छिंदवाड़ा में विश्व आदिवासी दिवस रैली के दौरान शहर में पांच-छह स्थानों पर विवाद की सूचना मिली। बस स्टैंड स्थित एक शराब दुकान में तोड़फोड़ का आरोप लगा है। शराब ठेकेदार की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज व साक्ष्य जुटा रही है। रैली में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे, जो अधिकांशतः शांतिपूर्ण रही, लेकिन कुछ स्थानों पर युवाओं के बीच कहासुनी हुई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस बल ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है।
छिंदवाड़ा के पांढुर्णा जिले के सौंसर स्थित प्रसिद्ध जामसांवली हनुमान मंदिर के हनुमान लोक में मंगलवार दोपहर पंखे के ऊपर लगा पीओपी का एक हिस्सा भरभराकर नीचे गिर गया। इस घटना में दो श्रद्धालु बाल-बाल बचे। एहतियातन, उस हिस्से में श्रद्धालुओं की आवाजाही बंद करा दी गई है और मरम्मत का काम शुरू हो गया है। हनुमान लोक का निर्माण इसी वर्ष मार्च में हुआ था, जिससे इतनी जल्दी निर्माण का हिस्सा गिरने पर गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय विधायक विजय चौरे ने मामले की जांच की मांग की है। मंदिर समिति के सचिव टीकाराम कारोकर ने स्पष्ट किया कि यह वर्षा के कारण हुई क्षति है, न कि भ्रष्टाचार का मामला।
छिंदवाड़ा में विश्व आदिवासी दिवस (9 अगस्त) के अवसर पर निकाली गई एक रैली के दौरान अप्रिय घटना सामने आई है। शहर के व्यस्त बस स्टैंड स्थित एक शराब दुकान पर रैली में शामिल कुछ लोगों द्वारा हमला कर तोड़फोड़ की गई। इस घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। संबंधित शराब ठेकेदार ने थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर पुलिस मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
महिलाओं ने छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव क्षेत्र के मोयारी गांव में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ एक मिसाल पेश की। उन्होंने पुलिस और आबकारी विभाग की विफलता के बावजूद, अपनी एकजुटता और साहस से अवैध शराब ले जा रही एक बोलेरो गाड़ी को पकड़ा, जिससे शराब तस्करों के मंसूबे विफल हो गए। ग्रामीणों ने इस घटना के बाद सरकार के ‘नशा मुक्ति अभियानों’ को दिखावा बताया और पुलिस व आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। यह घटना समाज के लिए प्रेरणा है और प्रशासन को भी इससे सीख लेकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने का आह्वान करती है।
ग्राम केरिया की नवविवाहिता सरिता की नागपुर में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। उसने जहरीले पदार्थ का सेवन किया था। मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है, जिसके कारण सरिता ने यह कदम उठाया। हालत बिगड़ने पर उसे निरमया अस्पताल, नागपुर ले जाया गया, जहां 20-21 जुलाई की दरमियानी रात उसका निधन हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन ससुराल पक्ष का बयान अभी सामने नहीं आया है। मायके पक्ष ने सख्त कार्रवाई की मांग की है।