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ग्वालियर में झूलेलाल महोत्सव समापन पर भव्य ज्योति यात्रा निकली

ग्वालियर में झूलेलाल महोत्सव का समापन भव्य ज्योति यात्राओं के साथ हुआ, जो माधवगंज और दानाओली मंदिरों से निकलीं। मध्य प्रदेश राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने पूजा-अर्चना कर माधवगंज की यात्रा को रवाना किया। दोनों समारोहों में धार्मिक झांकियां, बैंड-बाजे और सिंधी समाज के युवाओं-महिलाओं की उत्साही भागीदारी दिखी, जिसमें ‘जय झूलेलाल’ के जयकारे गूंजते रहे। पाकिस्तान विभाजन के समय लाई गई पवित्र ज्योति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। महोत्सव का समापन बहिराणा पूजन के साथ हुआ, जिसने सांस्कृतिक परंपरा, एकता और भाईचारे का संदेश दिया।

साथी की मौत से आक्रामक हुए हाथी को सूर्या ने किया शांत, वन विभाग को मिली सफलता

संजय टाइगर रिजर्व में एक नर हाथी साथी की मौत से आक्रामक हो गया था, जिससे ग्रामीणों में दहशत थी और उसे नियंत्रित करना वन विभाग के लिए चुनौती बन गया था। इस स्थिति को संभालने के लिए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से प्रशिक्षित हाथी सूर्या को बुलाया गया। सूर्या की मौजूदगी ने आक्रामक हाथी को शांत कर दिया, जिससे दोनों में दोस्ती हो गई। डॉक्टरों की टीम ने इस अवसर का लाभ उठाते हुए करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद हाथी को नियंत्रित किया और उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाकर बांधवगढ़ भेज दिया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 13वें भारतीय हार्मोनिका महोत्सव का शुभारंभ किया

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में 2 अक्तूबर को 13वें भारतीय हार्मोनिका महोत्सव-2026 का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलन कर इस महोत्सव का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में अनुपम पॉल और 17 वर्षीय हार्मोनिका वादिका सिद्धि सोनी सहित अन्य कलाकारों ने माउथ ऑर्गन की सुरीली प्रस्तुतियां दीं, जिससे श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। मुख्यमंत्री ने संगीत को भारतीय संस्कृति की जीवंत परंपरा बताते हुए कलाकारों के समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि कला जगत प्रधानमंत्री मोदी की “एक भारत – श्रेष्ठ भारत” परिकल्पना को साकार करता है।

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण: गुलाबी पत्थर मथुरा पहुंचे, नौ अगस्त से कारसेवा

मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए भरतपुर के गुलाबी पत्थर पहुंच गए हैं, नौ अगस्त से कारसेवा शुरू होगी। दिल्ली में एलएनजेपी अस्पताल का 1,570 बेड वाला ब्लॉक छह साल की देरी से चल रहा है, जिसकी लागत दोगुनी से अधिक हो गई है और परियोजना जांच के घेरे में है। दिल्ली-एनसीआर में बारिश ने 15 साल का रिकॉर्ड तोड़ा, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की सर्बिया की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर वुसिच से मिले। दिल्ली में 21 दिवसीय उत्तराखंड लोक महोत्सव-2026 का आयोजन होगा।

भोपाल में ब्रिक्स सांस्कृतिक सम्मेलन-2026 का दूसरा दिन: घोषणा पत्र मसौदे पर मंथन

भोपाल में ब्रिक्स सांस्कृतिक सम्मेलन-2026 का गुरुवार को दूसरा दिन है, जिसमें संस्कृति मंत्रियों के घोषणा पत्र के मसौदे और सांस्कृतिक सहयोग के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर मंथन हो रहा है। इनमें विरासत संरक्षण, संग्रहालय, रचनात्मक उद्योग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान शामिल हैं। शाम को रविंद्र भवन में ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव होगा, साथ ही ‘ज्ञान भारतम’ जैसी विशेष प्रदर्शनियां भी लगेंगी। 7 अगस्त को ‘ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव 2026’ और ‘अमृतस्य मध्य प्रदेश’ की प्रस्तुतियां होंगी। 8 अगस्त को तीसरी ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक होगी, जिसके बाद सांची का भ्रमण किया जाएगा।

गुरु पूर्णिमा 2026: खंडवा के दादाजी दरबार में 4 लाख श्रद्धालुओं के लिए 200 से अधिक भंडारे

खंडवा स्थित श्रीधूनीवाले दादाजी दरबार में गुरु पूर्णिमा 2026 पर 28 से 30 जुलाई तक लगभग चार लाख श्रद्धालु अपेक्षित हैं। शहरभर में 200 से अधिक भंडारों में नि:शुल्क भोजन परोसा जाएगा। इस महोत्सव में पूरा शहर मेजबान बनकर सेवा प्रदान करता है, जिसमें हजारों स्वयंसेवक भोजन, पेयजल, चिकित्सा और यातायात व्यवस्था संभालते हैं। लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा संगमरमर का भव्य मंदिर इस बार का आकर्षण होगा। यह सेवा परंपरा 1930 से चली आ रही है।

श्रावण-भाद्रपद में महाकाल मंदिर की व्यवस्थाएं बदलेंगी, प्रतिदिन दो लाख श्रद्धालु संभावित

उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण-भाद्रपद मास के दौरान प्रतिदिन दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इसे देखते हुए 30 जुलाई से 7 सितंबर तक मंदिर की दर्शन व्यवस्था, समय-सारिणी, सुरक्षा, यातायात और प्रवेश व्यवस्था में विशेष बदलाव किए गए हैं। मंदिर के पट रविवार को रात 2:30 बजे और अन्य दिनों में रात 3:00 बजे खुलेंगे। विभिन्न श्रेणियों के दर्शनार्थियों के लिए अलग-अलग प्रवेश मार्ग निर्धारित किए गए हैं। इस दौरान भगवान महाकाल की छह पारंपरिक सवारियां भी निकलेंगी, और प्रत्येक शनिवार को अखिल भारतीय श्रावण महोत्सव का आयोजन होगा।