बुलंद सोच, उज्जैन।

उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण की जद में आई शाही मस्जिद का साढ़े 3 फीट हिस्सा तोड़ा जा रहा है। इस पूरे मामले को ठगों ने भुनाने की कोशिश की है। मस्जिद को दोबारा बनवाने के लिए चंदा देने का संदेश दिया जा रहा है। सोशल मीडिया पर बारकोड जारी किए जा रहे हैं और कुछ लोग घर-घर जाकर नकद राशि भी ऐंठ रहे हैं।
मस्जिद कमेटी ने बताया धोखाधड़ी
यह खबर मस्जिद कमेटी तक पहुंची तो एक वीडियो जारी किया गया। कमेटी ने वीडियो में इसे धोखाधड़ी बताया और लोगों से सतर्क रहते हुए चंदा नहीं देने की अपील की। सदर अब्दुल मन्नान ने लोगों से इन बारकोड पर पैसे नहीं भेजने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ये बारकोड कमेटी की ओर से जारी नहीं किए गए हैं। मस्जिद कमेटी ने अभी तक किसी से एक रुपए का भी चंदा नहीं लिया है। मन्नान ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति आर्थिक मदद करना चाहता है तो पहले मस्जिद कमेटी या इमाम साहब से संपर्क कर जानकारी हासिल कर ले। उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रहे बारकोड की छानबीन किए बिना पैसे जमा नहीं करने की सलाह दी। मन्नान ने बताया कि दुख की घड़ी में भी कुछ लोग फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चंदा देने से पहले कमेटी से पुष्टि करना जरूरी है, ताकि पैसा सही जगह पहुंच सके।

मस्जिद हटाने की कार्रवाई और पथराव
उज्जैन में सिंहस्थ के चलते कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण किया जा रहा है। इस सड़क की चौड़ाई अभी 12 मीटर है, जिसे 15 मीटर किया जाना है। इसी रास्ते में छत्री चौक पर शाही मस्जिद है। नगर निगम ने अगस्त में ही नोटिस जारी कर दिए थे और 1 सितंबर को अंतिम आदेश दिया गया था। मस्जिद प्रबंधन ने कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया, लेकिन याचिकाएं खारिज हो गईं। इसके बाद 27 सितंबर को रात करीब 11 बजे मस्जिद परिसर के आसपास बड़ी संख्या में फोर्स तैनात किया गया। शहर में फ्लैग मार्च भी निकाला गया। रात करीब 12 बजे के आसपास बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग मस्जिद के पास जुट गए। समझाइश के बाद वे रात में ही घर लौट गए। अगले दिन 28 सितंबर की सुबह करीब 9 बजे फिर लोग जुट गए और पत्थरबाजी होने लगी। पुलिस ने हालात संभालने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया, जिसके बाद से ही शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है। बाद में मस्जिद कमेटी और मुस्लिम समुदाय से जुड़े लोगों की ओर से सड़क चौड़ीकरण की जद में आने वाला हिस्सा स्वयं हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। अभी मुस्लिम समाज के करीब 40 लोग दो शिफ्टों में काम कर रहे हैं। अभी तक करीब 50 प्रतिशत हिस्सा ही हटाया जा सका है। काम की गति को देखते हुए पूरा प्रभावित हिस्सा हटाने में कुछ दिन और लग सकते हैं।
पुलिस कार्रवाई और जांच
28 सितंबर को हुए उपद्रव के मामले में पुलिस ने 8 एफआईआर दर्ज की हैं। पुलिस ने 34 लोगों को आरोपी बनाया है, जिनमें से 24 की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की लगातार सर्चिंग कर रही है। पथराव, भड़काऊ संदेश प्रसारित करने और उपद्रव में शामिल लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस ने अब तक 100 से अधिक वायरल कंटेंट को ब्लॉक करवाया है। दूसरे जिलों से भी आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड मंगाया जा रहा है। यदि किसी आरोपी की अन्य मामलों में संलिप्तता सामने आती है तो संबंधित मामलों में उसकी जमानत निरस्त कराने की कार्रवाई भी की जाएगी।
सोशल मीडिया पर उकसाने की मुहिम
उज्जैन में शाही मस्जिद हटाने की कार्रवाई से पहले सोशल मीडिया पर 7 दिन तक मुहिम चली। इन्फ्लुएंसर्स ने लगातार रील्स पोस्ट कीं। वीडियो में अपील की गई थी: ‘JCB आ गई, जल्दी मस्जिद पहुंचें।’ इसके बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए।

