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2026-08-10

स्क्वाड्रन लीडर भावना कंठ देश की पहली महिला ‘टॉप गन’ बनीं

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, ग्वालियर।

स्क्वाड्रन लीडर भावना कंठ ने ग्वालियर स्थित भारतीय वायुसेना के टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (टीएडीसीई) में प्रतिष्ठित फाइटर कॉम्बैट लीडर कोर्स सफलतापूर्वक पूरा करके भारतीय सैन्य इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा है। इस उपलब्धि के साथ, वह देश की पहली महिला ‘टॉप गन’ बन गई हैं।

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भारतीय वायुसेना के इस सबसे कठिन, चुनौतीपूर्ण और प्रतिष्ठित युद्धक प्रशिक्षण कार्यक्रम को पूरा करने वाली वह पहली महिला फाइटर पायलट हैं।

‘टॉप गन’ कोई पद या रैंक नहीं है, बल्कि यह भारतीय वायुसेना के फाइटर कॉम्बैट लीडर कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले चुनिंदा फाइटर पायलटों को मिलने वाली एक प्रतिष्ठित पहचान है। इस कोर्स को भारतीय वायुसेना का सबसे चुनौतीपूर्ण युद्धक प्रशिक्षण माना जाता है।

ग्वालियर स्थित टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट भारतीय वायुसेना का सर्वोच्च फाइटर टैक्टिक्स संस्थान है। यहां केवल चुनिंदा और उत्कृष्ट फाइटर पायलटों को उन्नत हवाई युद्ध, रणनीतिक नेतृत्व और मिशन संचालन का प्रशिक्षण दिया जाता है।

यहां से प्रशिक्षित अधिकारी अपने-अपने स्क्वाड्रनों में युद्धक रणनीति तैयार करने और अन्य पायलटों को प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी निभाते हैं।

बिहार के दरभंगा की रहने वाली भावना कंठ वर्ष 2016 में भारतीय वायुसेना की पहली महिला फाइटर पायलटों के पहले बैच का हिस्सा बनी थीं।

उन्होंने पहले मिग-21 बाइसन और बाद में सुखोई-30 एमकेआई जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों पर उड़ान भरी। मार्च 2020 में उन्हें दिन के समय युद्ध अभियानों के लिए पूरी तरह ऑपरेशनल घोषित किया गया था।

20 माह के कोर्स के बाद अब ‘टॉप गन’ बनने के साथ उन्होंने महिलाओं के लिए एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है।

ग्वालियर स्थित भारतीय वायुसेना के जिस टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (टीएसडीई) में स्क्वाड्रन लीडर भावना कंठ ने ‘टॉप गन’ का खिताब हासिल किया है, उस कॉम्बैट यूनिट को प्रेसिडेंट्स स्टैंडर्ड सम्मान मिल चुका है।

वर्ष 2009 में पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट के साथ 47 स्क्वाड्रन को यह सम्मान ग्वालियर में प्रदान किया था।

पहले इसे ‘टैक्टिक्स एंड कॉम्बैट डेवलपमेंट एंड ट्रेनिंग स्क्वाड्रन’ के नाम से जाना जाता था। 1 फरवरी 1971 को आदमपुर, पंजाब में इसके गठन के समय, स्क्वाड्रन को विभिन्न विमानों के लिए टैक्टिकल प्रक्रियाओं का अध्ययन और विकास करने, स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रक्रियाओं को लागू करने और ऑपरेशनल सिद्धांतों और टैक्टिक्स में पायलटों को प्रशिक्षण देने का काम सौंपा गया था।