पूर्व भारतीय क्रिकेटर राजेश चौहान पर छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में ₹17.52 लाख की धोखाधड़ी का आरोप लगा है। ठेकेदार दिनकर विश्वमित्र ने आरोप लगाया है कि चौहान ने उन्हें जिंदल इस्पात लिमिटेड में ट्रांसपोर्ट का काम दिलाने का झांसा देकर पैसे ठगे। खुद को उद्योगपति नवीन जिंदल का करीबी बताकर और फर्जी वर्क ऑर्डर दिखाकर विश्वास जीता गया। पुलिस कार्रवाई न होने पर विश्वमित्र ने अदालत का रुख किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोर्ट ने मोहन नगर पुलिस को भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया है। राजेश चौहान वर्तमान में व्यवसायी और क्रिकेट एकेडमी के संचालक हैं।
रेलवे सतर्कता विभाग ने ट्रेन 15018 काशी एक्सप्रेस में एक फर्जी टीटीई को यात्रियों से अवैध वसूली करते हुए पकड़ा है। सोहागपुर निवासी 54 वर्षीय अरुण कुमार यादव जबलपुर मंडल की ट्रेनों में खुद को टीटीई बताकर उगाही कर रहा था। उसके पास से दो नकली रेलवे सील, फर्जी पहचान पत्र, रसीद बुक, ₹3500 नकद और गन जैसी दिखने वाली लाइटर जब्त की गई। विजिलेंस टीम ने शिकायतें मिलने के बाद योजना बनाकर मंगलवार देर रात सोहागपुर और बागरा स्टेशन के बीच उसे पकड़ा। आरोपी को आरपीएफ के हवाले कर दिया गया है और आगे की जांच जारी है।
जबलपुर में एक महिला डॉक्टर के अपॉइंटमेंट बुक कराने के नाम पर साइबर ठगी का शिकार हो गईं। अधारताल निवासी 44 वर्षीय कनक खेमचंदानी ने 12 जुलाई को एक मोबाइल नंबर पर संपर्क किया था। जालसाजों ने वॉट्सएप पर एक एपीके फाइल भेजकर उनका मोबाइल हैक कर लिया और उनके कैनरा बैंक खाते से कुल 51,699 रुपये निकाल लिए। इसमें 50,000 रुपये ‘लकी ईएनटी यूपी ग्रामीण बैंक’ और 1,699 रुपये ‘सूरज कुमार’ के पंजाब नेशनल बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए। अधारताल पुलिस ने अज्ञात आरोपित के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर पुलिस ने लोगों को अनजान एपीके फाइल डाउनलोड न करने की सलाह दी है।
रायसेन जिले के औबेदुल्लागंज स्थित वीर सावरकर शासकीय महाविद्यालय में बीएड तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा में ‘डमी कैंडिडेट’ बैठाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। लगभग चार माह की जांच के बाद पुलिस ने चार आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर तीन को गिरफ्तार किया है। यह मामला 17 फरवरी को ‘पेडागाजी ऑफ स्कूल’ विषय की परीक्षा के दौरान दो परीक्षार्थियों की पहचान पर संदेह होने से सामने आया। जांच में कृति आनंद की जगह मोनिका विश्वकर्मा और प्रदीप कुमार की जगह मनिभूषण कुमार के परीक्षा देने का खुलासा हुआ। पुलिस इस साजिश में शामिल अन्य लोगों या गिरोह की भूमिका की जांच कर रही है।
इंदौर के एक बड़े कारोबारी से 10 करोड़ रुपए के लोन का झांसा देकर 1 करोड़ रुपए ठगे गए थे, जिसे अब जिला कोर्ट के आदेश पर पूरी तरह वापस कर दिया गया है। एक्सिस बैंक ने कोर्ट के निर्देश पर आरोपियों के फ्रीज किए गए खातों से राशि कारोबारी के खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर की। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, इतनी बड़ी रकम की वापसी साइबर ठगी के मामलों में एक महत्वपूर्ण मिसाल है, जो समय पर शिकायत और खाते फ्रीज होने से संभव हुई।
Buland Soch News | सागरमध्यप्रदेश के सागर ज़िले के रहली क्षेत्र से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। रहली […]