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2026-10-17

1.21 लाख मेधावी विद्यार्थियों के खातों में 25-25 हजार रुपए ट्रांसफर

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच,

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लैपटॉप वितरण कार्यक्रम में अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए मेधावी विद्यार्थियों को सफलता का मंत्र दिया। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा था, जब वे गणतंत्र और स्वतंत्रता दिवस पर मिलने वाले लड्डू के लिए भी तरस जाते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज परिस्थितियाँ बदल गई हैं। उन्होंने बच्चों से कहा कि “आज लर्न करोगे तो कल अर्न करोगे।” मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनके भविष्य के सपनों पर भी संवाद किया, जिसमें किसी ने राजनेता तो किसी ने एंटरप्रेन्योर बनने की इच्छा जताई। इस कार्यक्रम में 10 विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए गए, जबकि 1.21 लाख विद्यार्थियों के खातों में लैपटॉप खरीदने के लिए 25-25 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए।

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मेधावी विद्यार्थियों के विचार

12वीं में 97.2% अंक प्राप्त करने वाले धीरेंद्र सिंह मुंडेला ने बताया कि वह आगे चलकर राजनेता बनना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनका लक्ष्य यूपीएससी की तैयारी करना है और वे 21 वर्ष की उम्र में परीक्षा देने का प्रयास करेंगे। धीरेंद्र ने अपनी इच्छा व्यक्त की कि वे राजनीति में आकर देश के विकास में योगदान देना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि घूमने के दौरान उन्होंने लोगों की कई तरह की परेशानियाँ और मजबूरियाँ देखीं। उनका मानना है कि राजनीति के जरिए लोगों की समस्याओं को दूर करने में प्रभावी भूमिका निभाई जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि ज्यादातर युवा आईआईटी, इंजीनियरिंग, साइंस या लॉ जैसे क्षेत्रों में जाना चाहते हैं, इसलिए उन्होंने राजनीति को अपना लक्ष्य बनाया।
95% अंक हासिल करने वाली हिमांशी पाठक ने एंटरप्रेन्योर बनने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शुरुआत में एयर होस्टेस के रूप में काम करने के बाद उनका खुद का बिजनेस शुरू करने का सपना है। हिमांशी फाउंडर या को-फाउंडर बनना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि एआई (AI) और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के दौर में अपना व्यवसाय खड़ा करना एक बेहतर विकल्प है। उनका लक्ष्य नौकरी पाने के बजाय नौकरी देने वाली बनना है। हिमांशी ने यह भी कहा कि उन्हें खुद पर पूरा भरोसा है और वह खुद पर शक नहीं करतीं।

मुख्यमंत्री का कृषि और राजनीति पर जोर

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से खेती-किसानी को लेकर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि डॉक्टर, इंजीनियर और वकील जैसे पेशे आवश्यक हैं, लेकिन खेती भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि किसान अन्न पैदा नहीं करेगा तो समाज का काम नहीं चलेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पढ़े-लिखे और योग्य युवाओं का राजनीति में आना जरूरी है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इससे अच्छे जनप्रतिनिधि और बेहतर नेतृत्व तैयार होगा।

लैपटॉप योजना का विस्तार और लाभ

परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि सरकारी स्कूलों के प्रति विद्यार्थियों और अभिभावकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में सरकारी स्कूलों में दाखिला बढ़ा है और ड्रॉपआउट दर में निरंतर कमी आई है। मंत्री ने जानकारी दी कि वर्ष 2025-26 में करीब 1.21 लाख विद्यार्थियों ने 12वीं में 75% से अधिक अंक हासिल किए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले वर्ष यह संख्या करीब 92 हजार थी। इस वर्ष विद्यार्थियों के खातों में लैपटॉप के लिए कुल 304 करोड़ 98 लाख 50 हजार रुपए से अधिक की राशि ट्रांसफर की जाएगी।
मंत्री ने बताया कि लैपटॉप योजना शुरू होने के बाद से अब तक करीब 6 लाख विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल चुका है। सरकार इस योजना पर लगभग 1620 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है। लैपटॉप से विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल पाठ्य सामग्री, ई-लर्निंग और ई-लाइब्रेरी जैसी सुविधाओं का लाभ मिलेगा। मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप देने की यह योजना वर्ष 2009-10 में शुरू की गई थी। शुरुआत में पात्रता के लिए 85% अंक आवश्यक थे, जिसे बाद में घटाकर 75% कर दिया गया।

शिक्षक भर्ती की तैयारी

शिक्षकों की कमी के संबंध में राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि अतिथि शिक्षकों के माध्यम से भी सेवाएं ली जा रही हैं। उन्होंने बताया कि नियमानुसार आरक्षण और बैकलॉग सहित अन्य प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए करीब 18 हजार रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है। मंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए रिक्त पदों को भरना सरकार की प्राथमिकता है।