बुलंद सोच, ग्वालियर।

ग्वालियर में पहली बार आयोजित हुई दो दिवसीय वेस्ट जोन रीजनल ज्यूडिशियरी कांफ्रेंस का समापन हुआ। इस कांफ्रेंस में विभिन्न राज्यों के उच्च न्यायालयों के जस्टिस ने महत्वपूर्ण विषयों पर ज्ञानार्जन प्रदान किया। राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में कांफ्रेंस के दूसरे दिन रविवार को दो सत्रों का आयोजन किया गया।
सत्रों में चर्चा के विषय
इन सत्रों में विषय विशेषज्ञों द्वारा कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गईं। कांफ्रेंस के दूसरे दिन ‘न्यायिक शिक्षा का डिजिटल रूपांतरण अवसर, चुनौतियां’ और ‘आगे का रास्ता’ विषय पर कर्नाटक उच्च न्यायालय के जस्टिस सूरज गोविंद राज एवं मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के जस्टिस संजीव सुधाकर कालगांवकर ने जानकारी दी। इसके साथ ही ‘संवेदनशील और समावेशी न्याय के लिए न्यायिक सक्षमताओं का निर्माण’ विषय पर गुजरात उच्च न्यायालय की पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सोनिया गोकानी एवं उड़ीसा उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सुभाशीष तालपत्रा ने जानकारी प्रदान की।
धन्यवाद ज्ञापन एवं आयोजन व्यवस्था
अंत में कांफ्रेंस के समस्त विषयों पर संक्षिप्त विवरण एवं ज्ञानार्जन प्रदान करते हुए मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ ग्वालियर के प्रशासनिक न्यायाधिपति जीएस अहलूवालिया द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया। यह वेस्ट जोन रीजनल ज्यूडिशियरी कांफ्रेंस का ऐसा पहला बड़ा आयोजन था जो पहली बार ग्वालियर में बेहतर ढंग से किया गया। हाई कोर्ट के प्रशासनिक न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया के निर्देशन में सभी व्यवस्थाएं की गईं। इससे पूर्व यह रीजनल कांफ्रेंस इंदौर में आयोजित की गई थी।
डॉग शो का प्रदर्शन
दो दिवसीय कांफ्रेंस के समापन अवसर पर कृषि विश्वविद्यालय परिसर में बीएसएफ टेकनपुर के राष्ट्रीय श्वान प्रशिक्षण केंद्र द्वारा डॉग शो का प्रदर्शन भी किया गया। इस डॉग शो में बीएसएफ के नेशनल सेंटर फॉर डॉग ट्रेनिंग की टीम खास डॉग्स को लेकर पहुंची। यहां देसी और विदेशी श्वानों ने एक से बढ़कर एक हैरतअंगेज कारनामे दिखाए, जिनमें विस्फोटक पदार्थ की पहचान, 16 फीट की ऊंचाई से रिंग को लाना, रस्सी पर चलना और जंपिंग जैसी कई एक्टिविटी शामिल थीं। श्वानों की चुस्ती, सजगता और सक्रियता देखकर न्यायाधीशगणों ने तालियां बजाईं और सभी ने उनकी तारीफ की।

