बुलंद सोच, छिंदवाड़ा।
छिंदवाड़ा। तामिया क्षेत्र में लगातार बारिश और सुबह से कोहरे के मौसम के कारण दृश्यता कम थी। दोपहर लगभग 2 बजे, बीजाढाना स्कूल के सामने रहने वाले 55 वर्षीय चतुरसिंह शीलू अपने घर से एक किलोमीटर दूर खेत में बैल चराने गए थे। वे एक पत्थर पर बैठे थे, तभी अचानक एक जंगली हाथी उनके सामने आ गया और उन्हें उठाकर फेंक दिया।
इस हमले में चतुरसिंह शीलू को बाईं जांघ के पास मांशल हिस्से में मामूली चोटें आईं। किसी तरह पैदल ही अपने घर पहुंचने के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम, जो उस समय कानखेड़ी में मुस्तैद थी, तत्काल घटनास्थल पर पहुंची।
वन विभाग की टीम घायल चतुरसिंह को लेकर तामिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंची, जहां डॉ. योगेश बारसिया ने उनका उपचार किया। इस दौरान धगड़िया सरपंच संध्या नर्रे भी अस्पताल पहुंचीं।
वन विभाग की ओर से एसडीओ सीमा ठाकुर, रेंजर गुरुदयाल साहू और अन्य स्टाफ अस्पताल में मौजूद रहे। तामिया थाने से प्रधान आरक्षक रवि सरेआम और आरक्षक सोमवीर जाट भी घायल के बयान दर्ज करने अस्पताल पहुंचे।
वन विभाग की सतर्कता और जागरूकता अभियान
गुरुवार सुबह से ही वन विभाग की तामिया और जुन्नारदेव टीमें जंगली हाथी की उपस्थिति वाले इलाकों में मुस्तैद थीं। यह टीमें ग्रामीणों को जागरूक करने, मुनादी कार्य करने और निगरानी रखने में जुटी हुई थीं।
इस अभियान में डिप्टी रेंजर नोहरलाल शरणागत, नरसिंह उइके, वनपाल संजय धुर्वे, यशवंत परतेती, वनरक्षक संतोष भलावी, पवन कुमार बादशाह, सनीम भारती, सहरसिंह उइके, राम प्रसाद भारती और जयकुमार कुंजाम की टीम शामिल थी। यह टीम सेमरलाल परासिया तामिया के राजथरी होते हुए बीजाढाना के इलाकों में लगातार तीन दिनों से सक्रिय थी।
बीजाढाना ग्राम जुन्नारदेव वन परिक्षेत्र का हिस्सा है। जुन्नारदेव वन परिक्षेत्र से वनपाल कन्हैयालाल बेलवंशी, वनरक्षक राहुल जैसवाल और अनिल राठौर भी इस अभियान में शामिल रहे।
बुधवार सुबह से ही तामिया के समीपस्थ ग्राम राजथरी क्षेत्र में जंगली हाथी दिखाई देने के बाद से वन विभाग की टीम ग्रामीणों को सतर्क और सुरक्षित रहने के लिए लगातार मुस्तैद रही थी।

