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उज्जैन में नागपंचमी पर नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट 24 घंटे के लिए खुलेंगे, सावन का तीसरा सोमवार भी

उज्जैन में नागपंचमी के अवसर पर श्री महाकालेश्वर मंदिर के शीर्ष स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट 17 अगस्त, सोमवार को 24 घंटे के लिए खोले जाएंगे। इस वर्ष नागपंचमी और सावन का तीसरा सोमवार एक ही दिन पड़ने से एक दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिससे श्रद्धालु भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के साथ बाबा महाकाल की दिव्य सवारी का पुण्य लाभ भी प्राप्त कर सकेंगे। लाखों श्रद्धालुओं की अपेक्षित भीड़ के लिए प्रशासन और मंदिर समिति ने व्यापक व्यवस्थाएं की हैं, जिनमें पार्किंग, प्रसाद वितरण, चिकित्सा सुविधाएँ और व्हीलचेयर सेवाएँ शामिल हैं।

महाकाल मंदिर में शनिवार को भस्म आरती संपन्न, गर्भगृह जयकारों से गूंजा

उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार तड़के परंपरानुसार भस्म आरती संपन्न हुई। सुबह 4 बजे पट खुलने के बाद पंडे-पुजारियों ने देवी-देवताओं का पूजन किया। भगवान महाकाल का पंचामृत से अभिषेक कर उन्हें रजत ॐ, बिल्वपत्र मुकुट और रुद्राक्ष की माला सहित आकर्षक श्रृंगार से सजाया गया। फल और मिष्ठान का भोग लगाने के बाद कपूर आरती हुई और महा निर्वाणी अखाड़े द्वारा भस्म अर्पित की गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया और मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा।

रामेश्वरम से इंदौर तक 2100 किलोमीटर की सबसे लंबी डाक कांवड़ यात्रा

इंदौर के बावड़ी वाले बालाजी मंदिर द्वारा रामेश्वरम से इंदौर तक 2100 किलोमीटर की सबसे लंबी डाक कांवड़ यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इसमें 300 कांवड़ यात्री शामिल होंगे, जो 15 अगस्त से शुरू होकर 21 अगस्त तक इंदौर पहुंचने की संभावना है। यह यात्रा 171 घंटे में पूरी होगी, जिसकी गति 12 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। मंदिर के महंत रामजी महाराज इस यात्रा के प्रेरणा स्रोत हैं, जिसका सिलसिला 2015 से चला आ रहा है।

बाबा महाकाल की पहली सवारी आज उज्जैन में, 1100 वैदिक बटुक करेंगे मंत्रोच्चार

उज्जैन में श्रावण के पहले सोमवार पर बाबा महाकाल की पहली सवारी आज शाम 4 बजे श्री महाकालेश्वर मंदिर से निकलेगी। भगवान चंद्रमौलेश्वर रजत पालकी में नगर भ्रमण करेंगे, जिसका विषय ‘वैदिक उद्घोष’ रखा गया है। रामघाट पर मां शिप्रा के तट पर भगवान का अभिषेक, पूजन और आरती होगी, जहां 1100 वैदिक बटुक मंत्रोच्चार करेंगे। मंदिर समिति अध्यक्ष कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने सवारी मार्ग और व्यवस्थाओं की जानकारी दी। श्रावण और भाद्रपद मास की सभी छह सवारियां विभिन्न आकर्षक थीमों पर आधारित होंगी।

सावन के पहले सोमवार पर ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़

श्रावण मास के पहले सोमवार को ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से आए भक्तों ने मां नर्मदा में स्नान कर भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन किए। उन्होंने परिवार की सुख-समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना की। मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष से गूंज उठा। शाम चार बजे भगवान की पारंपरिक पालकी यात्रा निकलेगी, जिसके लिए रुद्राभिषेक, विशेष श्रृंगार और व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।

उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती में दिव्य श्रृंगार

उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में रविवार तड़के भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का विधि-विधान से पूजन और दिव्य श्रृंगार किया गया। सुबह 4 बजे मंदिर के पट खुलने के बाद पंचामृत अभिषेक हुआ। भगवान महाकाल का त्रिशूल, त्रिपुंड और डमरू के साथ भांग से विशेष श्रृंगार किया गया। महा निर्वाणी अखाड़े ने भस्म अर्पित की, जिसके बाद रजत मुकुट, मुंडमाला और पुष्पों की मालाएं चढ़ाई गईं। बड़ी संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु दर्शनार्थ पहुंचे।