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सरकारी दफ्तरों में बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य, मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सरकारी दफ्तरों में बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य करने के निर्देश दिए हैं। मंत्रालय से लेकर जिला स्तर तक सभी कार्यालयों में यह व्यवस्था लागू होगी। वरिष्ठ अधिकारी कर्मचारियों की समयबद्धता और कार्य निष्पादन पर नजर रखेंगे। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत साप्ताहिक शिविरों को त्योहारों के कारण शुक्रवार को आयोजन न होने पर शनिवार को आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए। स्वामित्व योजना, नर्मदा समग्र मिशन और शहरी पेयजल-सीवरेज प्रबंधन पर भी जोर दिया गया। संस्कृति-पर्यटन और गृह विभाग को भी कई विकास और सुधार कार्यों के निर्देश प्राप्त हुए हैं।

79 वर्ष पूरे होते ही मिलेगी 20% अतिरिक्त पेंशन, सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार की उन याचिकाओं को खारिज कर दिया है, जिनमें 79 वर्ष की उम्र पूरी करने पर पेंशनरों को 20 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन देने के प्रावधान को चुनौती दी गई थी। अब पेंशनरों को 79 वर्ष पूरे करते ही यह लाभ मिलेगा। पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने सरकार से सभी पात्र पेंशनरों को एरियर्स सहित यह लाभ लागू करने का अनुरोध किया है। पहले यह लाभ 80 वर्ष की आयु पूरी होने के एक माह बाद मिलता था।

मध्य प्रदेश में जाली पासपोर्ट नेटवर्क का खुलासा, 70 की पुष्टि

मध्य प्रदेश में जाली दस्तावेजों से बांग्लादेशियों के लिए पासपोर्ट बनाने वाले एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। राज्य एसटीएफ ने अब तक चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है और 70 जाली पासपोर्टों की पुष्टि की है। जांच अधिकारियों का अनुमान है कि ऐसे पासपोर्टों की संख्या 200 तक पहुंच सकती है। इस मामले में 15 अधिकारी और पुलिसकर्मी एसटीएफ की रडार पर हैं, जिनमें ग्वालियर के डबरा थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी और अन्य कर्मचारी शामिल हैं। एसटीएफ मध्य प्रदेश के कई जिलों में बौद्ध विहार और आंबेडकर पार्क के पते पर बने पासपोर्टों की जांच कर रही है।

प्रदेश के अधिकारियों-कर्मचारियों को अगले साल फिर मिलेगी पदोन्नति

प्रदेश सरकार एक लाख से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों को इस साल पदोन्नति देने के बाद अगले साल फिर से पदोन्नति की तैयारी कर रही है। इसमें पांच वर्ष की सेवा पूरी करने वाले और वर्ष 2016 से पदोन्नति पर रोक के चलते रुके हुए अधिकारी-कर्मचारी पात्र होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अक्टूबर-नवंबर में विभागीय पदोन्नति समिति की बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए हैं, जिसके लिए पदोन्नति नियमों में संशोधन किया जाएगा। न्यूनतम सेवा अवधि में छूट का प्रविधान कर 31 दिसंबर 2027 तक के प्रत्याशित पदों को भी शामिल किया जाएगा।

मध्य प्रदेश के 7.5 लाख कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 2% बढ़ सकता है

मध्य प्रदेश सरकार लगभग साढ़े सात लाख शासकीय सेवकों के महंगाई भत्ते (DA) में 2 प्रतिशत की वृद्धि की योजना बना रही है, जिससे यह 58% से बढ़कर 60% हो जाएगा। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस फैसले का ऐलान 15 अक्टूबर के बाद हो सकता है और इसे नवंबर के वेतन में जोड़ा जाएगा। यह 2 प्रतिशत डीए 1 जनवरी से लंबित है, जिसके 10 महीने के एरियर का एकमुश्त भुगतान दिवाली पर कर्मचारियों को बड़ा आर्थिक लाभ देगा। इस वृद्धि से राज्य सरकार पर प्रतिमाह 82 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।

हाईकोर्ट ने हेड कांस्टेबलों की पेंशन अंतर पर डीजीपी से मांगा जवाब

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक ही पद पर कार्यरत और एक ही दिन सेवानिवृत्त हुए दो हेड कांस्टेबलों की पेंशन में लगभग तीन गुना अंतर के मामले को गंभीरता से लिया है। न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने डीजीपी और सागर के पेंशन अधिकारी से 30 अक्टूबर तक व्यक्तिगत हलफनामे पर जवाब तलब किया है। याचिकाकर्ता गोपाल कृष्ण गुप्ता की मासिक पेंशन 7,805 रुपये निर्धारित की गई है, जबकि उनके सहकर्मी राजेंद्र प्रसाद मिश्रा को 23,350 रुपये मासिक पेंशन मिल रही है, जिससे 15,545 रुपये का अंतर है। याचिकाकर्ता ने पहले अभ्यावेदन दिया था, जिसका समाधान न होने पर उन्होंने हाई कोर्ट का रुख किया।

मंडला वन विभाग के बाबू के घर EOW का छापा, आय से अधिक संपत्ति का खुलासा

मंडला में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बुधवार को वन विभाग के बाबू श्वेतांक चौरसिया के घर पर आय से अधिक संपत्ति की शिकायत पर छापा मारा। 14 सदस्यीय टीम को प्रारंभिक जांच में 50 लाख रुपये की दुकान, 5 लाख रुपये नकद, चार किलो चांदी, 200 ग्राम सोने के आभूषण और तीन चारपहिया वाहन मिले। श्वेतांक चौरसिया की 20 साल की नौकरी में वैध आय लगभग 50 लाख रुपये आंकी गई है। ईओडब्ल्यू की गुप्त प्रारंभिक जांच में आय से करीब 300 प्रतिशत अधिक संपत्ति पाई गई थी।

पटवारियों की हड़ताल को चुनौती देने वाली जनहित याचिका खारिज

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने पटवारियों की हड़ताल को चुनौती देने वाली जनहित याचिका खारिज कर दी है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने यह फैसला पटवारी संघ द्वारा हड़ताल वापस लेने की जानकारी दिए जाने के बाद सुनाया। यह याचिका नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के पी.जी. नाजपांडे और रजत भार्गव ने दायर की थी। याचिका में चार अगस्त से जारी पटवारियों की हड़ताल से राजस्व कार्यों और आम जनता को हो रही परेशानियों का उल्लेख किया गया था। याचिकाकर्ताओं ने सरकारी कर्मचारियों के हड़ताल के अधिकार पर सवाल उठाते हुए न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग की थी।

सरकारी काम के लिए निजी संसाधन: हाई कोर्ट ने शिक्षकों की ई-अटेंडेंस पर फैसला सुरक्षित रखा

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की ई-अटेंडेंस व्यवस्था पर सुनवाई पूरी हो गई है और फैसला सुरक्षित रख लिया गया है। मुख्य सवाल यह है कि क्या सरकारी काम के लिए कर्मचारियों को निजी मोबाइल और इंटरनेट जैसे संसाधनों का उपयोग करने के लिए बाध्य किया जा सकता है। मैहर जिले के सत्येंद्र सिंह तिवारी की याचिका में शिक्षकों को निजी संसाधन उपयोग करने की मजबूरी और व्यक्तिगत डिजिटल जानकारी के इस्तेमाल का मुद्दा उठाया गया है। कोर्ट के फैसले से ई-अटेंडेंस की जिम्मेदारी और निजी संसाधनों के उपयोग की सीमा स्पष्ट होने की उम्मीद है।

पटवारियों की हड़ताल के खिलाफ मप्र हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर

मध्य प्रदेश में चार अगस्त से चल रही पटवारियों की हड़ताल के खिलाफ मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के पीजी नाजपांडे और रजत भार्गव द्वारा दायर इस याचिका में हड़ताल से आम नागरिकों को हो रही परेशानी और राजस्व कार्यों के प्रभावित होने का हवाला दिया गया है। याचिका में तर्क दिया गया है कि शासकीय कर्मचारियों को जनसेवा से जुड़े दायित्वों के कारण हड़ताल का अधिकार नहीं है। अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय याचिकाकर्ताओं की पैरवी कर रहे हैं और इस पर जल्द सुनवाई की संभावना है।