मंडला में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बुधवार को वन विभाग के बाबू श्वेतांक चौरसिया के घर पर आय से अधिक संपत्ति की शिकायत पर छापा मारा। 14 सदस्यीय टीम को प्रारंभिक जांच में 50 लाख रुपये की दुकान, 5 लाख रुपये नकद, चार किलो चांदी, 200 ग्राम सोने के आभूषण और तीन चारपहिया वाहन मिले। श्वेतांक चौरसिया की 20 साल की नौकरी में वैध आय लगभग 50 लाख रुपये आंकी गई है। ईओडब्ल्यू की गुप्त प्रारंभिक जांच में आय से करीब 300 प्रतिशत अधिक संपत्ति पाई गई थी।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने पटवारियों की हड़ताल को चुनौती देने वाली जनहित याचिका खारिज कर दी है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने यह फैसला पटवारी संघ द्वारा हड़ताल वापस लेने की जानकारी दिए जाने के बाद सुनाया। यह याचिका नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के पी.जी. नाजपांडे और रजत भार्गव ने दायर की थी। याचिका में चार अगस्त से जारी पटवारियों की हड़ताल से राजस्व कार्यों और आम जनता को हो रही परेशानियों का उल्लेख किया गया था। याचिकाकर्ताओं ने सरकारी कर्मचारियों के हड़ताल के अधिकार पर सवाल उठाते हुए न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग की थी।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की ई-अटेंडेंस व्यवस्था पर सुनवाई पूरी हो गई है और फैसला सुरक्षित रख लिया गया है। मुख्य सवाल यह है कि क्या सरकारी काम के लिए कर्मचारियों को निजी मोबाइल और इंटरनेट जैसे संसाधनों का उपयोग करने के लिए बाध्य किया जा सकता है। मैहर जिले के सत्येंद्र सिंह तिवारी की याचिका में शिक्षकों को निजी संसाधन उपयोग करने की मजबूरी और व्यक्तिगत डिजिटल जानकारी के इस्तेमाल का मुद्दा उठाया गया है। कोर्ट के फैसले से ई-अटेंडेंस की जिम्मेदारी और निजी संसाधनों के उपयोग की सीमा स्पष्ट होने की उम्मीद है।
मध्य प्रदेश में चार अगस्त से चल रही पटवारियों की हड़ताल के खिलाफ मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के पीजी नाजपांडे और रजत भार्गव द्वारा दायर इस याचिका में हड़ताल से आम नागरिकों को हो रही परेशानी और राजस्व कार्यों के प्रभावित होने का हवाला दिया गया है। याचिका में तर्क दिया गया है कि शासकीय कर्मचारियों को जनसेवा से जुड़े दायित्वों के कारण हड़ताल का अधिकार नहीं है। अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय याचिकाकर्ताओं की पैरवी कर रहे हैं और इस पर जल्द सुनवाई की संभावना है।
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने एमवाय अस्पताल के बर्खास्त फार्मासिस्ट राकेश गोरखे के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में छापा मारा। EOW टीम को उसकी वैध आय 1 करोड़ 11 लाख 31 हजार 383 रुपए की तुलना में 8 से 10 करोड़ रुपए की संपत्ति मिली। इसमें लक्जरी टाउनशिप में प्लॉट भी शामिल हैं। राकेश गोरखे पर सरकारी दवाओं के स्टॉक में भ्रष्टाचार कर अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। जांच में थाईलैंड यात्रा और विभाग को सूचित न की गई संपत्तियों का भी पता चला है।
ग्वालियर सहित प्रदेशभर के 6500 से अधिक शिक्षकों का वेतन ई-अटेंडेंस दर्ज न होने के कारण रुका हुआ है। महीने के चार दिन बाद भी वेतन खातों में नहीं पहुंचा है और अगले कुछ दिन और देरी की उम्मीद है। लोक शिक्षण विभाग की कार्रवाई के डर और जबलपुर हाई कोर्ट के आदेश के बाद, ब्लॉक स्तर पर गठित समितियां शिक्षकों के आवेदनों की जांच कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही वेतन पत्रक बनेगा और भुगतान किया जाएगा।
मध्य प्रदेश में 10 साल बाद हुई पदोन्नति प्रक्रिया का पहला चरण पूरा होने के बाद, मंत्रालय सेवा अधिकारी-कर्मचारी संघ ने आगामी डीपीसी में अर्हताकारी सेवा नियम में पूर्ण छूट की मांग की है। संघ ने सितंबर 2026 और जनवरी 2027 में प्रस्तावित डीपीसी के लिए यह अनुरोध किया है, ताकि नियमों में विसंगति के कारण प्रभावित हुए अधिकारियों-कर्मचारियों को न्याय मिल सके। संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से असाधारण परिस्थितियों को देखते हुए सभी पात्र अधिकारियों-कर्मचारियों को एक बार के लिए अगली पदोन्नति के विचारण क्षेत्र में शामिल करने का आग्रह किया है।
इंदौर सहित पूरे प्रदेश के पटवारियों ने सोमवार से अपनी लंबित पांच सूत्री मांगों पर सरकार द्वारा निर्णय न होने के कारण अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। पटवारियों ने तहसीलों में बस्ते जमा कर राजस्व संबंधी कार्यों से खुद को अलग कर लिया है, जिससे राजस्व प्रकरणों के निपटारे पर असर पड़ेगा। जिला पटवारी संघ ने 8 जुलाई को मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा था और 15 जुलाई से 2 अगस्त तक विभिन्न चरणों में विरोध प्रदर्शन किए थे, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। पटवारियों की प्रमुख मांगों में कैडर रिव्यू, पदोन्नति, समयमान वेतनमान, नायब तहसीलदार की विभागीय परीक्षा और जज प्रोटेक्शन एक्ट में शामिल करना शामिल हैं।
जबलपुर में मंगलवार को नर्सिंग स्टाफ अपनी लंबित मांगों के समर्थन में दो घंटे का शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेगा। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज की 600 से अधिक नर्सिंग ऑफिसर मेडिकल एंड हेल्थ नर्सिंग एसोसिएशन, मध्य प्रदेश के बैनर तले डीन कार्यालय के सामने काली पट्टी बांधकर धरना देंगी और सांकेतिक कार्य बहिष्कार करेंगी। एसोसिएशन का कहना है कि शासन स्तर पर बार-बार पत्राचार के बावजूद कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। यदि एक माह के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो अगले महीने से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। उनकी प्रमुख मांगों में रिक्त पदों पर नियुक्ति और सातवें वेतनमान का लाभ शामिल है।
रेल मंत्रालय की समीक्षा समितियों ने खराब प्रदर्शन और भ्रष्टाचार के मामलों में संलिप्त अपने पांच ग्रुप ए अधिकारियों को जबरन सेवानिवृत्त करने की सिफारिश की है। इन अधिकारियों में भारतीय रेलवे स्वास्थ्य सेवा के दो वरिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड अधिकारी, भारतीय रेलवे सिविल इंजीनियरिंग सेवा के एक कनिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड अधिकारी, उत्तर रेलवे में भारतीय रेलवे विद्युत अभियंता सेवा के एक अधिकारी और पश्चिमी रेलवे में भारतीय रेलवे यातायात सेवा के एक कनिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड अधिकारी शामिल हैं।