बुलंद सोच, इंदौर।

रियल एस्टेट कारोबारी बंटी उर्फ संदीप नागर आत्महत्या प्रकरण में पुलिस लगभग निष्कर्ष के करीब पहुंच गई है। बंटी ने आर्थिक तंगी और वसूली से परेशान होकर आत्महत्या की है। रुपयों की मांग करने वाले कुछ लोगों द्वारा बंटी की बीमारी की अफवाह भी फैलाई गई थी।
कारोबारी बंटी नागर की पहचान और परियोजनाएं
गुलमोहर कॉलोनी निवासी 56 वर्षीय बंटी संस्कृति डेवलपर्स के नाम से कॉलोनियां विकसित करने का काम करते थे। बंटी ने बाल्याखेड़ी (बायपास) पर एक बड़ा प्रोजेक्ट शुरू किया था। इस प्रोजेक्ट में भाजपा नेता के रिश्तेदार राजेश, रितेश और बंटी गोयल का पैसा लगा था। ये तीनों ही बंटी को लगातार परेशान कर रहे थे। बंटी का एक अन्य प्रोजेक्ट सुपर कॉरिडोर के समीप भी था, जिसमें लेनदेन को लेकर भी परेशानी चल रही थी।
पुलिस जांच और सामने आए नाम
पुलिस ने बंटी के परिजनों से दोबारा बात की है और कुछ चैटिंग भी प्राप्त की है। परिजनों ने दर्जी कराडिया के विष्णु, राजेश, बंटी, मनोज चौधरी, महेश दलोदरा, गोविंद नानेरिया सहित बबलू उर्फ अशोक भाटिया का नाम लिया है।
मुख्य आरोपियों की भूमिका
अशोक भाटिया द्वारा करोड़ों रुपयों का लेनदेन किया गया था और वह लगातार बंटी पर दबाव बना रहा था। पुलिस को इसके साक्ष्य भी मिले हैं। महेश दलोदरा ने कुछ साल पहले रुपयों को लेकर बंटी को धमकाया था।
पार्षद के रिश्तेदार की संलिप्तता
पुलिस के अनुसार, विजय नगर क्षेत्र में रहने वाला एक पार्षद का रिश्तेदार भी रुपयों के लिए बंटी को धमका रहा था। इसके माध्यम से करोड़ों रुपयों का लेनदेन हुआ है। जमीनों की हेराफेरी में शामिल इस युवक ने बंटी से घंटों तक बात की थी।
अतिरिक्त जांच बिंदु
इंदौर में बंटी नागर के बेटे और भाई ने कर्ज की बात से इनकार किया है। पुलिस एक्सपर्ट से बंटी के मोबाइल का लॉक खुलवाने का प्रयास कर रही है।

