छतरपुर जिले के गौरिहार क्षेत्र के ग्राम पलटा की रिचा तिवारी ने मध्य प्रदेश राज्य सहकारी बैंक द्वारा आयोजित सोसायटी मैनेजर भर्ती परीक्षा में प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने 172.57 अंक हासिल किए और उनका चयन जिला सहकारी बैंक छतरपुर में मैनेजर के पद पर हुआ है। दिलीप तिवारी की सुपुत्री रिचा की यह उपलब्धि ग्रामीण परिवेश में सीमित संसाधनों में तैयारी कर रही अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत से लक्ष्य प्राप्त करने का प्रमाण है। उनके परिवार और ग्रामवासियों में खुशी का माहौल है।
शिवपुरी जिले के बघरा साजौर गांव में करीब 100 आदिवासी महिलाओं ने सरपंच पुत्र रोहित लोधी और समाजसेवी सोनू के साथ मिलकर जंगल में चल रही अवैध कच्ची शराब की भट्टी पर धावा बोला। महिलाओं का आरोप है कि इमरत पाल खेती की आड़ में यह भट्टी चला रहा था। मौके से 7 डिब्बे कच्ची शराब और लहान बरामद की गई। कार्रवाई के दौरान आरोपी इमरत पाल और उसकी पत्नी ने महिलाओं पर हमला किया, जिसके बाद आरोपी नदी की तरफ भाग गया। महिलाओं ने प्रशासन को सख्त कार्रवाई न होने पर स्वयं अड्डे खत्म करने की चेतावनी दी है।
पन्ना राष्ट्रीय उद्यान के आसपास के गांवों में प्लास्टिक कचरा अब ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार का स्रोत बन गया है। मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा 2022 में शुरू किए गए ‘प्रोजेक्ट क्लीन डेस्टिनेशंस’ के तहत 14 ग्राम पंचायतों के 30 गांवों से 45 टन से अधिक प्लास्टिक एकत्र कर उसे उपयोगी उत्पादों जैसे बैग और स्मृति चिन्ह में बदला गया है। यह पहल महिलाओं को प्रशिक्षण, आय और आर्थिक आत्मनिर्भरता प्रदान कर रही है, साथ ही पारंपरिक कारीगरी को पर्यावरणीय उद्देश्य से जोड़ रही है। 2025 में बांधवगढ़ तक विस्तारित इस मॉडल को SKOCH सिल्वर अवार्ड भी मिला है, जो संरक्षण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को जोड़ता है।
भारत फाइनेंशियल इन्क्लूजन लिमिटेड की सिहोरा शाखा के छह संगम मैनेजरों पर जबलपुर में ₹25.44 लाख के गबन का आरोप है। सिहोरा थाना पुलिस ने शाखा प्रबंधक गोविंद रजक की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है। आरोपितों ने महिला समूहों से ऋण की किश्तें और प्री-पेमेंट के रूप में वसूली गई राशि बैंक में जमा करने के बजाय निजी उपयोग में ली। कृष्णकांत पांडेय, सौरभ सेन, अतुल बैरागी, आकाश सिंह गौंड, पवन कुशवाहा और बृजेश सिंह पर यह आरोप है। जांच में प्रत्येक आरोपित द्वारा गबन की गई राशि का विवरण भी सामने आया है।
इंदौर की युवतियां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में शहर का नाम रोशन कर रही हैं। डॉ. राधिका धर्माधिकारी ने डेनमार्क में अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया। दर्शना शर्मा का चयन मिशन शक्ति सेट नेशनल फाइनलिस्ट 2026 के लिए हुआ है, और वह वैश्विक वर्कशॉप में भाग लेंगी। हर्षिता पाहवा ने मलेशिया में आयोजित रिदम एंड एक्सप्रेशन प्रतियोगिता में भरतनाट्यम श्रेणी में स्वर्ण पदक जीता है। साथ ही, मध्यप्रदेश में पढ़ाई छोड़ चुकी बेटियों को फिर से स्कूल भेजने के लिए ‘सरस्वती अभियान’ चलाया जाएगा, जिसका पूरा खर्च सरकार वहन करेगी।
स्क्वाड्रन लीडर भावना कंठ भारतीय वायु सेना की पहली महिला फाइटर पायलट बन गई हैं, जिन्होंने फाइटर कॉम्बैट लीडर (FCL) कोर्स सफलतापूर्वक पूरा किया है। ग्वालियर में टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (टीएसीडीई) में 20 सप्ताह के इस कठिन कोर्स को उन्होंने पूरा किया। कंठ ने एसयू-30 उड़ाने से पहले मिग-21 बाइसन का संचालन किया है। उनकी अन्य उपलब्धियों में 2021 में गणतंत्र दिवस परेड में पहली महिला फाइटर पायलट के रूप में हिस्सा लेना और 2024 के गणतंत्र दिवस फ्लाईपास्ट में उड़ान भरना शामिल है। यह उनकी सैन्य करियर में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
स्क्वाड्रन लीडर भावना कंठ ने ग्वालियर स्थित भारतीय वायुसेना के टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (टीएडीसीई) से प्रतिष्ठित फाइटर कॉम्बैट लीडर कोर्स सफलतापूर्वक पूरा कर देश की पहली महिला ‘टॉप गन’ बन गई हैं। वह भारतीय वायुसेना के इस सबसे चुनौतीपूर्ण युद्धक प्रशिक्षण कार्यक्रम को पूरा करने वाली पहली महिला फाइटर पायलट हैं। ‘टॉप गन’ एक प्रतिष्ठित पहचान है, पद नहीं। बिहार के दरभंगा की भावना कंठ 2016 में पहली महिला फाइटर पायलटों के बैच का हिस्सा थीं और उन्होंने मिग-21 बाइसन तथा सुखोई-30 एमकेआई जैसे विमान उड़ाए हैं। टीएडीसीई को 2009 में प्रेसिडेंट्स स्टैंडर्ड सम्मान भी मिल चुका है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्रावण माह में उज्जैन का दौरा किया, जहां उन्होंने श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इस दौरान उन्होंने महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से इंदौर रोड पर हैंडलूम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शुभारंभ किया, जहां निःशुल्क प्रशिक्षण और घर से काम करने के अवसर मिलेंगे। साथ ही, मुख्यमंत्री डॉ. यादव और भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने 18.66 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले आधुनिक न्यायाधीश अतिथि गृह का भूमिपूजन और शिलान्यास भी किया।
प्रदेश सरकार स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की महिलाओं को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार बनाने की दिशा में अग्रसर है। झाबुआ के थांदला में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ₹300 करोड़ के ऋण वितरण कार्यक्रम में यह संकेत दिया। सरकार का लक्ष्य महिलाओं को केवल हितग्राही नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था की संचालक के रूप में स्थापित करना है। अगले वर्ष से सरकारी स्कूलों की यूनिफॉर्म एसएचजी की महिलाएं तैयार करेंगी, जिससे उन्हें स्थायी आय मिलेगी।
देश में प्रभावशाली महिलाओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो एक वर्ष में 21% बढ़कर 117 हो गई है। इनकी कुल संपत्ति 39 लाख करोड़ रुपये है, जो फिनलैंड की जीडीपी से अधिक है। 2026 की कैंडेरे हुरुन इंडिया वुमन लीडर्स सूची के अनुसार, इन महिलाओं में से 84% (98) ने स्वयं के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। सूची में विभिन्न क्षेत्रों की महिलाएं शामिल हैं, जिनमें 19 वर्षीय शीतल देवी सबसे युवा और 86 वर्षीय रजनी बेक्टर सबसे उम्रदराज हैं। मुंबई 26 महिलाओं के साथ शीर्ष पर है, जबकि दिल्ली में 21 महिलाएं हैं।