बुलंद सोच, इंदौर।

इंदौर क्राइम ब्रांच ने ‘ऑपरेशन मैट्रिक्स’ के तहत कार्रवाई करते हुए बालेश्वर राठौर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, राठौर 250 से अधिक बैंक खातों की जानकारी नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों को साझा कर चुका था।
पूर्व में हुई गिरफ्तारी और बरामदगी
इससे पहले क्राइम ब्रांच ने नेहरू पार्क रोड से ललित उर्फ ऋषि सुतार को पकड़ा था। सुतार के लैपटॉप बैग की तलाशी में 21 बैंक पासबुक, आठ एटीएम कार्ड, 20 चेकबुक, सात क्यूआर कोड और एक एचपी लैपटॉप बरामद हुआ था। पूछताछ के दौरान, ललित सुतार इन दस्तावेजों के संबंध में संतोषजनक जानकारी नहीं दे पाया था।
साइबर अपराधों से जुड़ाव
पुलिस ने जब्त बैंक खातों की जानकारी एनसीआरपी पोर्टल पर जांची, जिसमें कई खातों से साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायतें जुड़ी मिलीं। इन शिकायतों में निवेश के नाम पर ठगी, एपीके के जरिए धोखाधड़ी और अन्य प्रकार के ऑनलाइन वित्तीय अपराध शामिल थे। इन शिकायतों का संबंध अलग-अलग राज्यों से पाया गया।
बालेश्वर राठौर की भूमिका और आगे की जांच
जांच को आगे बढ़ाने पर पुलिस के सामने बालेश्वर राठौर की भूमिका स्पष्ट हुई। पुलिस के अनुसार, उसने 250 से अधिक बैंक खातों की जानकारी दूसरे आरोपियों तक पहुंचाई थी। अब पुलिस इन खातों के वास्तविक खाताधारकों, उनमें हुए संदिग्ध लेन-देन और साइबर ठगी की रकम के ट्रेल की जांच कर रही है। क्राइम ब्रांच जब्त पासबुक, चेकबुक, एटीएम, क्यूआर कोड और लैपटॉप से मिले डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इन खातों की जानकारी आगे किन लोगों तक पहुंची और उनका इस्तेमाल किन साइबर अपराधों में हुआ। 250 से ज्यादा खातों का यह नेटवर्क कितना बड़ा है और इसके पीछे कौन-कौन लोग हैं, इसकी जांच जारी है।
अन्य कार्रवाई
बिलासपुर रेंज साइबर थाना ने भी एक बड़ा नेटवर्क पकड़ा है, जिसमें बारह लाख से अधिक के संदिग्ध लेन-देन का पर्दाफाश हुआ है।

