ग्वालियर में साइबर ठगों ने एक बैंक कर्मचारी, कमल किशोर शर्मा, के आधार को लॉक कर ई-सिम जारी करके उसके क्रेडिट कार्ड से 64 हजार रुपये की ठगी की। मई में उन्हें ई-चालान के नाम से एक एपीके फाइल भेजी गई थी, जिसके बाद उन्होंने बैंक खाता ब्लॉक कराया। हालांकि, उनकी पुरानी सिम बंद होने और नई ई-सिम जारी होने के बाद उनके क्रेडिट कार्ड से धोखाधड़ी हुई। बैंक द्वारा नया कार्ड जारी करने के बावजूद, उससे 64 हजार रुपये निकाल लिए गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कोहेफिजा थाना पुलिस ने एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश कर राजस्थान के दो एजेंटों को गिरफ्तार किया है। यह नेटवर्क हमीदिया अस्पताल की एमबीबीएस छात्रा रितु कुमारी से 97,250 रुपये की ठगी की जांच के दौरान सामने आया। गिरोह का मास्टरमाइंड राजस्थान के बाड़मेर से ऑपरेट करता था और ठगी की रकम भोपाल के म्यूल खातों में मंगवाकर एजेंटों के माध्यम से निकाली जाती थी। पुलिस अब मुख्य सरगना और अन्य खाताधारकों की तलाश कर रही है।
ग्वालियर में एक कम पढ़े-लिखे किसान प्रमोद शर्मा के साथ उसके रिश्तेदार कुशल डंडोतिया ने 58 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। कुशल ने किसान के बैंक खाते से अपना मोबाइल नंबर लिंक कर नेट बैंकिंग के जरिए सारी रकम अपने खाते में स्थानांतरित कर ली। यह खुलासा तब हुआ जब किसान पासबुक एंट्री कराने बैंक पहुंचा। किसान के पिता ने 15 साल पहले पैतृक जमीन बेचकर यह रकम प्रमोद के खाते में जमा की थी। महाराजपुरा थाना पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है।
ग्वालियर में अमेरिकी नागरिकों से ठगी के मामले में चार आरोपियों को जेल भेजा गया है। पुलिस ने उनकी जांच में 29 बैंक खाते चिह्नित किए हैं, जिनका उपयोग ठगी की रकम के लेनदेन के लिए होता था। इन खातों से रोजाना 50 हजार रुपये से अधिक का अवैध लेनदेन पाया गया है। पुलिस ने जब्त सात मोबाइलों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है। यह कॉल सेंटर पिछले सप्ताह होटल जैनपथ में पकड़ा गया था, जहां आरोपी अमेरिकी नागरिकों को लोन का झांसा देकर ठगते थे।
भिंड में एक युवक के मोबाइल अपडेट के नाम पर भेजे गए फर्जी लिंक पर क्लिक करने से उसका फोन हैक हो गया और उसके स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के खाते से 28,700 रुपये की अनधिकृत निकासी हो गई। 29 वर्षीय रजत मिश्रा ने 22 जुलाई को लिंक पर क्लिक किया और 24 जुलाई को बैंक में धोखाधड़ी का पता चला, क्योंकि उन्हें कोई एसएमएस नहीं मिला था। पीड़ित ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन और सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात साइबर ठग के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जबलपुर में एक सीमेंट कारोबारी सुनील दुबे के बैंक खाते से सात दिनों के भीतर 1.87 लाख रुपये की साइबर ठगी हुई है। उन्हें इस ठगी का पता तब चला जब वह 17 जुलाई को अपनी पासबुक अपडेट कराने बैंक पहुंचे। 10 से 16 जुलाई के बीच उनके खाते से 1,87,472 रुपये अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए निकाल लिए गए थे। लार्डगंज पुलिस ने अज्ञात आरोपित के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर साइबर टीम की मदद से जांच शुरू कर दी है, जिसमें बैंक लेनदेन और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है।