जबलपुर हाई कोर्ट ने धोखाधड़ी और जालसाजी के एक मामले में ट्रायल कोर्ट की दोषसिद्धि को बरकरार रखा है। न्यायमूर्ति बीपी शर्मा की एकलपीठ ने अपीलकर्ता हर प्रसाद यादव की वृद्धावस्था को ध्यान में रखते हुए उनकी कारावास की सजा को घटाकर तीन वर्ष कर दिया। साथ ही, पीड़ितों को मुआवजा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जुर्माने की राशि में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। यादव पर टीकमगढ़ में अपनी एक ही जमीन को दो बार बेचने का आरोप था, जिसे कोर्ट ने सुनियोजित धोखाधड़ी माना।