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2026-10-17

सागर जहरीली शराबकांड: फरार आरोपी शिवांजय राजपूत मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, सागर।

सागर जहरीली शराबकांड के फरार आरोपी शिवांजय राजपूत (21) को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि शिवांजय कठुआ नाला के पास जंगल से अपने गांव छापरी पहुंच रहा है। इसके बाद बांदरी और बहरोल थाने की टीमों ने इलाके की घेराबंदी कर ली। रविवार सुबह लगभग 4 बजे पुलिस और आरोपी का आमना-सामना हुआ। पुलिस द्वारा आत्मसमर्पण के लिए कहे जाने पर शिवांजय ने गोली चला दी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में शिवांजय के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। शिवांजय ने तीन गोलियां चलाई थीं।
पुलिस ने उसके कब्जे से 315 बोर का देशी कट्टा, तीन जिंदा कारतूस, तीन खाली कारतूस, एक मोबाइल और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। फिलहाल, शिवांजय को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बंडा के छापरी गांव का निवासी शिवांजय, शराबकांड के मुख्य आरोपी चंद्रभान सिंह राजपूत उर्फ चंदू का रिश्तेदार है। अवैध शराब सिंडिकेट की आपूर्ति में उसकी बड़ी भूमिका थी। शिवांजय पर विभिन्न थानों में तीन मामले दर्ज हैं और पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 30 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
इससे पहले शुक्रवार को मामले के एक अन्य मुख्य आरोपी रवि लखेरा को भी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया था। उस पर 20 हजार रुपये का इनाम था।

शराबकांड में आरोपियों की भूमिका

जांच में शराब बनाने से लेकर गांवों तक उसकी आपूर्ति करने में कई लोगों की भूमिका सामने आई है। इस मामले में अब तक 33 आरोपी बनाए गए हैं। इनमें से 19 को गिरफ्तार किया जा चुका है। एक आरोपी की मौत हो गई है, जबकि एक अस्पताल में भर्ती है। मनीष लोधी और सिद्धार्थ कुशवाहा सहित 12 आरोपी अभी भी फरार हैं।
रवि लखेरा को शराब बनाने का मास्टरमाइंड बताया गया है। वह मूल रूप से छतरपुर जिले के महोबा का निवासी है और लंबे समय से उत्तर प्रदेश के ललितपुर की गंगापुरम कॉलोनी में रह रहा था। पुलिस के अनुसार, वह एक अंतरराज्यीय शराब तस्कर है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सहित कई थानों में उसके खिलाफ लगभग 25 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से अधिकांश आबकारी अधिनियम से संबंधित हैं। पुलिस ने बताया कि रवि को शराब बनाने और उसमें इस्तेमाल होने वाले सामान की अच्छी जानकारी है, और वह अपनी टीम के माध्यम से नकली शराब तैयार करवाता था।
मनीष लोधी उर्फ यशवंत सिंह बरेठी शराब दुकान का लाइसेंसी ठेकेदार है। उसने रवि से शराब बनाने का तरीका सीखा और लाइसेंसी कारोबार की आड़ में नकली शराब का धंधा शुरू किया। मनीष पर 11 अपराध दर्ज हैं, जिनमें से छह आबकारी अधिनियम से संबंधित हैं। बंडा में सागर रोड पर उसका एक बार भी था, जिसे मामला सामने आने के बाद सील कर दिया गया था।
ततरवारा गांव के निवासी चंद्रभान सिंह राजपूत उर्फ चंदू को पूरे मामले का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। उस पर नकली शराब बनाने और आपूर्ति नेटवर्क चलाने का आरोप है। नकली शराब चंदू के मक्के के खेत में तैयार की गई थी। उसके खिलाफ पांच अपराध दर्ज हैं।
छापरी गांव का निवासी शिवांजय राजपूत आपूर्ति नेटवर्क की मुख्य कड़ी है। वह चंदू का रिश्तेदार है और मनीष लोधी के संपर्क में था। शराब तैयार होने के बाद उसे आसपास के गांवों तक पहुंचाने में शिवांजय की बड़ी भूमिका रही है।

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अवैध शराब निर्माण और आपूर्ति

पुलिस के अनुसार, 2 सितंबर को ततरवारा में चंदू के मक्के के खेत में अवैध शराब तैयार की गई थी। रवि लखेरा और मनीष लोधी ने शराब बनाने का सामान उपलब्ध कराया था। इसके बाद चंदू, शिवांजय और मनीष ने मिलकर लगभग 50 पेटी शराब तैयार की। फिर इसे ‘सागर गोल्ड’ के नाम से आसपास के गांवों में आपूर्ति किया गया।
शराब पीने से लोगों की तबीयत बिगड़ने और मौतों का सिलसिला शुरू होने के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने का प्रयास किया। लगभग 25 पेटी शराब खेत में जला दी गई और शराब बनाने में इस्तेमाल सामग्री को नाले में बहा दिया गया।

अवैध निर्माण पर कार्रवाई

सागर के बंडा में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की गई। नगर पालिका की टीम पुलिस बल के साथ वार्ड नंबर 11 और 12 में पहुंची। मुख्य आरोपी और करणी सेना के संभागीय अध्यक्ष चंद्रभान सिंह राजपूत उर्फ चंदू और आशीष साहू के अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया गया। मनीष लोधी के तीन मकानों के अवैध हिस्से भी ढहा दिए गए।