BREAKING NEWS
2026-10-17

उज्जैन शाही मस्जिद विवाद: कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कलेक्टर-एसपी से की मुलाकात

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, उज्जैन।

भोपाल मध्य से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने उज्जैन की पुरानी शाही मस्जिद विवाद में कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और एसपी प्रदीप शर्मा से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने मीनार गिरने की निष्पक्ष जांच और क्षतिग्रस्त हिस्से के जल्द पुनर्निर्माण की मांग की। विधायक मसूद ने पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए और कहा कि गिरफ्तारियां केवल सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ही की जानी चाहिए।

शनिवार शाम को उज्जैन पहुंचे विधायक मसूद ने पुलिस कंट्रोल रूम में कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और एसपी प्रदीप शर्मा के साथ बंद कमरे में लंबी मुलाकात की। मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कई बयान दिए।

Advertisement

आरिफ मसूद ने बताया कि शाही मस्जिद के पूर्व सदर अरशद भाई से उनका पुराना नाता रहा है और उनकी मृत्यु के दिन वे दिल्ली में थे, इसलिए आ नहीं पाए थे। उन्होंने कहा कि वे आज उनके परिजनों से मिलने आए थे।

मसूद ने सवाल उठाया कि जब मस्जिद के नीचे की दुकानें और ऊपर का हिस्सा हटाया जाना था, तो इस दौरान मीनार अचानक कैसे गिर गई। उन्होंने इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की और कहा कि उन्होंने यही बात कलेक्टर और एसपी से भी कही है।

विधायक ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि मुस्लिम युवकों की अंधाधुंध धरपकड़ की शिकायतें उन्हें लगातार फोन पर मिल रही हैं, जिस पर रोक लगनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि पहले सीसीटीवी फुटेज देखे जाएं और जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज है, सिर्फ उन्हें ही पकड़ा जाए।

मसूद ने प्रशासन से यह भी मांग की कि मीनार गिरने से मस्जिद का जो हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है, उसे जल्द से जल्द दोबारा बनाया जाए। अधिकारियों ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि निर्माण कार्य शुरू हो चुका है।

संयम की अपील और बयानबाजी से बचने की सलाह

आरिफ मसूद ने मुस्लिम समाज और नेताओं से संयम बरतने की अपील की। उन्होंने मुस्लिम समाज के युवकों से कहा कि यह समय संयम बरतने का है, एक-दूसरे पर आरोप न लगाएं और न लड़ें। उन्होंने कमेटियों से भी आरोप-प्रत्यारोप बंद करने को कहा।

मसूद ने कहा कि उज्जैन एक अच्छा शहर है, जहां गंगा-जमुनी तहजीब के साथ हर त्योहार मनाया जाता है। उन्होंने एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष हों या कोई और, सबको बयानबाजी से बचने की सलाह दी, ताकि शहर का माहौल खराब न हो।

शहर काजी के घर पर पथराव को गलत बताते हुए आरिफ मसूद ने कहा कि वे चाहेंगे कि काजी साहब उन लोगों को माफ कर दें और वे लोग भी काजी साहब से माफी मांग लें। उन्होंने कहा कि मिसकम्युनिकेशन के कारण हालात बने और काजी साहब अपनी बात लोगों तक सही तरीके से नहीं पहुंचा पाए। उन्होंने यह भी कहा कि पहले हमें यह तय करना होगा कि हमें सियासत करनी है या मजहब की हिफाजत की बात करनी है।

स्थानीय कांग्रेस नेताओं पर नाराजगी

अंत में आरिफ मसूद ने अपनी ही पार्टी के स्थानीय नेताओं पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इतना बड़ा मामला है और हम अपने उलेमा पर ही उंगली उठाने लगे। उन्होंने खासतौर पर उज्जैन के मुसलमानों को धन्यवाद दिया कि गांधीवादी तरीके से रास्ता निकला।

उन्होंने यह भी कहा कि इस बारे में वे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से भी शिकायत करेंगे। आरिफ मसूद ने सवाल उठाया कि जब वे 180 किलोमीटर दूर भोपाल से उज्जैन आ सकते हैं, तो यहां के जिम्मेदारों ने इस मामले को संज्ञान में क्यों नहीं लिया।