खंडवा स्थित श्रीधूनीवाले दादाजी दरबार में गुरु पूर्णिमा 2026 पर 28 से 30 जुलाई तक लगभग चार लाख श्रद्धालु अपेक्षित हैं। शहरभर में 200 से अधिक भंडारों में नि:शुल्क भोजन परोसा जाएगा। इस महोत्सव में पूरा शहर मेजबान बनकर सेवा प्रदान करता है, जिसमें हजारों स्वयंसेवक भोजन, पेयजल, चिकित्सा और यातायात व्यवस्था संभालते हैं। लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा संगमरमर का भव्य मंदिर इस बार का आकर्षण होगा। यह सेवा परंपरा 1930 से चली आ रही है।
उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण-भाद्रपद मास के दौरान प्रतिदिन दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इसे देखते हुए 30 जुलाई से 7 सितंबर तक मंदिर की दर्शन व्यवस्था, समय-सारिणी, सुरक्षा, यातायात और प्रवेश व्यवस्था में विशेष बदलाव किए गए हैं। मंदिर के पट रविवार को रात 2:30 बजे और अन्य दिनों में रात 3:00 बजे खुलेंगे। विभिन्न श्रेणियों के दर्शनार्थियों के लिए अलग-अलग प्रवेश मार्ग निर्धारित किए गए हैं। इस दौरान भगवान महाकाल की छह पारंपरिक सवारियां भी निकलेंगी, और प्रत्येक शनिवार को अखिल भारतीय श्रावण महोत्सव का आयोजन होगा।