मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति हिमांशु जोशी की एकलपीठ ने दहेज एक्ट के तहत दर्ज एक एफआईआर को निरस्त कर दिया है। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि सक्षम अदालत में आपसी समझौते के बाद आपराधिक मुकदमा जारी रखना उत्पीड़न है। यह मामला घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत हुए समझौते से संबंधित था, जिसमें शिकायतकर्ता ने सभी लंबित मुकदमे वापस लेने पर सहमति जताई थी। एकलपीठ ने पाया कि शिकायतकर्ता ने सामान्य आरोप लगाए थे, विशेषकर ससुराल पक्ष के खिलाफ। न्यायालय ने इसे कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग माना।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 61 वर्ष करने पर विचार करने को कहा है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन की पीठ ने यह निर्देश देशभर के जिला न्यायपालिका के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। यह अंतरिम व्यवस्था 1 अप्रैल, 2026 से लागू होगी और संबंधित उच्च न्यायालयों से परामर्श के बाद राज्यों को दो सप्ताह में अपना पक्ष रखना होगा।