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2026-10-17

मध्य प्रदेश में जाली पासपोर्ट नेटवर्क का खुलासा, 70 की पुष्टि

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

मध्य प्रदेश में जाली दस्तावेजों का उपयोग कर बांग्लादेशियों के लिए पासपोर्ट बनाने वाले एक नेटवर्क की गतिविधियों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। राज्य स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) इस मामले की जांच कर रही है।

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गिरफ्तारियां और पासपोर्टों के पते

एसटीएफ ने अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से नागपुर से पकड़े गए एक आरोपित जय चौधरी बरुआ का पासपोर्ट गुजरात के कच्छ जिले के मथल गांव के पते पर बना पाया गया। कच्छ के पास पाकिस्तान सीमा लगती है, जिसके कारण एसटीएफ आरोपित जय चौधरी बरुआ से गहन पूछताछ कर रही है। महाराष्ट्र के उल्हासनगर से गिरफ्तार किए गए प्रियान राय का पासपोर्ट ग्वालियर के डबरा स्थित बौद्ध विहार के पते पर बना है।

जांच के दायरे में सरकारी तंत्र

एसटीएफ के रडार पर अब सरकारी विभागों का वह सिस्टम है, जो सत्यापन से लेकर दस्तावेज बनाने वाली प्रक्रिया में शामिल है। ये वही दस्तावेज हैं, जिनके जरिए पासपोर्ट बनाए गए हैं। अब तक पुलिस और अन्य विभागों के कर्मचारियों को मिलाकर 15 लोगों के नाम सूची में हैं। इस सूची में ग्वालियर के डबरा थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी विनायक शुक्ला और एचसीएम भूपेंद्र गुर्जर सहित अन्य पुलिसकर्मी तथा पासपोर्ट सेवा केंद्र के कर्मचारी भी शामिल हैं।

फर्जी पासपोर्टों की विस्तृत पड़ताल

अभी तक मध्य प्रदेश के दतिया के डबरा स्थित बौद्ध मठ के पते पर 17, भोपाल के अन्ना नगर स्थित बौद्ध मठ के पते पर 40, बैतूल से 11, छिंदवाड़ा एवं पांढुर्णा जिले से एक-एक फर्जी पासपोर्ट बनाए जाने का मामला सामने आया है। एसटीएफ की जांच में अब तक ऐसे 70 फर्जी पासपोर्ट की पुष्टि हो चुकी है। एसटीएफ ने डबरा के पते पर बने पासपोर्टों की पड़ताल की है। इसमें सामने आया कि सभी के फर्जी तरीके से आधार कार्ड आरोपित रियाल चौधरी ने बनवाए थे। रियाल चौधरी असम के कामरूप जिले का रहने वाला है और अन्य जिलों से बने पासपोर्ट में भी उसकी भूमिका हो सकती है।

संभावित संख्या और आगे की कार्रवाई

मामले में अभी तक चार आरोपितों की गिरफ्तारी की गई है। एसटीएफ की जांच के दायरे में प्रदेश के पांच जिले ग्वालियर, भोपाल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, बैतूल के अलावा दूसरे जिले भी हैं। यहां बौद्ध विहार व आंबेडकर पार्क के पते पर ऐसे कितने लोगों के पासपोर्ट बने हैं, जो कुछ समय पहले ही यहां आए थे, इन सभी के दस्तावेज और पासपोर्ट जांच के दायरे में हैं। जांच अधिकारियों को आशंका है कि जाली दस्तावेजों के आधार पर बने पासपोर्टों की संख्या 200 तक पहुंच सकती है। अभी अन्य पासपोर्ट की जांच जारी है, जो इन्हीं पते पर बने हैं। अभी 100 से ज्यादा पासपोर्ट और हैं, जिनकी जांच चल रही है और ये भी संदिग्ध हैं। नागपुर से पकड़े गए बांग्लादेशी का पासपोर्ट गुजरात के कच्छ के पते पर बना था, इसलिए वहां भी एक टीम भेजी जाएगी। एसटीएफ एसपी राजेश सिंह भदौरिया के अनुसार, सत्यापन प्रक्रिया में शामिल पुलिस अधिकारी, पुलिसकर्मी एवं दूसरे विभागों के सरकारी कर्मचारियों की सूची तैयार की गई है।