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इंदौर में पार्ट टाइम जॉब के नाम पर महिला से 10 लाख 8 हजार की ऑनलाइन ठगी

इंदौर में एक महिला को पार्ट टाइम नौकरी के नाम पर 10 लाख आठ हजार रुपए की ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाया गया है। पीड़िता अनु इति जैन ने इंस्टाग्राम पर विज्ञापन देखा था, जिसके बाद उन्हें टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया। होटल-रेस्टोरेंट की रेटिंग देने के बदले कमीशन का झांसा देकर उनसे विभिन्न खातों में निवेश के नाम पर राशि जमा करवाई गई। शुरुआत में कुछ राशि लौटाकर भरोसा जीता गया, लेकिन बाद में कुल 10 लाख आठ हजार रुपए ठग लिए गए। एरोड्रम पुलिस ने शिकायत पर अज्ञात आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

ग्वालियर के सीए से 21.05 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी

ग्वालियर के चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय से ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 21.05 करोड़ रुपए की ठगी का खुलासा हुआ है। साइबर ठगों ने यह रकम 15 से अधिक राज्यों के 20 हजार से ज्यादा म्यूल खातों में कई स्तरों पर स्थानांतरित की। पुलिस जांच में सामने आया है कि ठगी की 35 प्रतिशत राशि दक्षिण भारत में भेजी गई। राज्य साइबर जोन पुलिस ने इस मामले में शाजापुर के जिला पंचायत सदस्य जगदीश मालवीय और मैकेनिकल इंजीनियर अंकित वर्मा को गिरफ्तार किया है। मालवीय के खाते में 2.93 करोड़ रुपए मिले, जिसमें से 50 लाख रुपए ठगी के थे। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।

ब्यावरा में 10 करोड़ के लोन के झांसे में 65 लाख की ठगी, इंदौर के दो जालसाजों पर FIR दर्ज

ब्यावरा में एक पेट्रोल पंप संचालक और उसके साझेदारों से व्यापार विस्तार के लिए 10 करोड़ रुपये का लोन दिलाने का झांसा देकर 65 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई है। इंदौर के दो व्यक्तियों, योगेश अटोले उर्फ योगेश पाटिल और मनीष कटियार पर आरोप है कि उन्होंने खुद को बड़े वित्तीय संस्थानों से जुड़ा बताकर प्रोसेसिंग फीस, मॉर्गेज और अन्य शुल्कों के नाम पर करीब दो साल तक किस्तों में यह रकम वसूली। लोन न मिलने पर पीड़ित की शिकायत पर ब्यावरा शहर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

21.05 करोड़ की साइबर ठगी में भाजपा नेता जगदीश मालवीय गिरफ्तार, मंत्री बनने का था सपना

मध्य प्रदेश में 21.05 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी के मामले में भाजपा नेता और शाजापुर जिला पंचायत सदस्य जगदीश मालवीय को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि मालवीय ठगी की रकम से विधानसभा चुनाव लड़कर मंत्री बनने का सपना देख रहा था। उसके बैंक खाते में कुछ महीनों में करीब 2.93 करोड़ रुपये के लेनदेन सामने आए हैं, जिसमें से लगभग 50 लाख रुपये ग्वालियर के सीए अशोक विजयवर्गीय से हुई ठगी से संबंधित हैं। पुलिस ने रतलाम निवासी अंकित वर्मा को भी गिरफ्तार किया है और साइबर ठगी के विस्तृत नेटवर्क की जांच कर रही है।

भोपाल में आईसीयू इलाज के बहाने सेवानिवृत्त अधिकारी के परिवार से 64 हजार रुपये की साइबर ठगी

भोपाल के शाहपुरा में एक सेवानिवृत्त अधिकारी घनश्याम प्रसाद मिश्रा और उनके परिवार को साइबर ठग ने 64 हजार रुपये का चूना लगाया। ठग ने खुद को रिश्तेदार बताकर 1 अगस्त को फोन किया और दावा किया कि उसका रिश्तेदार अपोलो अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है, जिसे स्टेंट के लिए तत्काल भुगतान की आवश्यकता है। उसने फर्जी ट्रांजेक्शन का स्क्रीनशॉट भेजकर झांसा दिया, जिसके बाद परिवार के सदस्यों ने कुल 64 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। संदेह होने पर बैंक स्टेटमेंट चेक करने पर धोखाधड़ी का खुलासा हुआ और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।

ग्वालियर में किसान से 58 लाख की धोखाधड़ी, रिश्तेदार ने बैंक खाते से लिंक किया अपना मोबाइल

ग्वालियर में एक कम पढ़े-लिखे किसान प्रमोद शर्मा के साथ उसके रिश्तेदार कुशल डंडोतिया ने 58 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। कुशल ने किसान के बैंक खाते से अपना मोबाइल नंबर लिंक कर नेट बैंकिंग के जरिए सारी रकम अपने खाते में स्थानांतरित कर ली। यह खुलासा तब हुआ जब किसान पासबुक एंट्री कराने बैंक पहुंचा। किसान के पिता ने 15 साल पहले पैतृक जमीन बेचकर यह रकम प्रमोद के खाते में जमा की थी। महाराजपुरा थाना पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है।

मुंबई में 90 वर्षीय बुजुर्ग से ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर 1.57 करोड़ रुपये की ठगी

मुंबई में साइबर ठगों ने एक 90 वर्षीय बुजुर्ग को ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखकर 1.57 करोड़ रुपये ठग लिए। ठगों ने स्वयं को दूरसंचार विभाग और मुंबई पुलिस का अधिकारी बताया, फर्जी नोटिस और वेबसाइट दिखाई। सात महीने तक चले इस मानसिक दबाव के बाद बुजुर्ग ने अपनी जमा पूंजी गंवा दी। उन्हें ठगी का अहसास तब हुआ जब उन्होंने अखबार में डिजिटल अरेस्ट से जुड़ी खबर पढ़ी। नवी मुंबई साइबर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

भोपाल में फर्जी ट्रेडिंग ऐप से दंपती से 26.84 लाख की साइबर ठगी

भोपाल में साइबर ठगी के कई मामले सामने आए हैं। बागसेवनिया थाना क्षेत्र में एक दंपती से फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए 26.84 लाख रुपये की ठगी हुई। उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर शेयर और आईपीओ में निवेश का झांसा दिया गया। इसके अतिरिक्त, अलकापुरी में ब्लिंकिट कस्टमर केयर बनकर 79 वर्षीय रिटायर्ड बैंककर्मी से 95 हजार रुपये ठगे गए। कजलीखेड़ा में क्रेडिट कार्ड अपडेट के नाम पर 29 वर्षीय व्यक्ति से 1.38 लाख रुपये की ऑनलाइन शॉपिंग की गई, और शाहपुरा में एटीएम कार्ड अपडेट के बहाने 57 वर्षीय व्यक्ति के खाते से 45 हजार रुपये निकाल लिए गए। पुलिस ने सभी मामलों में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

लोनावाला की महिला वकील से नकली स्टॉक ट्रेडिंग में 78.98 लाख रुपये की ठगी

महाराष्ट्र के लोनावाला में 40 वर्षीय एक महिला वकील से नकली स्टॉक ट्रेडिंग के नाम पर 78.98 लाख रुपये की ठगी की गई है। ठगों ने उन्हें आईपीओ में भारी मुनाफे, विदेश यात्रा और बच्चों की मुफ्त उच्च शिक्षा जैसे आकर्षक वादे किए। महिला ने निवेश जारी रखने के लिए 40 लाख रुपये का गोल्ड लोन भी लिया। ठगों ने यूट्यूब के माध्यम से संपर्क स्थापित किया और एक फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए करोड़ों का मुनाफा दिखाया। रकम निकालने पर ब्रोकरेज शुल्क की मांग के बाद महिला को धोखाधड़ी का अहसास हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

इंदौर में 8 करोड़ के शासकीय गबन मामले में एक और आरोपी गिरफ्तार

इंदौर में लगभग 8 करोड़ रुपये के शासकीय धन के गबन से जुड़े मामले में रावजी बाजार थाना पुलिस ने सर्वहारा नगर, परदेशीपुरा निवासी मनोज उर्फ हल्लू को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि सह-आरोपी रंजीत ने मनोज के बैंक खाते में 13 लाख 72 हजार रुपये स्थानांतरित किए थे। यह घोटाला जिला कोषालय के फर्जी स्वीकृति आदेशों से अंजाम दिया गया था, जिसमें पात्र हितग्राहियों के स्थान पर निजी बैंक खातों में शासकीय राशि ट्रांसफर की गई थी। आरोपी पुलिस रिमांड पर है और उससे राशि के उपयोग तथा अन्य आरोपियों की भूमिका के संबंध में पूछताछ जारी है।