बुलंद सोच, इंदौर।

इंदौर में बड़ा बांगड़दा और नैनोद स्थित जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीनीकरण मिशन (JNNURM) मल्टियों की स्थिति बदहाल बनी हुई है। इन इमारतों में जगह-जगह मरम्मत की आवश्यकता है और कई मूलभूत सुविधाओं को लेकर रहवासी परेशान हैं। इस संबंध में पहले भी कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं। अब लहूजी शक्ति सेना मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष अनिल साठे ने मल्टियों की मरम्मत और अन्य समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर नगर निगम कमिश्नर को एक ज्ञापन सौंपा है।
साठे के अनुसार, इंदौर नगर निगम के वार्ड क्रमांक 15, नया बसेरा-गांधी नगर क्षेत्र के अंतर्गत JNNURM परियोजना के तहत बड़ा बांगड़दा और नैनोद मल्टियों का निर्माण किया गया है। बड़ा बांगड़दा में 1,012 और नैनोद में लगभग 1,000 फ्लैट हैं। दोनों मल्टियों में कुल लगभग 2,012 फ्लैट हैं, जिनमें बड़ी संख्या में परिवार निवास कर रहे हैं।
साठे ने बताया कि दोनों मल्टियों में 700 से अधिक नगर निगम के मस्टर कर्मचारी और 800 से ज्यादा रेगपिकर्स, कचरा संग्रहण तथा स्वच्छता कार्य से जुड़े कर्मचारी अपने परिवारों के साथ रहते हैं। ये कर्मचारी शहर की साफ-सफाई और स्वच्छता व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, परंतु खुद बदहाल आवासीय स्थिति में रहने को विवश हैं।
साठे के अनुसार, बड़ा बांगड़दा मल्टियों की स्थिति विशेष रूप से खराब है। यहां कई स्थानों पर प्लास्टर उखड़ रहा है, दीवारों में दरारें पड़ गई हैं और सीढ़ियों की रेलिंग भी क्षतिग्रस्त है। इसके अतिरिक्त, रंगाई-पुताई और अन्य आवश्यक सिविल रिपेयरिंग कार्यों की आवश्यकता है।
उन्होंने बताया कि इन समस्याओं को लेकर पहले भी नगर निगम और जनप्रतिनिधियों को कई बार अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। साठे ने नगर निगम कमिश्नर से मल्टियों का निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य कराने और रहवासियों की मूलभूत समस्याओं का निराकरण करने की मांग की है।
एक अन्य जानकारी के अनुसार, इंदौर में मानसून के दौरान कई क्षेत्र खतरे में बताए गए हैं। खतरनाक मकान कागजों पर दर्ज होने के बावजूद उन्हें हटाया नहीं गया है, और इसके लिए कोर्ट स्टे को एक बहाना बताया गया है।

