बुलंद सोच, सीधी।

वन विभाग के अधिकारियों और वनकर्मियों को हैरान करते हुए, सूर्या ने एक आक्रामक नर हाथी को शांत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह नर हाथी पिछले कई दिनों से जंगल में गुस्से में था।
बताया गया कि करंट लगने से उसकी साथी मादा हाथी की मौत हो गई थी, जिसके बाद से उसका स्वभाव आक्रामक हो गया था।
यह हाथी गांव की ओर आकर खेतों में लगी फसलों को रौंद रहा था और घरों में तोड़फोड़ कर रहा था, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई थी। इसे नियंत्रित करना वन विभाग के लिए एक चुनौती बन गया था।
सोमवार शाम करीब पांच बजे रेस्क्यू की अंतिम कोशिश शुरू हुई, जिसमें संजय टाइगर रिजर्व के प्रशिक्षित हाथी बापू और चित्रा पहले से ही मौके पर मौजूद थे।
इस अभियान के लिए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से विशेष तौर पर हाथी सूर्या को भी बुलाया गया था।
टीम को देखते ही जंगली हाथी करीब चार किलोमीटर तक जंगल में भागता रहा, वन अमला उसके पीछे लगा रहा, लेकिन वह हाथ नहीं आ रहा था।
इसके बाद टीम ने रणनीति बदली और सूर्या को आगे किया गया। जंगली हाथी ने जैसे ही सूर्या को देखा, वह ठिठक गया और धीरे-धीरे उसके नजदीक आ गया।
कुछ ही देर में दोनों हाथी एक-दूसरे के करीब आ गए और सूर्या की मौजूदगी से गुस्सैल हाथी शांत हो गया, जिससे दोनों की दोस्ती हो गई।
इस दोस्ती ने रेस्क्यू को आसान बना दिया। दोनों हाथियों के एक-दूसरे के करीब रहने का फायदा उठाकर डॉक्टरों की टीम ने मोर्चा संभाला, जो किसी भी अनहोनी से बचने के लिए पहले से तैयार थी।
चिकित्सकों ने सावधानी से औषधि का उपयोग किया और करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद हाथी को नियंत्रित कर पहाड़ से नीचे सुरक्षित स्थान पर लाया गया।
वन अधिकारियों के अनुसार, हाथी को बांधवगढ़ भेज दिया गया है और स्थिति अब सामान्य है।
हाथी महोत्सव पर असर
इस रेस्क्यू अभियान का असर संजय टाइगर रिजर्व के प्रस्तावित हाथी महोत्सव पर भी पड़ा है।
यह छह दिवसीय कैंप 21 से 26 सितंबर तक दुबरी परिक्षेत्र के खैरी झील हाथी कैंप में प्रस्तावित था।
यह कैंप हाथियों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं होता, जहां चारों प्रशिक्षित हाथी बापू, भरत, चित्रा और शांभवी की टस्क ट्रिमिंग, नाखून कटिंग, स्वास्थ्य जांच, ब्लड सैंपल और पौष्टिक आहार की विशेष व्यवस्था की जाती है।
मऊगंज में हाथी की मौत और दूसरे हाथी के आक्रामक होने के बाद संजय टाइगर रिजर्व के बापू और चित्रा को रेस्क्यू में भेजना पड़ा था।
अब ये दोनों हाथी रेस्क्यू के लिए मैहर चले गए हैं, जिसके कारण महोत्सव को फिलहाल स्थगित करना पड़ा है।
संजय टाइगर रिजर्व की चित्रा और बापू इस रेस्क्यू में शामिल रहे और अब मैहर रेस्क्यू टीम का हिस्सा हैं। इनके साथ दो रेंजर भी शामिल रहे।

