बुलंद सोच, रतलाम।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय, रतलाम में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान उस समय स्थिति में बदलाव आया, जब परिजन 68 वर्षीय बीमार वृद्धा को चादर पर लिटाकर जनसुनवाई कक्ष में लाए। वृद्धा की शारीरिक स्थिति ऐसी थी कि वह न तो स्वयं उठ पा रही थीं और न ही बैठ सकती थीं।
उन्हें इस अवस्था में लाया गया देखकर पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने परिजनों से कहा कि वे आवेदन लेकर स्वयं आ सकते थे, और यदि उन्हें पहले सूचना दी जाती तो वे खुद नीचे आकर शिकायत सुन लेते। एसपी ने परिजनों को सलाह दी कि इस अवस्था में वृद्धा को इस तरह तकलीफ देकर लाना उचित नहीं है, और उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाना चाहिए।
इस पर परिजनों ने बताया कि वृद्धा स्वयं पुलिस अधीक्षक से मिलकर अपनी आपबीती और शिकायत बताने की जिद पर अड़ी थीं, इसी वजह से उन्हें इस हालत में लाना पड़ा।
पुलिस ने सुनी शिकायत
इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश पंद्रो ने वृद्धा और उनके परिजनों की शिकायत सुनी। उन्होंने संबंधित थाने को मामले में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
धोखाधड़ी और छल-कपट के आरोप
शिकायती पत्र के अनुसार, औद्योगिक क्षेत्र थाना क्षेत्र के अलकापुरी निवासी 68 वर्षीय पुष्पा देवी (पति स्व. जगदीशचंद्र जी) ने अन्नूबाई चावडा, कालूराम, सुमित चावडा एवं यश शर्मा के विरुद्ध धोखाधड़ी और छल-कपट के आरोप लगाए हैं।
वृद्धा ने बताया कि उनकी कोई संतान नहीं है और उन्होंने घरेलू काम के लिए अन्नूबाई को रखा था। आरोप है कि अन्नूबाई ने उनकी अस्वस्थता का फायदा उठाकर, उन्हें धोखे में रखकर मकान की वसीयत और विक्रय-पत्र अपने नाम करवा लिया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि 22 अप्रैल 2026 को जालसाजी कर 8 लाख 90 हजार रुपए का फर्जी प्रतिफल दर्शाते हुए रजिस्ट्रार कार्यालय में मकान की रजिस्ट्री करा ली गई।
इसके साथ ही, वृद्धा के बैंक खातों से एफडी और जमा राशि के करीब 17 लाख 64 हजार रुपए तुड़वाकर अथवा ट्रांसफर करवाकर धोखाधड़ी किए जाने का आरोप भी लगाया गया है।
मारपीट और धमकी का आरोप
वृद्धा ने शिकायत में बताया कि अगस्त में उनके भतीजे मकान की देखभाल के लिए आए थे। आरोप है कि उस दौरान आरोपितों और करीब 15 से 20 असामाजिक तत्वों ने उनके भतीजे के साथ गाली-गलौज और मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी देते हुए उन्हें घर से बाहर निकाल दिया।
जांच जारी
पुलिस ने शिकायत सुनने के बाद संबंधित थाने को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

