईओडब्ल्यू को साढ़े छह साल में 23,261 शिकायतें मिलीं, केवल 8 मामलों में चालान पेश

मध्य प्रदेश में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) को वर्ष 2020 से जून 2026 तक साढ़े छह साल की अवधि में रिकॉर्ड 23,261 शिकायतें मिलीं, लेकिन अदालतों में केवल 8 मामलों में ही चालान पेश किए गए। विधानसभा में कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल के प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से प्रस्तुत आंकड़ों से यह जानकारी सामने आई। इन शिकायतों में से 3,018 को प्रारंभिक जांच के लिए स्वीकार किया गया, जबकि 756 आवेदनों को जांच के बाद बंद कर दिया गया। यह आंकड़ा EOW की कार्यप्रणाली और मामलों के निपटारे की धीमी गति पर सवाल उठाता है।