बुलंद सोच, भोपाल।

राजधानी भोपाल में मेट्रो के संचालन पर हो रहे भारी खर्च और सीमित आय के दबाव के बीच मेट्रो प्रबंधन ने फेरों की संख्या में कटौती की है। घाटा बढ़ने और खाली कोचों के संचालन के कारण प्रबंधन ने यह निर्णय लिया।
13 सितंबर को जारी संशोधित समय-सारणी के अनुसार, 15 सितंबर से नान-पीक आवर्स में मेट्रो के फेरे कम कर दिए गए हैं, जिसे प्रबंधन ने आंशिक संशोधन बताया है।
जानकारी के अनुसार, सामान्य दिनों में (सोमवार से शनिवार) 21 फेरे कम किए गए हैं, जबकि रविवार और अवकाश के दिनों में 6 फेरे कम किए गए हैं।
वर्तमान में रोजाना 500 से 700 यात्री मेट्रो में सफर कर रहे हैं, और रविवार व अवकाश के दिनों में यह आंकड़ा 1000 से 1200 तक पहुंच रहा है। हालांकि, प्रबंधन वर्तमान खर्च और आय का स्पष्ट ब्योरा देने से बच रहा है।
17 अगस्त को सप्ताह के सभी दिनों में हर 15 मिनट की सेवा का दावा करने वाले प्रबंधन ने अब सुबह 11:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक फ्रीक्वेंसी को 15 मिनट से बढ़ाकर 30 मिनट कर दिया है।
इससे सामान्य दिनों में दिनभर के फेरे 62 से घटकर सीधे 41 रह गए हैं, जबकि इस अवधि में सिर्फ 22 फेरे होंगे। शाम 5 बजे से 7:30 बजे तक 15 मिनट के अंतराल पर 19 फेरे चलेंगे।
एक तरफ मेट्रो यात्रियों की संख्या बढ़ाने पर जोर दे रहा है, वहीं एमपी मेट्रो का ऐप पर समय-सारणी अपडेट नहीं की जा रही है। लाखों रुपये खर्च करके अप्रैल 2026 में लॉन्च हुआ यह ऐप तब से अपडेट नहीं किया गया है।
ऐप पर आज भी पुराना टाइम टेबल दर्शाया जा रहा है, जिससे यात्रियों को सही जानकारी नहीं मिल पा रही है। ऐप में एम्स से मेट्रो के चलने का समय 9:30 बजे दर्शाया जा रहा है, जबकि यह सुबह 11 बजे रवाना होती है।
इसी तरह, ऐप में सुभाष नगर से पहली मेट्रो का समय सुबह 8:50 दर्शाया जा रहा है, जबकि वर्तमान में यह 11:30 बजे रवाना होती है।
एमपी मेट्रो के एमडी एस कृष्ण चैतन्य ने बताया कि पहले 15 मिनट में मेट्रो एक फेरा लगा रही थी, अब 30 मिनट में मेट्रो एक फेरा लगा रही है। उन्होंने कहा कि नया टाइम टेबल लोगों की डिमांड को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जिससे फेरों की संख्या कम हुई है।

