वरिष्ठ भाजपा नेता और उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल को राज्य शासन ने सिंहस्थ मेला प्राधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह निर्णय सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच लिया गया है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने 12 अगस्त 2026 को इस संबंध में आदेश जारी किया। 72 वर्षीय अग्रवाल के पास संगठन और प्रशासनिक जिम्मेदारियों का लंबा अनुभव है। उनकी भूमिका विभिन्न विभागों के समन्वय और सिंहस्थ की तैयारियों को दिशा देने में महत्वपूर्ण होगी। इससे मेला प्राधिकरण की भूमिका को नई गति मिलेगी। अग्रवाल 2015 से 2018 तक यूडीए अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर परिसर में एक हजार वर्ष पुराना शिव मंदिर फिर से आकार ले रहा है। वर्ष 2020-21 में खोदाई के दौरान इसके अवशेष मिले थे, जिनमें आधार भाग, गर्भगृह, शिवलिंग और कई प्रतिमाएं शामिल हैं। पुरातत्व विभाग इन अवशेषों के आधार पर भूमिज शैली में मंदिर का पुनर्निर्माण कर रहा है, जिसकी ऊंचाई 36 से 37 फीट रहेगी और लागत 65 से 90 लाख रुपये अनुमानित है। यह महाकाल मंदिर के प्राचीन इतिहास को पुनर्स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
श्रावण माह की शुरुआत के साथ ही श्री महाकालेश्वर मंदिर में लाखों श्रद्धालु उमड़ते हैं। मान्यता है कि श्रावण सोमवार व्रत से पाप नष्ट होते हैं और अक्षय पुण्य मिलता है। शाम 5 बजे जलाभिषेक बंद होने के बाद बाबा महाकाल राजा स्वरूप में दर्शन देते हैं। शाम 7 बजे संध्या आरती में दूध का भोग लगता है, जबकि रात 10:20 बजे शयन आरती में मेवे का प्रसाद चढ़ाया जाता है। मंदिर के पट इसके बाद बंद होते हैं। एक से एक लाख बिल्व पत्र चढ़ाने का विशेष धार्मिक महत्व है। माता सती और पार्वती ने शिव को पति रूप में पाने के लिए श्रावण व्रत किए थे।
भारत की स्वतंत्रता की तारीख और समय का निर्धारण उज्जैन के प्रसिद्ध पंडित सूर्यनारायण व्यास ने ज्योतिषीय गणना के आधार पर किया था। डॉ. राजेंद्र प्रसाद के आग्रह पर, पंडित व्यास ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता के लिए उपयुक्त बताया और आधी रात को औपचारिक ध्वजारोहण का सुझाव दिया, जिसे पंडित जवाहरलाल नेहरू ने स्वीकार किया। पंडित व्यास ने 1930 में ही भारत की आजादी और डॉ. राजेंद्र प्रसाद के राष्ट्रपति बनने की भविष्यवाणी कर दी थी, और पाकिस्तान के 14 अगस्त को बनने पर अस्थिरता की चेतावनी भी दी थी।
पश्चिम मध्य रेलवे ने श्रावण मास में उज्जैन में धार्मिक आयोजनों के कारण श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के मद्देनजर तीन जोड़ी अनारक्षित मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया है। ये ट्रेनें उज्जैन से भोपाल और संत हिरदाराम नगर के बीच 8 सितंबर तक प्रतिदिन चलेंगी। इनमें 09305/09306 उज्जैन-संत हिरदाराम नगर, 09307/09308 उज्जैन-भोपाल और 09313/09314 उज्जैन-संत हिरदाराम नगर मेला स्पेशल ट्रेनें शामिल हैं। इन ट्रेनों का तराना रोड, मक्सी, बेरछा, कालीसिंध, अकोदिया, शुजालपुर, कालापीपल और सीहोर सहित कई स्टेशनों पर ठहराव रहेगा, जिससे श्रद्धालुओं को सुगम आवागमन मिलेगा।
ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर से श्रावण मास में सोमवार को भगवान महाकाल की दूसरी सवारी निकाली गई। अवंतिकानाथ चंद्रमौलेश्वर और मनमहेश रूप में नगर भ्रमण पर निकले। इस बार बीमार श्यामू हाथी के स्थान पर मादा हाथी सुमा ने पहली बार सवारी में भाग लिया, जिससे 46 साल से चली आ रही रामू-श्यामू हाथी परिवार की सेवा समाप्त हो गई। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने पूजन कर सवारी को रवाना किया। सवारी परंपरागत मार्गों से शिप्रा तट पहुंची, जहां जलाभिषेक हुआ। 5 किलोमीटर लंबे सवारी मार्ग पर 4 घंटे तक भक्ति का उल्लास छाया रहा, जिसमें 15 से अधिक दल और 1200 जवान शामिल थे।
उज्जैन रेलवे स्टेशन पर मंगलवार से चार ट्रेनों के प्लेटफॉर्म बदले गए हैं। इनमें नई दिल्ली से आने वाली दो ट्रेनें और मुंबई से आने वाली अवंतिका एक्सप्रेस अब प्लेटफॉर्म नंबर दो से चलेंगी, जबकि इंदौर-नागपुर वंदे भारत एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म नंबर एक से रवाना होगी। रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार, यह बदलाव यात्रियों की सुविधा के लिए किया गया है, और ट्रेनों के समय में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। यात्रियों को स्टेशन पर प्लेटफॉर्म जांचने की सलाह दी गई है।
उज्जैन की बैडमिंटन खिलाड़ियों विधि शर्मा और उत्कर्षा पाल ने नेपाल में आयोजित इंडो-नेपाल इंटरनेशनल बैडमिंटन डबल्स टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीता है। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करते हुए, उन्होंने फाइनल मुकाबले में चीन की टीम को पराजित किया। 7 से 11 अगस्त तक चले इस टूर्नामेंट में 25 देशों की टीमों ने भाग लिया था। विधि और उत्कर्षा ने क्वार्टर फाइनल में इंडोनेशिया और सेमीफाइनल में मलेशिया को भी हराया था। उनका चयन खेलो इंडिया के तहत हुआ था और 15 अगस्त को उज्जैन पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया जाएगा।
उज्जैन में नागपंचमी के अवसर पर श्री महाकालेश्वर मंदिर के शीर्ष स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट 17 अगस्त, सोमवार को 24 घंटे के लिए खोले जाएंगे। इस वर्ष नागपंचमी और सावन का तीसरा सोमवार एक ही दिन पड़ने से एक दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिससे श्रद्धालु भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के साथ बाबा महाकाल की दिव्य सवारी का पुण्य लाभ भी प्राप्त कर सकेंगे। लाखों श्रद्धालुओं की अपेक्षित भीड़ के लिए प्रशासन और मंदिर समिति ने व्यापक व्यवस्थाएं की हैं, जिनमें पार्किंग, प्रसाद वितरण, चिकित्सा सुविधाएँ और व्हीलचेयर सेवाएँ शामिल हैं।
श्रावण कृष्ण पक्ष की हरियाली अमावस्या पर बुधवार सुबह उज्जैन के बाबा महाकाल मंदिर में भस्म आरती के दौरान हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। भक्तों ने देर रात से ही कतार में लगकर दर्शन किए। बाबा महाकाल को हरी भांग और हरे बेल पत्र की माला से श्रृंगारित किया गया, जिससे उनका अलौकिक स्वरूप नजर आया। श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि भस्म आरती रात 3 बजे शुरू हुई, जिसमें भगवान का पंचामृत से जलाभिषेक किया गया। यह बदलाव आश्विन मास की पूर्णिमा तक जारी रहेगा।