ग्वालियर शहर में साइबर ठगी की पांच घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें एक वायुसेनाकर्मी सहित पांच लोग शिकार हुए हैं। महाराजपुरा एयरफोर्स स्टेशन में पदस्थ सुनील बंसल ने ‘वेलकम बोनस’ के झांसे में आकर एक लिंक पर क्लिक किया, जिसके बाद उनके खाते से 2.26 लाख रुपये निकल गए। अन्य घटनाओं में अरविंद श्रीवास ने 32,214 रुपये, देवकुमार गुप्ता ने लगभग 67 हजार रुपये, माताप्रसाद राठौर ने 1.18 लाख रुपये और अनवर कुरैशी ने 40 हजार रुपये गंवाए हैं। ये सभी घटनाएं शहर के महाराजपुरा और मुरार क्षेत्रों से संबंधित हैं।
भोपाल के अशोका गार्डन क्षेत्र में एक सेवानिवृत्त निगम कर्मचारी जुगल किशोर श्रीवास्तव से साइबर ठग ने 78 हजार रुपये की ठगी की है। ठग ने 18 जुलाई को फोन कर खुद को शर्मा बताया और कहा कि उसके मामा को हृदय रोग है तथा वे अस्पताल में भर्ती हैं, जिसके इलाज के लिए तत्काल पैसों की आवश्यकता है। भरोसे में आए श्रीवास्तव ने पहले डॉक्टर के बताए यूपीआई पर 25 हजार, 20 हजार और 23 हजार रुपये भेजे, फिर ठग के अपने यूपीआई पर 10 हजार रुपये ट्रांसफर किए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
इंदौर में एक महिला को पार्ट टाइम नौकरी के नाम पर 10 लाख आठ हजार रुपए की ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाया गया है। पीड़िता अनु इति जैन ने इंस्टाग्राम पर विज्ञापन देखा था, जिसके बाद उन्हें टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया। होटल-रेस्टोरेंट की रेटिंग देने के बदले कमीशन का झांसा देकर उनसे विभिन्न खातों में निवेश के नाम पर राशि जमा करवाई गई। शुरुआत में कुछ राशि लौटाकर भरोसा जीता गया, लेकिन बाद में कुल 10 लाख आठ हजार रुपए ठग लिए गए। एरोड्रम पुलिस ने शिकायत पर अज्ञात आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इंदौर में राजेंद्रनगर पुलिस ने एक हाईटेक अंतरराज्यीय कार चोर गिरोह को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का उपयोग करके कारों के लॉकिंग सिस्टम को डिकोड करता था और चोरी से पहले इलाके की बिजली आपूर्ति बंद कर देता था। गिरोह में एक महिला भी शामिल थी, जिससे उन पर संदेह कम होता था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालकर और चोरी की कार पर निगरानी रखकर चार आरोपितों को पकड़ा। उनके पास से चोरी की दो कारें और चोरी में प्रयुक्त उपकरण बरामद हुए हैं।
म्यूल खातों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के बाद साइबर अपराधियों ने ठगी का नया तरीका अपनाया है। अब वे ‘हैंडलर’ तैनात कर रहे हैं, जो तकनीकी रूप से दक्ष युवा और बीई-बीटेक इंजीनियर होते हैं। ये हैंडलर दूर-दराज के राज्यों से ठगी नेटवर्क और बैंक खाते संचालित करते हैं। हाल ही में 21.05 करोड़ रुपये की चार्टर्ड अकाउंटेंट से ठगी के मामले में हैंडलर अंकित वर्मा को गिरफ्तार किया गया। हैंडलर एपीके फाइल के जरिए ओटीपी प्राप्त कर स्क्रीन शेयरिंग से काम करते हैं और ठगी का पैसा तुरंत कई खातों में ट्रांसफर कर देते हैं, जिससे पुलिस को उलझाना आसान हो जाता है। खाताधारक को केवल एटीएम से अपना कमीशन निकालना होता है।
खंडवा में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर अपराधियों ने श्रवण कुमार नामक व्यक्ति से 3 लाख 4 हजार 999 रुपये की ठगी की। आरोपितों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर उन्हें गंभीर मामलों में फंसाने का डर दिखाया और लगभग 15 दिन तक मानसिक दबाव में रखा। ठगी के बाद अपराधियों ने पीड़ित को स्वयं ही थाने भेज दिया, जहां उन्हें पता चला कि उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच की और झाबुआ निवासी आकाश उर्फ हावसिंह भूरिया को गिरफ्तार किया। इस ठगी में दो अन्य आरोपित भी शामिल हैं, जिनकी तलाश जारी है।
ग्वालियर में चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय से 21.05 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने शाजापुर के जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार मालवीय और रतलाम निवासी हैंडलर अंकित वर्मा को गिरफ्तार किया है। अंकित अपना नेटवर्क बिहार के पटना से संचालित करता था। जगदीश मालवीय के खाते में ठगी के 50 लाख रुपये पहुंचे थे, जो चंद मिनटों में छह राज्यों के 100 से अधिक बैंक खातों में स्थानांतरित हो गए। पुलिस नेटवर्क से जुड़े लोगों और बैंक खातों की जांच कर रही है। आरोपियों के मोबाइल और लैपटॉप की फोरेंसिक जांच जारी है।
इंदौर के एरोड्रम क्षेत्र की अनु पूर्वा सिंह को इंस्टाग्राम पर थाईलैंड ट्रिप का विज्ञापन देखकर बुकिंग करना महंगा पड़ गया। साइबर ठगों ने कम किराए में फुकेट ट्रिप और इंडिगो के साथ कोलैबोरेशन का झांसा देकर युवती से कुल 44,500 रुपए ऐंठ लिए। 6 जुलाई को इंदौर एयरपोर्ट पहुंचने पर टिकट इनवैलिड निकला और आरोपियों के नंबर बंद मिले। पूर्वा ने साइबर सेल में शिकायत की, जिसके बाद एरोड्रम पुलिस ने शुक्रवार को एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इंदौर में एक युवती थाईलैंड यात्रा के नाम पर ₹47,000 की साइबर ठगी का शिकार हुई। युवती ने इंस्टाग्राम पर ‘द टूरिंग साइट्स’ का ऑफर देखकर भारत से फुकेट और इंदौर से दिल्ली के लिए टिकट बुक किए थे। ठगों ने एयरलाइंस से समझौते का दावा करते हुए कम कीमत में टिकट का झांसा दिया। युवती ने लव गुप्ता नामक व्यक्ति के खाते में ₹36,000 और ₹11,000 जमा किए। 6 जुलाई को हवाई अड्डे पहुंचने पर टिकट फर्जी निकले। युवती ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है और अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है।
इंदौर में साइबर ठगों ने एक व्यक्ति को ऑस्ट्रेलिया में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी और वर्क वीजा दिलाने का झांसा देकर 7.21 लाख रुपये की ठगी की। ठगों ने खुद को ‘इंच टेक्नोलाजीज’ कंपनी का मैनेजर और डायरेक्टर बताकर गूगल मीट पर फर्जी कॉन्ट्रैक्ट कराया और स्वास्थ्य बीमा व वीजा शुल्क के नाम पर किश्तों में पैसे लिए। क्राइम ब्रांच ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इसी तरह, कनाड़िया पुलिस ने प्रज्ञा पंवार की शिकायत पर मोबाइल हैक कर यूपीआई के जरिए 99,996 रुपये की धोखाधड़ी का मामला भी दर्ज किया है।