प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में इंदौर निवासी आलोक शारदा सहित अन्य आरोपियों की 13 करोड़ रुपए की 18 अचल संपत्तियां जब्त की हैं। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई। आरोपियों ने मानपुर स्थित शारदा वेयरहाउस में वेयरहाउस फाइनेंस स्कीम का दुरुपयोग कर आईडीबीआई बैंक को 14 करोड़ का नुकसान पहुंचाया। मेसर्स किसान धन एग्री फाइनेंशियल सर्विसेज भी 12 करोड़ के वेयरहाउस रिसीट फाइनेंस घोटाले में शामिल थी।
इंदौर क्राइम ब्रांच ने ‘ऑपरेशन मैट्रिक्स’ के तहत साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए बालेश्वर राठौर को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि राठौर ने 250 से अधिक बैंक खातों की जानकारी अन्य आरोपियों को साझा की थी। इससे पहले, ललित उर्फ ऋषि सुतार नामक व्यक्ति से 21 बैंक पासबुक, 8 एटीएम कार्ड सहित कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए थे। पुलिस की जांच में इन खातों का संबंध निवेश धोखाधड़ी और एपीके फ्राड जैसे विभिन्न साइबर अपराधों से पाया गया है, जिनकी शिकायतें अलग-अलग राज्यों से जुड़ी हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।
भोपाल स्थित एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड में किसानों के फसल बीमा की 3.62 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आउटसोर्स कर्मचारी राजेश विश्वकर्मा पर हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान के किसानों के क्लेम की रकम रिश्तेदारों व परिचितों के खातों में ट्रांसफर करने का आरोप है। उसने किसानों के बैंक खाते बदले और कंपनी के भुगतान सिस्टम में सेंध लगाई। किसानों की शिकायत के बाद जांच शुरू हुई, जिसके फलस्वरूप एमपीनगर पुलिस ने राजेश विश्वकर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
मंडला के बहुचर्चित डबल मनी प्रकरण में कोतवाली पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन पर कम समय में जमा पूंजी दोगुनी करने का लालच देकर लोगों से 1.75 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 32 लाख रुपये नकद सहित करीब 66.50 लाख रुपये का माल जब्त किया है। विशेष टीमों ने नागपुर, गोंदिया, मुंबई और बालाघाट सहित विभिन्न स्थानों पर तलाश के बाद गोंदिया, बालाघाट और मंडला में दबिश देकर गिरफ्तारियां कीं। मुख्य आरोपी राजिक कुरैशी पर नागपुर में भी धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। पुलिस निवेशकों की पहचान और वित्तीय लेन-देन की जानकारी जुटा रही है।
इंदौर में एक महिला को पार्ट टाइम नौकरी के नाम पर 10 लाख आठ हजार रुपए की ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाया गया है। पीड़िता अनु इति जैन ने इंस्टाग्राम पर विज्ञापन देखा था, जिसके बाद उन्हें टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया। होटल-रेस्टोरेंट की रेटिंग देने के बदले कमीशन का झांसा देकर उनसे विभिन्न खातों में निवेश के नाम पर राशि जमा करवाई गई। शुरुआत में कुछ राशि लौटाकर भरोसा जीता गया, लेकिन बाद में कुल 10 लाख आठ हजार रुपए ठग लिए गए। एरोड्रम पुलिस ने शिकायत पर अज्ञात आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ग्वालियर के चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय से ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 21.05 करोड़ रुपए की ठगी का खुलासा हुआ है। साइबर ठगों ने यह रकम 15 से अधिक राज्यों के 20 हजार से ज्यादा म्यूल खातों में कई स्तरों पर स्थानांतरित की। पुलिस जांच में सामने आया है कि ठगी की 35 प्रतिशत राशि दक्षिण भारत में भेजी गई। राज्य साइबर जोन पुलिस ने इस मामले में शाजापुर के जिला पंचायत सदस्य जगदीश मालवीय और मैकेनिकल इंजीनियर अंकित वर्मा को गिरफ्तार किया है। मालवीय के खाते में 2.93 करोड़ रुपए मिले, जिसमें से 50 लाख रुपए ठगी के थे। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
ब्यावरा में एक पेट्रोल पंप संचालक और उसके साझेदारों से व्यापार विस्तार के लिए 10 करोड़ रुपये का लोन दिलाने का झांसा देकर 65 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई है। इंदौर के दो व्यक्तियों, योगेश अटोले उर्फ योगेश पाटिल और मनीष कटियार पर आरोप है कि उन्होंने खुद को बड़े वित्तीय संस्थानों से जुड़ा बताकर प्रोसेसिंग फीस, मॉर्गेज और अन्य शुल्कों के नाम पर करीब दो साल तक किस्तों में यह रकम वसूली। लोन न मिलने पर पीड़ित की शिकायत पर ब्यावरा शहर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मध्य प्रदेश में 21.05 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी के मामले में भाजपा नेता और शाजापुर जिला पंचायत सदस्य जगदीश मालवीय को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि मालवीय ठगी की रकम से विधानसभा चुनाव लड़कर मंत्री बनने का सपना देख रहा था। उसके बैंक खाते में कुछ महीनों में करीब 2.93 करोड़ रुपये के लेनदेन सामने आए हैं, जिसमें से लगभग 50 लाख रुपये ग्वालियर के सीए अशोक विजयवर्गीय से हुई ठगी से संबंधित हैं। पुलिस ने रतलाम निवासी अंकित वर्मा को भी गिरफ्तार किया है और साइबर ठगी के विस्तृत नेटवर्क की जांच कर रही है।
भोपाल के शाहपुरा में एक सेवानिवृत्त अधिकारी घनश्याम प्रसाद मिश्रा और उनके परिवार को साइबर ठग ने 64 हजार रुपये का चूना लगाया। ठग ने खुद को रिश्तेदार बताकर 1 अगस्त को फोन किया और दावा किया कि उसका रिश्तेदार अपोलो अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है, जिसे स्टेंट के लिए तत्काल भुगतान की आवश्यकता है। उसने फर्जी ट्रांजेक्शन का स्क्रीनशॉट भेजकर झांसा दिया, जिसके बाद परिवार के सदस्यों ने कुल 64 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। संदेह होने पर बैंक स्टेटमेंट चेक करने पर धोखाधड़ी का खुलासा हुआ और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
ग्वालियर में एक कम पढ़े-लिखे किसान प्रमोद शर्मा के साथ उसके रिश्तेदार कुशल डंडोतिया ने 58 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। कुशल ने किसान के बैंक खाते से अपना मोबाइल नंबर लिंक कर नेट बैंकिंग के जरिए सारी रकम अपने खाते में स्थानांतरित कर ली। यह खुलासा तब हुआ जब किसान पासबुक एंट्री कराने बैंक पहुंचा। किसान के पिता ने 15 साल पहले पैतृक जमीन बेचकर यह रकम प्रमोद के खाते में जमा की थी। महाराजपुरा थाना पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है।