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2025-07-31

मध्य प्रदेश में आफत की बारिश: अब तक 2,900 से ज़्यादा लोगों का रेस्क्यू, कई जिलों में रेड अलर्ट जारी

bulandsochnews Senior News Reporter

लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने मध्य प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। सेना, होमगार्ड और NDRF की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद हालात पर निगरानी बनाए हुए हैं।

By Buland Soch News Desk | 31 जुलाई 2025

मध्य प्रदेश में पिछले तीन दिनों से जारी मूसलधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। 20 से ज़्यादा जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं, जिनमें शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर और रायसेन प्रमुख हैं। अब तक 2,900 से ज़्यादा लोगों को बाढ़ग्रस्त इलाकों से सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आने वाले 2–4 दिनों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।

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तबाही का दायरा बढ़ा, नदियां उफान पर

राज्य के कई हिस्सों में नर्मदा, ताप्ती और चंबल सहित अनेक नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कई पुल, रास्ते और छोटे बांध क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। भोपाल में 33 घंटे में 117.7 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है।

रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी टीमें

राज्य आपदा प्रबंधन बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), पुलिस, होमगार्ड और सेना के जवान युद्धस्तर पर बचाव कार्य में जुटे हैं। गुना जिले में सेना को तैनात किया गया है, जहां एक डैम की दीवार टूटने से हालात बिगड़ गए।

मुख्यमंत्री की सख्त चेतावनी और राहत निर्देश

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य आपदा कंट्रोल रूम पहुंचकर हालात का जायज़ा लिया और अफसरों को चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा—”जनहानि रोकना हमारी पहली प्राथमिकता है, कोई भी अधिकारी लापरवाही न बरते।”

अधिकारियों की छुट्टियाँ रद्द, जिला कलेक्टरों को चौकसी के निर्देश

राज्य सरकार ने सभी जिलों के कलेक्टरों को हाइ-अलर्ट मोड पर रखा है। साथ ही, सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों की छुट्टियाँ रद्द कर दी गई हैं।

जनसहयोग को मिलेगा सम्मान

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि जो नागरिक राहत कार्य में मदद कर रहे हैं, उन्हें 15 अगस्त के कार्यक्रमों में सम्मानित किया जाएगा।

मध्य प्रदेश में अभी भी बारिश का कहर थमा नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक और तेज़ बारिश हो सकती है। ऐसे में सरकारी तंत्र और आम नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय ही इस आपदा को बड़े नुकसान में बदलने से रोक सकता है। Buland Soch News इस हालात पर नज़र बनाए हुए है और आगे भी हर ज़रूरी अपडेट आप तक पहुंचाता रहेगा।