बुलंद सोच, ग्वालियर।

शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ 11 अक्टूबर से होने जा रहा है। इस दौरान माता वैष्णो देवी के दर्शन हेतु जम्मू-कटरा जाने वाले श्रद्धालुओं के साथ ही हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा देवी, ज्वाला देवी और नैना देवी मंदिर पहुंचने वाले यात्रियों की संख्या में भी वृद्धि होगी।
धार्मिक यात्रा की तैयारियों के बीच रेलवे की प्रमुख ट्रेनों में सीटों की मांग बढ़ गई है। ग्वालियर से जम्मू-कटरा जाने वाली कई ट्रेनों में अभी से ‘नो रूम’ की स्थिति है, जबकि कुछ में स्लीपर और वातानुकूलित श्रेणियों में लंबी प्रतीक्षा सूची चल रही है। ऐसे में यात्रियों के लिए आरक्षित टिकट प्राप्त करना एक चुनौती बन गया है।
नवरात्रि के पहले दिन, 11 अक्टूबर को जम्मू जाने वाली हिमसागर एक्सप्रेस में स्लीपर सहित कई श्रेणियों में ‘नो रूम’ की स्थिति बनी हुई है। इसी दिन झेलम एक्सप्रेस के स्लीपर में 35 और थर्ड एसी में 17 यात्रियों की प्रतीक्षा सूची है। वहीं, मालवा एक्सप्रेस में भी सीटों की उपलब्धता नहीं है। इस स्थिति में पहले दिन माता वैष्णो देवी के दर्शन की योजना बना रहे यात्रियों को आरक्षित बर्थ मिलना कठिन हो सकता है।
12 अक्टूबर को अंडमान एक्सप्रेस के स्लीपर और थर्ड एसी में भी ‘नो रूम’ की स्थिति दर्ज की गई है।
13 अक्टूबर को जबलपुर-कटरा एक्सप्रेस के स्लीपर में जगह उपलब्ध नहीं है, जबकि थर्ड एसी में 26 और सेकंड एसी में छह यात्रियों की प्रतीक्षा सूची है। इसी दिन झेलम एक्सप्रेस के स्लीपर में 21 और थर्ड एसी में 10 यात्रियों की प्रतीक्षा सूची चल रही है। मालवा एक्सप्रेस के स्लीपर में भी बर्थ उपलब्ध नहीं हैं।
15 अक्टूबर को अंडमान एक्सप्रेस में एक बार फिर ‘नो रूम’ की स्थिति है। झेलम एक्सप्रेस के स्लीपर में 29 यात्रियों की प्रतीक्षा सूची चल रही है। नवरात्रि के शुरुआती दिनों में ही ट्रेनों में आरक्षित सीटों की उपलब्धता कम होने से श्रद्धालुओं को अपनी यात्रा की योजना बनाने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
जम्मू-कटरा के लिए सीधी ट्रेन में जगह नहीं मिलने पर दिल्ली के रास्ते यात्रा करने वाले यात्रियों को भी राहत मिलती नहीं दिख रही है। दिल्ली से जम्मू जाने वाली ट्रेनों में भी नवरात्रि के दौरान आरक्षित बर्थ मिलना मुश्किल हो रहा है।
सामान्य आरक्षण में टिकट नहीं मिलने के बाद यात्रियों की उम्मीद तत्काल कोटे पर टिकी है। हालांकि, इस कोटे में भी सीटें सीमित होने के कारण यात्रियों को बुकिंग खुलते ही टिकट लेने का प्रयास करना होगा।
नवरात्रि के दौरान मां शारदा के दर्शन के लिए मैहर जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ने की संभावना है। इसका असर इस मार्ग की ट्रेनों पर भी दिखाई देने लगा है। मैहर जाने वाली महाकौशल एक्सप्रेस में लंबी प्रतीक्षा सूची चल रही है।
ऐसे में धार्मिक स्थलों की यात्रा का कार्यक्रम बना रहे यात्रियों के सामने आरक्षित टिकट की समस्या खड़ी हो गई है। जम्मू-कटरा के साथ मैहर रूट पर भी पहले से आरक्षण कराने वालों को ही सुविधा मिल रही है, जबकि अन्य यात्रियों को तत्काल कोटे में टिकट के लिए प्रयास करना पड़ सकता है।

