BREAKING NEWS

Latest News

सेवानिवृत्त निगम कर्मचारी से 78 हजार रुपये की ठगी, अस्पताल में भर्ती मामा के इलाज का दिया झांसा

भोपाल के अशोका गार्डन क्षेत्र में एक सेवानिवृत्त निगम कर्मचारी जुगल किशोर श्रीवास्तव से साइबर ठग ने 78 हजार रुपये की ठगी की है। ठग ने 18 जुलाई को फोन कर खुद को शर्मा बताया और कहा कि उसके मामा को हृदय रोग है तथा वे अस्पताल में भर्ती हैं, जिसके इलाज के लिए तत्काल पैसों की आवश्यकता है। भरोसे में आए श्रीवास्तव ने पहले डॉक्टर के बताए यूपीआई पर 25 हजार, 20 हजार और 23 हजार रुपये भेजे, फिर ठग के अपने यूपीआई पर 10 हजार रुपये ट्रांसफर किए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है।

इंदौर में पार्ट टाइम जॉब के नाम पर महिला से 10 लाख 8 हजार की ऑनलाइन ठगी

इंदौर में एक महिला को पार्ट टाइम नौकरी के नाम पर 10 लाख आठ हजार रुपए की ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाया गया है। पीड़िता अनु इति जैन ने इंस्टाग्राम पर विज्ञापन देखा था, जिसके बाद उन्हें टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया। होटल-रेस्टोरेंट की रेटिंग देने के बदले कमीशन का झांसा देकर उनसे विभिन्न खातों में निवेश के नाम पर राशि जमा करवाई गई। शुरुआत में कुछ राशि लौटाकर भरोसा जीता गया, लेकिन बाद में कुल 10 लाख आठ हजार रुपए ठग लिए गए। एरोड्रम पुलिस ने शिकायत पर अज्ञात आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बीएड प्रवेश में अंक फर्जीवाड़ा: 11 छात्रों के 54% अंक 83% कर दिलाया दाखिला

प्रदेशभर के बीएड कॉलेजों में सत्र 2026-27 के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग के जरिए हुए दाखिलों में ‘मार्क्स माफिया’ द्वारा फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। कम अंक वाले 11 अभ्यर्थियों के ऑनलाइन आवेदन में 25-30% तक अंक बढ़ा दिए गए, जिससे वे मेरिट सूची में शीर्ष पर आ गए। एक उदाहरण में, 54% अंकों को 83% किया गया। दलाल इन फर्जी प्रवेशों के लिए अभ्यर्थियों से एक लाख रुपये वसूल रहे थे। यह धोखाधड़ी ऑनलाइन प्रक्रिया, शिक्षक सत्यापन और हेल्प सेंटर की तीन-स्तरीय जांच को धता बताते हुए की गई। प्रेस्टन कॉलेज ने ऐसे छात्रों के प्रवेश निरस्त करने का प्रस्ताव उच्च शिक्षा विभाग को भेजा है।

ग्वालियर के सीए से 21.05 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी

ग्वालियर के चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय से ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 21.05 करोड़ रुपए की ठगी का खुलासा हुआ है। साइबर ठगों ने यह रकम 15 से अधिक राज्यों के 20 हजार से ज्यादा म्यूल खातों में कई स्तरों पर स्थानांतरित की। पुलिस जांच में सामने आया है कि ठगी की 35 प्रतिशत राशि दक्षिण भारत में भेजी गई। राज्य साइबर जोन पुलिस ने इस मामले में शाजापुर के जिला पंचायत सदस्य जगदीश मालवीय और मैकेनिकल इंजीनियर अंकित वर्मा को गिरफ्तार किया है। मालवीय के खाते में 2.93 करोड़ रुपए मिले, जिसमें से 50 लाख रुपए ठगी के थे। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।

अनवर कादरी को लेकर जम्मू-कश्मीर पहुंची पुलिस, शस्त्र लाइसेंस प्रकरण में पूछताछ

इंदौर पुलिस ने कांग्रेस के पूर्व पार्षद अनवर कादरी को जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले ले जाकर विवादित शस्त्र लाइसेंस प्रकरण की जांच का दायरा बढ़ा दिया है। कादरी पर सितंबर 2023 में धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था, क्योंकि उसने 2007 में फर्जी दस्तावेजों से कठुआ से 12 बोर बंदूक और 2012 में रिवॉल्वर का लाइसेंस बनवाया था। जम्मू-कश्मीर प्रशासन के पास इसका कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं मिला है। पुलिस लाइसेंस स्वीकृति प्रक्रियाओं और बिचौलियों की संलिप्तता की जांच कर रही है। कादरी पर 24 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिसमें लव जिहाद के आरोप भी शामिल हैं।

जबलपुर में सीबीआई अधिकारी बनकर वृद्ध दंपती को छह दिन डिजिटल अरेस्ट कर 22 लाख रुपये ठगे

जबलपुर में साइबर ठगों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर एक वृद्ध दंपती, प्रकाश पॉल शेजवाल (75) और उनकी पत्नी डोरा शेजवाल, से 22 लाख रुपये की ठगी की। ठगों ने दंपती को मनी लॉन्ड्रिंग और ड्रग्स केस में फंसाने का झांसा दिया और छह दिन तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा। इस दौरान, 21 लाख रुपये की एफडी तुड़वाकर आरटीजीएस के माध्यम से और 98,999 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए गए। पीड़ित ने सिविल लाइंस थाने में शिकायत दर्ज कराई है, और पुलिस आरोपितों की पहचान में जुटी है।

साइबर ठगों का नया तरीका: पुलिस से बचने के लिए ‘हैंडलर’ तैनात, APK फाइल से चुरा रहे OTP

म्यूल खातों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के बाद साइबर अपराधियों ने ठगी का नया तरीका अपनाया है। अब वे ‘हैंडलर’ तैनात कर रहे हैं, जो तकनीकी रूप से दक्ष युवा और बीई-बीटेक इंजीनियर होते हैं। ये हैंडलर दूर-दराज के राज्यों से ठगी नेटवर्क और बैंक खाते संचालित करते हैं। हाल ही में 21.05 करोड़ रुपये की चार्टर्ड अकाउंटेंट से ठगी के मामले में हैंडलर अंकित वर्मा को गिरफ्तार किया गया। हैंडलर एपीके फाइल के जरिए ओटीपी प्राप्त कर स्क्रीन शेयरिंग से काम करते हैं और ठगी का पैसा तुरंत कई खातों में ट्रांसफर कर देते हैं, जिससे पुलिस को उलझाना आसान हो जाता है। खाताधारक को केवल एटीएम से अपना कमीशन निकालना होता है।

खंडवा में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 3 लाख की ठगी, एक गिरफ्तार

खंडवा में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर अपराधियों ने श्रवण कुमार नामक व्यक्ति से 3 लाख 4 हजार 999 रुपये की ठगी की। आरोपितों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर उन्हें गंभीर मामलों में फंसाने का डर दिखाया और लगभग 15 दिन तक मानसिक दबाव में रखा। ठगी के बाद अपराधियों ने पीड़ित को स्वयं ही थाने भेज दिया, जहां उन्हें पता चला कि उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच की और झाबुआ निवासी आकाश उर्फ हावसिंह भूरिया को गिरफ्तार किया। इस ठगी में दो अन्य आरोपित भी शामिल हैं, जिनकी तलाश जारी है।

ग्वालियर में CA से 21.05 करोड़ की साइबर ठगी: शाजापुर जिला पंचायत सदस्य और रतलाम का हैंडलर गिरफ्तार

ग्वालियर में चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय से 21.05 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने शाजापुर के जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार मालवीय और रतलाम निवासी हैंडलर अंकित वर्मा को गिरफ्तार किया है। अंकित अपना नेटवर्क बिहार के पटना से संचालित करता था। जगदीश मालवीय के खाते में ठगी के 50 लाख रुपये पहुंचे थे, जो चंद मिनटों में छह राज्यों के 100 से अधिक बैंक खातों में स्थानांतरित हो गए। पुलिस नेटवर्क से जुड़े लोगों और बैंक खातों की जांच कर रही है। आरोपियों के मोबाइल और लैपटॉप की फोरेंसिक जांच जारी है।

एक करोड़ की धोखाधड़ी मामले में बैंक खातों की जांच, फरार बेटे की तलाश

इंदौर क्राइम ब्रांच ने गुजरात क्षेत्र की डीलरशिप दिलाने के नाम पर 1 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने वाले 74 वर्षीय मनोहर लाल गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अब क्राइम ब्रांच आरोपी के बैंक खातों की जांच कर रही है ताकि पता चल सके कि ठगी के पैसों का कहां इस्तेमाल किया गया। साथ ही, मामले में आरोपी के फरार बेटे की भी तलाश की जा रही है। शिकायतकर्ता कमलेश अग्रवाल ने बताया था कि आरोपियों ने 50-50 लाख रुपये जमा करवाए थे, लेकिन बाद में न तो मार्जिन मनी मिली, न माल और न ही मूल राशि वापस की गई।