बुलंद सोच, उज्जैन।

उज्जैन में भगवान महाकाल की सवारी मार्ग को सुंदर और एकरूप बनाने के उद्देश्य से रविवार को व्यापारियों तथा रहवासियों की एक बैठक अबिका होटल में आयोजित की गई। यह बैठक सहमति के बजाय विवाद के साथ समाप्त हुई। बैठक के दौरान 150 से अधिक व्यापारियों ने दुकानों और प्रतिष्ठानों की रंग-सज्जा, एक समान साइन बोर्ड, अतिक्रमण हटाने तथा मार्ग के सुंदरीकरण के प्रस्तावों का समर्थन किया। लगभग एक घंटे तक बैठक सामान्य रूप से संचालित हुई। हालांकि, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा के वक्तव्य के दौरान बैठक का माहौल गर्मा गया। कहारवाड़ी और बक्षी बाजार क्षेत्र के व्यापारी सड़क चौड़ीकरण से जुड़ी अपनी समस्याओं को रखना चाहते थे। व्यापारियों ने अपनी बात नहीं सुने जाने और विधायक के कथित वचनों पर नाराजगी व्यक्त की, जिससे कुछ व्यापारी भड़क गए। मामला इतना बढ़ गया कि विधायक बैठक से चले गए। बैठक में मौजूद पार्षद माया त्रिवेदी के अनुसार, व्यापारियों को अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिला और स्थिति बिगड़ गई। पार्षद त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि विधायक ने विरोध करने वाले व्यापारियों के मकान तुड़वाने की धमकी दी थी। विधायक के बैठक से जाने के बाद एमआईसी सदस्य प्रकाश शर्मा ने स्थिति संभालने का प्रयास किया। उन्होंने व्यापारियों से शांत रहने और अपनी जगह बैठने की अपील करते हुए कहा कि यदि कोई बात कही गई है तो उसका समाधान इसी मंच से किया जाएगा। इधर, पार्षद अर्पित दुबे ने बैठक में कुछ जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित नहीं किए जाने पर आपत्ति जताई है। इस विरोध के परिणामस्वरूप व्यापारियों ने 14 सितंबर को बैनर लगाने और 15 सितंबर को पटनी बाजार बंद रखने का निर्णय लिया है।
विधायक कालूहेड़ा का स्पष्टीकरण
विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने स्पष्ट किया कि बैठक मूल रूप से सुंदरीकरण के लिए थी, चौड़ीकरण के लिए नहीं। उनके अनुसार, कुछ लोग चौड़ीकरण का विरोध कर रहे थे। विधायक कालूहेड़ा ने कहा कि शहर के जिन मार्गों के चौड़ीकरण के निर्णय तय मापदंडों और आम सहमति से लिए गए हैं, वहां चौड़ीकरण होगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि छोटी-मोटी बाधाओं को मिल-बैठकर हल किया जाएगा और अलग-अलग विचारों के कारण ऐसी बैठकों में बहस होना स्वाभाविक है।
महाकाल सवारी मार्ग सुंदरीकरण योजना
नगर निगम की योजना के अनुसार, सवारी मार्ग को केवल चौड़ा करना ही उद्देश्य नहीं है। सड़क के दोनों ओर दुकानों, प्रतिष्ठानों और भवनों के बाहरी स्वरूप को एकरूप करने, साइन बोर्ड के लिए समान डिजाइन तय करने तथा अतिक्रमण व्यवस्थित करने की तैयारी है। इस योजना में सत्यनारायण मंदिर से ढाबा रोड, छत्री चौक, पानी की टंकी, कोयला फाटक से निजातपुरा-कंठाल तथा कंठाल से सती गेट और छत्री चौक तक के हिस्से शामिल हैं। इसका बड़ा उद्देश्य सिंहस्थ-2028 से पहले मार्ग का व्यवस्थित और आकर्षक स्वरूप तैयार करना है।

