बुलंद सोच, ग्वालियर।

ग्वालियर स्थित पुलिस ट्रेनिंग स्कूल (पीटीएस) तिघरा में पर्यावरण संरक्षण को लेकर किए गए प्रयास अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने की दिशा में अग्रसर हैं। पीटीएस परिसर के 172 एकड़ विस्तृत क्षेत्र में लाखों पौधे रोपकर न केवल विशाल हरित आवरण तैयार किया गया है, बल्कि लुप्त हो चुकी स्थानीय जैव विविधता को पुनर्जीवित करने के लिए भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
इन प्रयासों को वैश्विक स्तर पर मान्यता दिलाने और संस्थान को ‘कार्बन क्रेडिट’ दिलवाने की कवायद तेज हो गई है। इसी सिलसिले में ‘ग्रीन पाथ आर्गेनाइजेशन’ की एक विशेष टीम ने पीटीएस तिघरा परिसर का दौरा किया।
टीम ने परिसर में किए गए सघन पौधारोपण, जैव विविधता के संरक्षण और अन्य पहलों का भौतिक सत्यापन व वैज्ञानिक मूल्यांकन शुरू कर दिया है।
क्या है कार्बन क्रेडिट?
कार्बन क्रेडिट एक प्रकार का अंतरराष्ट्रीय परमिट या प्रमाण पत्र होता है, जो पर्यावरण से हानिकारक गैसों के उत्सर्जन को कम करने या कार्बन डाइऑक्साइड को सोखने के बदले दिया जाता है।
मॉडल बना 20 हेक्टेयर का बगीचा
पीटीएस में 20 हेक्टेयर में एक बगीचा बनाया गया है, जहां अलग-अलग प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। इनमें से अधिकांश पौधे ऐसे हैं जो हवा को शुद्ध करते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड को सोखकर हवा में ऑक्सीजन बढ़ाते हैं। यही बगीचा मॉडल बना है।
इस बगीचे में त्रिवेणी यानि पीपल, नीम और बरगद को एक साथ कई समूह में लगाया गया है। ग्रीन पाथ आर्गेनाइजेशन के साउथ एशिया के हेड जय आनंद पीटीएस पहुंचे और उन्होंने इस बगीचे का भ्रमण किया।
जय आनंद ने पौधारोपण से लेकर पौधारोपण के वैज्ञानिक तरीके जाने। इसके बाद उन्होंने इस बगीचे को कार्बन क्रेडिट के योग्य बताया, हालांकि यह क्षेत्र छोटा है। कार्बन क्रेडिट के लिए बड़ा क्षेत्र चाहिए, फिर भी इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
जल संरक्षण के प्रयास
पीटीएस तिघरा में वर्षा का जल संरक्षित करने के लिए भी प्रयास किए गए हैं। परिसर में जगह-जगह चेक डैम बनाए गए हैं और वाटर हार्वेस्टिंग की गई है।
एसपी पीटीएस का बयान
एसपी, पीटीएस अखिलेश रैनवाल ने बताया कि कार्बन क्रेडिट के लिए ग्रीन पाथ आर्गेनाइजेशन की टीम ने विजिट किया है। उन्होंने कहा कि बगीचा करीब 20 एकड़ में है, जिसमें हवा से कार्बन डाइऑक्साइड कम की जा रही है। यह बगीचा कार्बन क्रेडिट के योग्य है, लेकिन छोटा है, फिर भी प्रयास है कि कार्बन क्रेडिट प्रमाण पत्र मिल जाए।
शहर में ऐसे बगीचों की आवश्यकता
शहर में वायु प्रदूषण बढ़ने को देखते हुए जानकारों का कहना है कि शहर में कई जगह ऐसे बगीचे होने चाहिए, जो कार्बन डाइऑक्साइड को सोखकर हवा को शुद्ध कर सकें।

