ओंकारेश्वर में नर्मदा घाटों पर श्रद्धालुओं से चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का मांधाता पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के 10 सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 45 हजार रुपये नकद, दो सोने के ब्रेसलेट और दो कीपैड मोबाइल सहित कुल 1.02 लाख रुपये का चोरी का सामान बरामद किया। यह गिरोह त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान भीड़ का फायदा उठाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था और लंबे समय से पुलिस को इसकी तलाश थी।
उज्जैन में श्रावण-भाद्रपद मास की पहली महाकालेश्वर सवारी सोमवार को निकाली गई। भगवान महाकाल ने चंद्रमौलेश्वर स्वरूप में नगर भ्रमण किया, जिसमें 3 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। यह सवारी ‘वैदिक उद्घोष’ थीम पर आधारित थी, जिसे कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने दोपहर 3:30 बजे रवाना किया। 5 किलोमीटर लंबे मार्ग पर झांझ-डमरू, भजन मंडलियों और पुष्पवर्षा से उत्सव का माहौल रहा। सुरक्षा के लिए 1200 से अधिक पुलिसकर्मी, 500 से अधिक वालंटियर्स और 5 ड्रोन तैनात किए गए थे। यातायात को सुचारु रखने हेतु विशेष डायवर्जन और पार्किंग प्लान लागू किया गया था।
इंदौर जिला प्रशासन कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए दो विशेष पड़ाव स्थल विकसित कर रहा है। ये पड़ाव स्थल खंडवा रोड पर बाईग्राम और उज्जैन रोड पर सांवेर के ग्राम राजोदा में होंगे। यहां ठहरने, भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी। कलेक्टर शिवम वर्मा ने बाईग्राम स्थित पड़ाव स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। यात्रा मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था और प्रभावी यातायात प्रबंधन के भी निर्देश दिए गए हैं।
उज्जैन पुलिस ने श्रावण मास में महाकाल मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विस्तृत यातायात एवं डायवर्जन प्लान जारी किया है। भारी भीड़, सोमवार सवारी और कावड़ यात्राओं को देखते हुए विशेष व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। इसमें चार पहिया और दो पहिया वाहनों के लिए निर्धारित पार्किंग स्थल, कालभैरव मंदिर जाने के वैकल्पिक मार्ग और सोमवार की सवारी के दौरान होने वाले डायवर्जन की जानकारी शामिल है। पुलिस ने श्रद्धालुओं से प्रतिबंधित मार्गों पर वाहन नहीं ले जाने की अपील की है।
ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में बुधवार से श्रावण-भाद्रपद महापर्व का शुभारंभ होगा। परंपरा अनुसार रात तीन बजे मंदिर के पट खुलेंगे, जिसके बाद श्रावण मास की पहली भस्म आरती संपन्न होगी। यह महापर्व अगले 40 दिनों तक चलेगा, जिसमें 30 जुलाई से 7 सितंबर तक प्रतिदिन दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने का अनुमान है। मंदिर प्रशासन ने कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं, जिसमें प्रतिदिन करीब 19 घंटे दर्शन उपलब्ध होंगे। सामान्य, शीघ्र और वीआईपी दर्शन के लिए अलग-अलग प्रवेश द्वार तथा पाँच आरती में चलायमान दर्शन की व्यवस्था की गई है।
उज्जैन के काल भैरव मंदिर में सावन के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए मुंबई के मनीष पांचाल और समीर पांचाल ने मंदिर समिति को 10 लाख रुपये के बैरिकेड्स दान किए हैं। दानदाताओं ने नकद राशि के बजाय सीधे बैरिकेड्स तैयार करवाकर भेंट किए। बैरिकेड्स की पहली खेप रविवार को उज्जैन पहुंची और विधि-विधान से पूजन के बाद मंदिर समिति को सौंप दी गई। एसडीएम एलएन गर्ग ने बताया कि 100 बैरिकेड्स पहुंच चुके हैं, जबकि 200 बैरिकेड्स की दूसरी खेप अगले 15 दिनों में आएगी, जिससे दर्शन व्यवस्था सुचारु होगी।
उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में दान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए अत्याधुनिक कैरेटोमीटर मशीन स्थापित की गई है। लगभग 15 लाख रुपये की यह मशीन एक्स-रे तकनीक पर आधारित है, जो महज 30 सेकंड में सोना-चांदी की शुद्धता और कैरेट की जानकारी देती है। सहायक प्रशासक सिम्मी यादव के अनुसार, यह आभूषणों को बिना नुकसान पहुंचाए जांच करती है, जिसके बाद तत्काल रसीद जारी की जाती है। इंजीनियर सुशील कुमार गौर ने बताया कि यह एक्स-रे फ्लोरोसेंस (XRF) तकनीक पर काम करती है। श्रद्धालुओं ने इस पहल का स्वागत किया है, जिससे पारदर्शिता बढ़ने और धोखाधड़ी कम होने की उम्मीद है।
डाक विभाग ने सावन माह में भगवान शिव के भक्तों के लिए एक विशेष सुविधा शुरू की है। अब भोपाल के सभी प्रमुख डाकघरों पर गंगोत्री और ऋषिकेश से लाया गया सीलबंद शुद्ध गंगाजल केवल 30 रुपये में मिलेगा। यह सुविधा श्रद्धालुओं को दूर जाने या महंगे दाम चुकाने की आवश्यकता से बचाएगी। विभाग ने गंगाजल की शुद्धता और पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया है। इंस्पेक्टर ऑफ पोस्ट्स दिशा रघुवंशी के अनुसार, प्रदेश के सभी 43 प्रधान डाकघरों में गंगाजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की तैयारी चल रही है। महाकाल मंदिर में कांवड़ियों को सप्ताह में चार दिन वीआईपी जल अर्पण सुविधा भी मिलेगी।