बुलंद सोच, भोपाल।

मध्य प्रदेश में पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI) और सूबेदार के कुल 507 पदों पर भर्ती की जाएगी। कर्मचारी चयन मंडल ने इस भर्ती प्रक्रिया को जारी कर दिया है।
इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन 9 सितंबर से शुरू होंगे और 23 सितंबर तक स्वीकार किए जाएंगे।
भर्ती परीक्षा 28 अक्टूबर से दो पालियों में आयोजित की जाएगी।
कुल पदों में से सर्वाधिक 312 पद उप निरीक्षक (जिला पुलिस बल) के लिए हैं। इसके अतिरिक्त, 81 पद सूबेदार और 69 पद उप निरीक्षक (विशेष सशस्त्र बल) के लिए निर्धारित किए गए हैं। शेष पद आर्म्स, फोटो, फिंगरप्रिंट और अन्य तकनीकी शाखाओं हेतु तय किए गए हैं।
ऑनलाइन आवेदन में संशोधन 28 सितंबर तक किया जा सकेगा।
सूबेदार और सब-इंस्पेक्टर दोनों कैडर के लिए लेवल-9 के तहत 36,200 रुपये से 1,14,800 रुपये का वेतनमान निर्धारित किया गया है। शासन के नियमानुसार अन्य भत्ते और सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी।
आवेदन शुल्क और पात्रता
अनारक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को 500 रुपये परीक्षा शुल्क देना होगा।
मध्य प्रदेश के निवासी ओबीसी, एससी, एसटी और ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों के लिए शुल्क 250 रुपये निर्धारित किया गया है।
कियोस्क के माध्यम से आवेदन करने पर 60 रुपये और अलग से आवेदन करने पर एमपी ऑनलाइन पोर्टल शुल्क 20 रुपये अतिरिक्त लगेगा।
विभागीय उम्मीदवारों के लिए अलग परीक्षा शुल्क तय किया गया है। अनारक्षित विभागीय उम्मीदवारों से 200 रुपये, जबकि एससी, एसटी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस विभागीय उम्मीदवारों से 100 रुपये लिए जाएंगे।
नियम पुस्तिका के अनुसार, उप निरीक्षक (विशेष सशस्त्र बल) पद के लिए केवल पुरुष उम्मीदवार ही आवेदन करने के पात्र होंगे।
अन्य पदों पर महिला अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित आरक्षण का प्रावधान लागू रहेगा।
अभ्यर्थियों को आवेदन करने से पहले अपनी शैक्षणिक योग्यता, आयु, आरक्षण श्रेणी, मूल निवास और अन्य जरूरी दस्तावेजों की पात्रता सुनिश्चित करनी होगी।
दस्तावेज सत्यापन के दौरान निर्धारित प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
गलत जानकारी या पात्रता में कमी पाए जाने पर किसी भी चरण में उम्मीदवारी निरस्त की जा सकती है।

पुलिस विभाग में पदोन्नतियाँ
मध्य प्रदेश के गृह विभाग ने आईजी साइबर सेल को पदोन्नत कर एडीजी बनाया है।
इस पदोन्नति के बाद, आईजी साइबर सेल निरंजन बी वायंगणकर अब एडीजी साइबर सेल होंगे।
इसके अतिरिक्त, पुलिस मुख्यालय की रिव्यू डीपीसी में कार्यवाहक रक्षित निरीक्षक बनाए गए 169 सूबेदार में से केवल 30 सूबेदार ही रक्षित निरीक्षक के पद पर पदोन्नत हो सके हैं।

